यदि घर में इस तरह रखा है झाड़ू तो हो जाये सावधान बरसेगा माँ लक्ष्मी का गुस्सा

आमतौर पर लोग घरों में सुख-शान्ति और समृद्धि के पाने के लिए देवी- देवताओं की अनेक मूर्तियां और तस्वीरें लगाते हैं। दरअसल देवी देवताओं की मूर्त‌ियां घर में क‌िस रूप में है और कहां पर लगानी चाहिए इस बात का असर घर की सुख-समृद्ध‌ि पर होता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में मूर्तियों को रखने के कुछ नियम बताए गए हैं, अगर हम इसका पालन करते हैं तो जीवन में हमेशा सुखी रहेंगे।

वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार घर में देवी देवताओं की खड़ी प्रत‌िमा की बजाय आसान पर व‌िराजमान मूर्त‌ियां अध‌िक शुभ और लाभ प्रदान करने वाली होती है।

पूजा पाठ के दौरान सबसे पहले देवी-देवताओं को आवाहन करके उन्हें आसान द‌िया जाता है और पूजा स्थान पर व‌िराजमान क‌िया जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है क‌ि देवी-देवता घर में वास करें। खड़े देवी-देवता इस बात का संकेत क‌ि वह व‌िराजमान नहीं है वह व‌िदा हो रहे हैं इसल‌िए खड़े देवी-देवताओं की जगह बैठे देवी-देवताओं को शुभ माना जाता है।

वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार घर में देवी लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कुबेर की मूर्त‌ि कभी खड़ी नहीं होनी चाह‌िए। इनका बैठा होना हमेशा शुभ और लाभदायक होता है।

राधा कृष्‍ण और भगवान राम कई मूर्त‌ियों में खड़े द‌िखते हैं लेक‌िन पूजा स्‍थान में लड्डू गोपाल का व‌िशेष महत्व होता है क्योंक‌ि यह बैठे होते हैं।

जिसने भी गले में धारण कर ली ये एक चीज़ कोई बाल भी बाक़ा नहीं करेगा आपका

मंगलवार का दिन हनुमान जी का होता है इस दिन हनुमान जी से जुड़ा कोई भी उपाय अति शीघ्र फल देता है . ऐसा इसलिए क्योकि कलयुग में भी हनुमान जी श्शरीर मौजूद है. माता सीता के द्वारा दिए एक वरदान के कारण हनुमान आज भी पृथ्वी पर विचरण करते है और अपने भक्तो के दुःख दूर करते है.

दोस्तों हनुमान जी की कृपा जिस व्यक्ति पर हो जाए उस व्यक्ति का कोई भी बाल बांका नहीं कर सकता.शत्रु ही नहीं मृत्यु भी उस व्यक्ति के पास नहीं भटकती है.

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है एक ऐसी ही रक्षा कवच की जिसमे सक्षात हनुमान जी का वास है. इस रक्षा कवच को गले में धारण करने से ही व्यक्ति की सारी परेशानी समाप्त हो जाती है तथा अपने आप ही उसको हर कार्यो में सफलता प्राप्त होने लगती है.हनुमान जी के इस रक्षा कवच की विशेषता इतनी अधिक है की पुराण में भी यह वर्णित है भगवान श्री राम ने रावण को इसी रक्षा कवच की सहायता से पराजित किया था.

हनुमान जी का यह रक्षा अपने आप में भगवान की शक्ति रखता है जिससे हर परेशानी को खत्म किया जा सकता है. हनुमान भक्त इस कवच की अद्भुत शक्ति को जानते है .

इस कवच को पहनने से भुत, प्रेत, चांडाल, व बुरी आत्माओ से भी हमे बचता है. टोना टोटका, काला जादू तो इसके आगे पराजित हो जाते है. दोस्तों इस कवच को आप मंगलवार की रात या किसी भी समय भगवान श्री राम का 3 बार नाम लेकर धारण करे . आप इस को पहनने के साथ ही अपने आप में एक अद्भुत शक्ति का अहसास करने लगेंगे.

