गुरुवार को भगवान् बृहस्पति देव की पूजा की जाती है इस दिन पूजा करने से धन विद्या संतान की प्राप्ति होती है गृह क्लेश दूर होते है परिवार में सुख शांति का आगमन होता है.

बृहस्पतिदेव माँ लक्ष्मी के साथ विराजमान है इसीलिए इन्हें लक्ष्मीनारायण भी कहा जाता है.

आज के दिन पूजा करने से आप पर भगवान विष्णु जी खुश होते है.

पूजा सामग्री.

१. पीला आसान विष्णु भगवान् की प्रतिमा स्थापित करने के लिए.

२. चने की दाल ,गुड़, हल्दी , पीले चावल

३. पीले पुष्प की माला, तुलसी,घी

४. एक लोटा,और एक थाली जिसमे हल्दी ,चावल, गुड़, चने की दाल पानी में धुली हुई , पुष्पों की माला, सजा दे.

-पूजा विधि-

बृहस्पतिवार को जो स्त्री अथवा पुरुष व्रत करें उनको चाहिए कि वह एक ही समय भजन करें.परंतु केला नहीं खाएं क्योंकि इस दिन बृहस्पति देव जी और केलें के पेड़ का पूजन होता है. और नमक नहीं खाएं इस व्रत में नमक खाना पाप माना जाता है.सिर्फ मीठा और पीला भोजन करें

आज के दिन विष्णु भगवान् की पूजा केलें के पेड़ के पास बैठ कर की जाती है. पूजा करने के लिए सूर्योउदय से पहले उठकर स्नान करे फिर साफ़ और स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें.

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