भगवान श्री कृष्ण तथा उनके परम मित्र सुदामा दोनों अपनी मित्रता के लिए शास्त्रों में जाने जाते है. सरल तथा शांत स्वभाव वाले भगवान श्री कृष्ण के ह्रदय में गोकुलवासी सुदामा ने अपनी एक अलग सी छवि बनाई थी जिसे आज भी दुनिया मित्रता के प्रतिरूप में याद करती है.

परन्तु वाही भगवान श्री कृष्ण के मित्र सुदामा का एक ऐसा रूप भी था जिसका स्वयं महादेव शिव ने वध किया था. माना इस तथ्य पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है परन्तु हिन्दू धर्म के पुराणों की कथा के अनुसार यह सच उभर कर आता है.

आखिर क्यों भगवान शिव को भगवान श्री कृष्ण के मित्र सुदामा का वध करना पड़ा आइये जानते है इस कथा के माध्यम से.

स्वर्ग के विशेष भाग गोलोक में सुदामा और विराजा नाम की एक कन्या निवास करती थी. विराजा को भगवान श्री कृष्ण से प्रेम था परन्तु सुदामा विराजा से प्रेम करने लगे.

एक बार विराजा भगवान श्री कृष्ण के आकर्षण में उनके पास चली गई, विराजा तथा भगवान श्री कृष्ण को राधा जी जब एक साथ देखा तो क्रोध में उन्होंने विराजा को श्राप दे दिया की वह गोलोक से पृथ्वीलोक में निवास करेगी. किसी कारणवश सुदामा को भी एक श्राप के कारण पृथ्वीलोक में जन्म लेना पड़ा.

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