वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैदिक पंचांगम के महूर्त प्रणाली में इंगित चार सर्वाधिक शुभ दिनों में से यह एक मानी गई है।

जिसका कभी क्षय न हो’ अर्थात जो कभी नष्ट न हो। धर्म की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने अनेक अवतार लिए हैं, जिसमें नर-नारायण, हयग्रीव और परशुराम के तीन पवित्र अवतार अक्षय तृतीया को उदय हुए थे।

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