गणपति महाराज विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता के नाम से जाने जाते हैं.

गणपति सारे देवताओं में प्रथम पूज्य मानें जाते हैं. हर बड़े कार्य की शुरुआत गणपति के नाम और पूजन से की जाती है.

शास्त्रों में गणपति को हर रूप में शुभ और फलदायक बताया गया है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार ही गणपति के कुछ अंगो के दर्शन को वर्जित माना गया है.

गणपति के हर अंग का विशेष महत्व है, उनके अलग-अलग अंगों के दर्शन के अलग-अलग लाभ भी बताए गए हैं.

अगर गणपति के इन अंगों के दर्शन किए जाएं तो बनते कार्य में बाधा आ सकती है और जीवन में कई तरह की कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ सकता है.

आइये जानते हैं गणपति के अंगों दर्शन जो शास्त्रों में वर्जित है – और क्यों ?

गणपति के अंगों दर्शन जो शास्त्रों में वर्जित है –

1 – पीठ

गणपति के पीठ का दर्शन कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि गणपति के पीठ में दरिद्रता का वास होता है. पीठ के दर्शन से जीवन में दरिद्रता और आर्थिक तंगी आती है.

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