जीवन के एक मोड़ पर आकर हम सभी के साथ ऐसा होता है कि कोई काम नहीं बनता। जिस काम को हाथ लगाओ वह रुक जाता है या फिर उसमें सफलता हासिल नहीं होती। कोई नया व्यापार चलाएं या नौकरी बदलें, दोनों में असफलता ही हाथ लगती है। ऐसा लगता है मानो भाग्य ने साथ छोड़ दिया हो।

केवल कामपेशा लोग ही नहीं, विद्यार्थी और घरेलू लोगों को भी अपने भाग्य के कमजोर होने का एहसास कभी ना कभी होता जरूर है। ऐसे में कुछ लोग तो धैर्य बनाए रखते हैं और इंतजार करते हैं बुरा वक्त गुजरने का।

लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें कुछ भी करके इस अभाग्य से संघर्ष करना है और इसे दूर करने का हर संभव प्रयत्न करना है। अगर आप उन लोगों में से हैं तो चलिए आपको शास्त्रों द्वारा प्रदान किए गए एक उपाय से परिचित कराते हैं जो बेहद सरल है किंतु इसका प्रभाव लाजवाब है।

loading...
Loading...
Loading...