आखिर अर्जुन का पुत्र क्यों पूजा जाने लगा भगवान के रूप में

arjun ke putra ki vichitra kahani, arjun ke putra arawan ki kahani, mahabharat ke ese patra jinki pooja hoti hai, महाभारत के ऐसे पात्र जिनकी पूजा होती है, महाभारत की रोचक कथाये

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महाभारत की एक अनसुनी कथा 

हमारे हिन्दू धर्म में देवी-देवताओ को पूजने की मान्यता है. जैसे महादेव शिव को असुरो एवं देवो दोनों के देव के रूप में जाना एवं पूजा जाता है. वही भगवान श्री कृष्ण को प्रेम एवं धर्म के देव के रूप में पूजा जाता है.

परन्तु क्या आप जानते है की महाभारत के प्रसिद्ध पात्र अर्जुन के पुत्र को भी भगवान के रूप में पूजा जाता है, आज हम आपको महाभारत के एक विचित्र कथा के रूप में बताने जा रहे है जिसमे हम आपको बताएंगे की आखिर अर्जुन के उस पुत्र का क्या नाम था और कौन उन्हें पूजते है.

महाभारत के इस कथा के अनुसार एक बार अर्जुन को द्रोपदी के साथ विवाह की एक शर्त का उल्लंघन करने के कारण एक वर्ष के लिए इंद्रप्रस्थ से निष्कासित करा दिया.

राज्य से एक वर्ष के लिए निष्कासित होने के पश्चात अर्जुन उत्तर-पूर्व भारत की ओर बढे. वहां उनकी भेट एक विधवा राजकुमारी नागिन से हुई .

अर्जुन उस नाग कन्या पर आकर्षित हो जाते है तथा दोनों एक दूसरे से विवाह कर लेते है. विवाह के कुछ समय पश्चात अर्जुन एवं उलूपी का एक पुत्र हुआ जिसका नाम उन्होंने अरावन रखा.