आप की सारी चिंता परेशानी हमेसा के लिए छू मन्त्र हो जायेगी. दोस्तों जैसा की आप जानते है भगवान श्री राम का नाम हनुमान जी हमेसा जपते रहते थे. राम नाम ही हनुमान जी की असली शक्ति थी. इसी तरह इस रक्षा कवच को ऊर्जा प्रदान करने के लिए आप भगवान श्री राम का 3 बार नाम लेकर इसे धारण करना है.

तथा इसका प्रभाव आपको इसके पहनने के बाद ही दिखने को मिल जाएगा. जब भी आप किसी भारी मुसीबत में घिरे हो तो भगवान श्री राम का नाम ३ बार लेकर इस रक्षा कवच को अपने माथे में लगा दे या फिर किसी महत्वपूर्ण काम अथवा परीक्षा में जाना हो तो यही क्रिया करे आपको आपके हर कार्य में सफलता मिलेगी.

हनुमान जी के इस रक्षा कवच को हमारे विद्वान पंडितो द्वारा मंत्रो से सिद्ध किया है . जिस कारण इसका फल दोगुना हो जाता है.

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काल तो क्या मृत्यु भी डरेगी पास आने से खुद महादेव होंगे साथ बस गले में पहले ले इसे

दोस्तों आज जिस चीज़ के बारे में हम बात करने वाले है वह साक्षात् महादेव शिव का स्वरूप है. महादेव शिव को देवो का देव कहा गया है तथा जिस पर उनकी कृपा हो जाती है स्वयं मृत्यु भी उसके पास नहीं भटकती. भगवान शिव का ही एक रूप यानी उनसे ही उत्तपन्न हुआ पंचमुखी रुद्राक्ष आपके हर दुःख, परेशानी तथा बिमारी का काल है. जिसके पास भी पंचमुखी रुद्राक्ष होता है उसके साथ खुद महादेव शिव होते है तथा खुद मृत्यु भी ऐसे व्यक्ति को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा सकती .

इस पंचमुखी रुद्राक्ष की खासियत यह होती है की इसमें एक अनोखे तरह का स्पदंन होता है। जो आपके लिए आप की ऊर्जा का एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे बाहरी ऊर्जाएं तोड़ नहीं पाती. यह कवच उन बुरी उर्जाओ को नष्ट कर देता है. यह आपके आस पास देवीय सकरात्मक ऊर्जा का निर्माण करती है जो आपको आपके हर काम में सफलता दिलाता है. चाहे वह व्यापार हो, नौकरी हो या परीक्षा व्यक्ति हर जगह सफलता के झंडे गाड़ने लगता है. पंचमुखी रुद्राक्ष की माला में ऐसी दिव्य ऊर्जा होती है की इसको धारण करने वाले व्यक्ति को कभी कोई बीमारी छू नहीं सकती तथा जो व्यक्ति बीमार हो यदि वह इस माला को धारण करे तो उसे शीघ्र उस बिमारी से छुटकारा मिलता है. इसके आलावा यह व्यक्ति को गाडी की दुर्घटना से भी बचाता है. रुद्राक्ष नकारात्मक ऊर्जा के बचने के एक असरदार कवच की तरह काम करता है। कुछ लोग नकारात्मक शक्ति का इस्तेमाल करके दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं तो यह ऐसी नकारात्मक शक्तियों को शीघ्र अनुभव कर उसका तुरंत काट करता है और उसे खत्म कर देता है . पंच मुखी रुद्राक्ष माला को धारण करने से काला जादू, भुत प्रेत आदि बुरी शक्तिया आप को छू नहीं पाती है.

ना केवल हमारे हिन्दू धर्म में बल्कि विज्ञान ने भी इसके लाभ का खुद प्रमाण दिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार पंचमुखी रुद्राक्ष में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुणों के कारण अद्भुत शक्ति होती है। इसकी औषधीय क्षमता विद्युत चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है। रुद्राक्ष के विद्युत चुंबकीय क्षेत्र एवं तेज गति की कंपन आवृत्ति स्पंदन से वैज्ञानिक भी आश्चर्य चकित हैं। पंचमुखी रुद्राक्ष माला को गले में धारण करने से चिंता और तनाव से संबंधी परेशानियों में कमी आती है, उत्साह और ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह रक्तचाप एवं दिल से संबंधित बीमार जैसे हृदयचाप इत्यादि बीमारियों में फयादा देता है. यह व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है.

