इस कारण से मिलता है किन्नर रूप में जन्म, शास्त्रो में किन्नरो से जुड़ा विचित्र रहस्य !

किन्नर होते तो हमारे जैसे ही परन्तु उनकी शारीरक बनावट कुछ इस प्रकार की होती है की समाज में उन्हें तिरछी नजरो से देखा जाता है. हमारे समाज में इन्हें उचित मान समान तो नहीं दिया जाता परन्तु हर सुख के कार्यो में इन्हें जरूर बुलाया जाता है.

इनके शरीरिक बनावट के कारण कितने ही लोग द्वारा इनका मजाक बनाया जाता है. परन्तु क्या आप जानते है की शास्त्रो के अनुसार किन्नरो को साक्षात् भगवान का आशीर्वाद माना गया है.

ये लोग जिस व्यक्ति पर खुश हो जाए अथवा जिनको ये अपना आशीर्वाद देदे उनकी सोई हुई किस्मत जाग जाती है.

फिर भी कहि न कहि आपके मन में यह सवाल उठता होगा की आखिर क्यों किन्नर मनुष्य के रूप में धरती में जन्म लेते है. आइये आज हम आपको किन्नरो से जुड़े इन रहस्यो के बारे में बताते है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि जब किसी की कुंडली में आठवे घर में शुक्र और शनि मौजूद हो व इन्हें गुरु व चंद्र नही देख रहे हो वह व्यक्ति नपुंसक हो जाता है.

कुंडली के जिस ग्रह में शुक्र बैठा हो या उसके आठवे व छठे ग्रह में शनि बैठा हो तो व्यक्ति में प्रजनन की क्षमता कम हो जाती है. अगर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो इससे बचा जा सकता है.

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