शास्त्रों में कहा गया है कि एक पेड़ दस पुत्रों के समान होता है। पेड़-पौधे घर की सुंदरता के साथ-साथ घर की सुख-शांति के प्रतीक भी माने जाते हैं। कुछ पेड़-पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें घर में लगाने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। शमी का वृक्ष घर के ईशान कोण (उत्तर पूर्व ) में लगाना लाभकारी माना गया है क्योंकि शमी वृक्ष तेजस्विता एवं दृढता का प्रतीक है।

इसमें प्राकृतिक तौर पर अगि्न तत्व की प्रचुरता होती है इसलिए इसे यज्ञ में अग्नि को प्रज्जवलित करने हेतु शमी की लकड़ी के विभिन्न उपकरणों का निर्माण किया जाता है। आयुर्वेदिक दृष्टि में तो यह अत्यंत गुणकारी औषधि मानी गई है।

धार्मिक मान्यताओं में शमी का वृक्ष बड़ा ही मंगलकारी माना गया है। लंका पर विजयी होने के पश्चात श्री राम ने शमी पूजन किया था। नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा का पूजन शमी वृक्ष के पत्तों से करने का शास्त्रों में विधान है। गणेश जी और शनिदेव दोनों को ही शमी बहुत प्रिय है। शमी के पेड़ की पूजा करने से शनि देव और भगवान गणेश दोनों की ही कृपा प्राप्त की जा सकती है।

इस पौधे में भगवान शिव स्वयं वास करते हैं जो गणेश जी के पिता और शनिदेव के गुरू हैं। शमी पत्र के उपाय करने से घर-परिवार से अशांति को दूर भगाया जा सकता है।

1 शमी वृक्ष की जड़ को विधि-विधान पूर्वक घर लेकर आएं। उसे घर में रोपित कर नित्य उसका पूजन करें। ऐसा करने से गणेश जी आएंगे घर के आर और शनिदेव जाएंगे घर से पार।

2 भगवान गणेश को शमी अर्पित करे और इसके उपरांत मोदक और दुर्वा का भोग लगाएं और आरती करें।

3 शमी के पौधे की जड़ को काले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें। ऐसा करने से शनिदेव से संबंधित जीवन में जितने भी विकार हैं उनका शीघ्र ही निवारण होगा।

4 गणेश पूजन करते समय शमी के कुछ पत्ते गणेश जी को अर्पित करने से घर में धन एवं सुख की वृद्धि होती है।

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