पंचमुख रुद्राक्ष को वैसे तो आप किसी भी शुभ दिन धारण कर सकते है परन्तु यदि इसे सोमवार के दिन धारण किया जाये तो यह अति उत्तम माना जाता है. सोमवार के दिन आप सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर अपने घर के मंदिर में भगवान शिव का स्मरण करे. इसके बाद आप पूजा पाठ आदि कर रुद्राक्ष माला को अपने हाथ में लेकर इस मंत्र ॐ ह्रीं नमः। का 108 बार जप करे. मन्त्र जाप पूरा होने के पश्चात आप इस माला को अपने गले में धारण कर ले.

पंचमुखी रुद्राक्ष सर्वगुणों से संपन्न है इसके धारण करने से संतान एवं धन सुख प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष सभी रुद्राक्षों में सर्वाधिक शुभ तथा पुण्य प्रदान करनेवाला माना गया है। दोस्तों यदि आप पंचमुखी रुद्राक्ष खरीदना चाहते है तो आप निचे दिए लिंक में जाकर इसे अपने घर मंगवा सकते है.

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चंद्र ग्रहण आज की रात तुलसी के निचे रखें 5 रुपय का सिक्का फिर देखें चमत्कार

साल 2018 का पहला चंद्रग्रहण 31 जनवरी बुधवार को है। इस दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए आइए जानते हैं। ग्रहण काल के दौरान आलस्य ना करें। ग्रहण काल से पहले स्नान कर लें। इसमें ध्यान, पूजा उपासना और मंत्र जप विशेष शुभ होता है।

आज इस साल का पहला चंद्र ग्रहण हो रहा है। इस चंद्र ग्रहण पर पुष्यकाल का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रहण के दौरान ब्रह्माण्ड में ऊर्जा की कमी की वजह से हर कोई प्रभावित होता ही है। ऐसे में हर किसी को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ग्रहण में आपको क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए आइए जानते हैं। ग्रहण काल के दौरान आलस्य ना करें।

ग्रहण काल से पहले स्नान कर लें। इसमें ध्यान, पूजा उपासना और मंत्र जप विशेष शुभ होता है। अगर आप बीमार नहीं है तो ग्रहण काल में भोजन और भौतिक कार्य ना करें। गर्भवती महिलाओं को ग्रहणकाल में सोना नहीं चाहिए। चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के घर से बाहर निकलने को भी सही नहीं माना जाता है। ऐसे में इस समय भगवान का भजन-कीर्तन करना चाहिए और मंत्रों का उच्चारण किया जाता है और मन में किसी भी तरह का शक-संदेह नहीं रखना चाहिए।

आज का चंद्र ग्रहण इन 3 राशिओ का शुरू होगा बुरा समय

नई दिल्ली: चंद्र ग्रहण ( Lunar Eclipse) साल 2018 का पहला ग्रहण है. इसे लेकर देश भर में उत्सुकता है. कई लोग इससे जुड़ी अच्छी-बुरी बातों को जांचने-परखने में लगे हैं, वहीं आज आए भूकंप (Earthquake) की वजह से यह और भी सुर्खियों में आ गया है. जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तब वह चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की किरणों को रोकती है और उसमें अपनी छाया बनाती है. इस घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है. इसे ब्लड मून (Blood Moon) भी कहा जाता है. चंद्र ग्रहण के मौके पर पढ़े जाने वाले कई मंत्र भी हैं और मान्यताएं भी हैं. जिन्हें समय-समय पर सिनेमा में दिखाया जाता रहा है. लेकिन अब कुछ मंत्रों को लेकर जिज्ञासा बढ़ गई है.

