महापंडित रावण ने सिर्फ पुत्र मेघनाथ को बताये 3 गुप्त बात जिसने इसे जाना, बना असीमित शक्तियों का मालिक

राजाधिराज लंकाधिपति महाराज रावण को दशानन भी कहते हैं, कहते हैं कि रावण लंका का तमिल राजा था, सभी ग्रंथों को छोड़कर वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण महाकाव्य में रावण का सबसे ‘प्रामाणिक‘ इतिहास मिलता है।

रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का मर्मज्ञ होने के साथ-साथ ब्रह्म ज्ञानी तथा बहु-विद्याओं का जानकार था। उसे मायावी इसलिए कहा जाता था कि वह इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू जानता था। उसके पास एक ऐसा विमान था, जो अन्य किसी के पास नहीं था। इस सभी के कारण सभी उससे भयभीत रहते थे।