भारतीय शास्त्रों में महामृत्युंजय तथा गायत्री मंत्र दोनों को ही परम शक्तिशाली माना जाता है। इन दोनों मंत्रों को मिलाकर ‘मृत संजीवनी विद्या’ की रचना की गई है।

मृत संजीवनी विद्या (मंत्र) के प्रयोग से मृत व्यक्ति को भी जीवित किया जा सकता है, बड़े से बड़े रोग से भी मुक्ति पाई जा सकती है।

ऐसे करे पूजा

किसी भी शुक्ल पक्ष के सोमवार की सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान शिव की आराधना करें तथा इस मंत्र का 108 बार जप करें।
इस प्रयोग से बड़ी से बड़ी बीमारी भी सहज ही ठीक हो जाती है।

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