आज का चंद्र ग्रहण अगले 30 दिन इन 4 राशिओ पर होगी खतरे की घंटी

31 जनवरी को चंद्रग्रहण है। माघ शुक्ल पूर्णिमा पर होने वाला यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जो भारत सहित यह उत्तर पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर पश्चिम अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, उत्तर पश्चिम साउध अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक, हिन्द महासागर, आर्कटिक, अंटार्कटिका में दिखाई देगा। जो भारतीय समय अनुसार शाम को लगभग 5 बजकर 55 मिनट पर शुरू होकर रात लगभग 8 बजकर 40 पर खत्म होगा। इस तरह ग्रहण काल कुल 2 घंटे 45 मिनट का रहेगा। पूर्वी भारत, असम, नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम तथा बंगाल के पूर्वी क्षेत्र में ग्रहण प्रारंभ होने के पहले ही चंद्रोदय हो जाएगा। इसलिए इन प्रदेशोें में खग्रास रूप में चंद्रग्रहण पूरा दिखाई देगा।

इसका अशुभ असर अगले 30 दिनों तक मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों पर रहेगा। वहीं अन्य 3 राशियां इसके अशुभ असर से बच जाएंगी।

जानिए 3 राशियों का सामान्य फल –

मेष -मेष राशि वाले लोग इस ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बच जाएंगे। आपको जॉब और बिजनेस में सफलता मिल सकती है। नौकरी में तरक्की और बिजनेस में बड़े फायदे होने की संभावना है।

वृष -इस ग्रहण का अशुभ असर वृष राशि वालों पर नहीं रहेगा। इसलिए ये ग्रहण शुभ कहा जा सकता है। ग्रहण के दौरान आपको अचानक फायदा हो सकता है। साथ काम करने वालों या अासपास के लोगों से मदद मिलती रहेगी। नौकरीपेशा और बिजनेस करने वाले लोगों के लिए दिन ठीक है।

कन्या – ग्रहण का अशुभ असर इस राशि पर नहीं होगा। सितारों का साथ मिलेगा। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। साहस और पराक्रम में वृद्धि हो सकती है। फैमेली के साथ समय बीतेगा। छोटी दूरी की यात्रा हो सकती है।

क्या दान करें इस ग्रहण पर -चावल , आटा , दाल , वस्त्र , फल इत्यादि का दान सर्वोत्तम

आज बस 5 तुलसी से करे ये काम माँ लक्ष्मी सब छोड़ आपके घर लगेगी रहने

हर व्यक्ति की जिंगी में वास्तुशास्‍त्र काफी मायने रखता है। घर और चीजों का वास्तु सही हो तो उस व्यक्ति के दिन चमकने लग जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी भी गलती उसका भविष्य तक बिगाड़ देती है। जितनी अहमियत घर के वास्तु का होता है, उतना ही महत्व घर में रखी चीजों का भी होता है। कुछ ऐसी चीजें भी होती है, जिसे हम कहीं पर भी रख देते हैं और बाद में उसका नकारात्मक परिणाम भुगतना पड़ता हैं।

घर के वास्तुदोष को दूर करने के लिए अक्सर लोग तुलसी का पौधा घर में जरूर रखते हैं, लेकिन जबकि ये सही दिशा नहीं हैं। वास्तुदोष को दूर करने के लिए छत पर उत्तर पूर्व दिशा में पांच तुलसी का पौधा लगाएं।

सात घोड़े की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है, लेकिन उसे कहीं पर भी न लगा दें। सात घोड़े के रथ पर सवार सूर्य देव की तस्वीर को पूर्व दिशा में ही लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अतिथि कक्ष में घर के मुखिया के सीट के पीछे पहाड़ या उड़ते पक्षी की तस्‍वीर लगाएं। साथ ही अतिथि कक्ष में भगवान कृष्‍ण की बाल लीलाओं वाली तस्वीर को भी लगाना चाहिए।

अगर आप अपने घर में हवन की तस्वीर लगा रहे हैं तो इसकी दिशा जरूर ध्‍यान रखें। वास्तुविज्ञान के अनुसार हवन की तस्वीर को आग्नेय कोण यानी दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना चाहिए, लेकिन अगर आपके घर में आग्नेय कोण में शयन कक्ष है तो फिर शांत समुद्र की तस्वीर लगाएं।

जिस घर की रसोई आग्नेय कोण में न हों, तो वास्तुदोष को दूर करने के लिए रसोई के उत्तर पूर्ण यानी ईशान कोण में सिंदूरी गणेश जी की तस्वीर लगाएं।

आज का चंद्र ग्रहण भूलकर भी न करें ये 5 काम वार्ना होगी बस बर्बादी

बुधवार, 31 जनवरी को माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण रहेगा। ग्रहण का समय शाम 5 बजे के बाद से रात में 8.45 बजे के बीच रहेगा। जिस दिन ग्रहण रहता है, उस दिन ग्रहण के समय से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। 31 जनवरी की सुबह 8 बजे के बाद सूतक शुरू हो जाएगा। ध्यान रखें सूतक काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए, इसीलिए पूजा-पाठ से संबंधित उपाय सूतक से पहले करना चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। अन्यथा दुर्भाग्य बढ़ सकता है और निकट भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां जानिए पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण के योग में कौन-कौन से काम नहीं करना चाहिए…

1. तेल मालिश न करें

ग्रहण के समय तेल मालिश भी नहीं करना चाहिए। जो लोग ग्रहण के समय तेल मालिश करते हैं, उन्हें त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

2. ग्रहण काल में सोना नहीं चाहिए

जो लोग ग्रहण के समय सोते हैं, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति को ग्रहण काल में सोना नहीं चाहिए। गर्भवती स्त्री, रोगी और वृद्धजन इस समय में सो सकते हैं, विश्राम कर सकते हैं।

3. पति-पत्नी को रखना चाहिए संयम

ग्रहण काल में पति-पत्नी को संयम रखना चाहिए यानी दूरी बनाए रखनी चाहिए। यदि ग्रहण के समय पति-पत्नी द्वारा संबंध बनाए जाते हैं तो यह अशुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय बनाए गए संबंध से उत्पन्न होने वाली संतान का स्वभाव अच्छा नहीं रहता है यानी उस संतान में कई बुराइयां हो सकती हैं। अत: पति-पत्नी को ग्रहण काल में सावधानी रखनी चाहिए।

156 साल बाद लगा खग्रास चंद्रग्रहण आज इन 3 राशियों को होगा बड़ा धन लाभ

साल 2018 का पहला ग्रहण 31 जनवरी को माघ शुक्ल पूर्णिमा पर खग्रास चन्द्रग्रहण होगा। यह ग्रहण पूरे भारतवर्ष में दिखाई देगा। चन्द्रग्रहण 31 जनवरी की शाम को 5 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा और रात 8 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा यानि ग्रहण की  कुल अवधि 3 घंटे 24 मिनट होगी। यह ग्रहण कर्क राशि और पुष्य अश्लेषा नक्षत्र में हो रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं इस ग्रहण का सभी राशियों पर कैसा असर होगा।

मेष राशि- मेष राशि वाले व्यक्तियों के लिए यह ग्रहण अशुभफलदायक रहेगा। इस राशि के जातको को मानसिक अशान्ति और कष्ट का अनुभव होगा।

वृष राशि- वृष राशि वालों के लिए यह ग्रहण अनुकूल फल देने वाला साबित होगा। इस राशि वालों के लिए धन लाभ का योग बन रहा है।

मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए यह चन्द्रग्रहण अशुभफलदायक है। आर्थिक नुकसान की संभावना हो सकती हैं। परिवार में तनाव पैदा हो सकता है।

कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रहण शारीरिक परेशानी या फिर किसी हादसे का शिकार बन सकते है। सावधानी बरतें।

सिंह राशि- इस राशि के जातको के लिए यह ग्रहण व्यय में बढ़ोत्तरी लाएगा। आर्थिक हानि की आशंका है। किसी वाद-विवाद के चक्कर में फंस सकते हैं।

कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए यह ग्रहण शुभ फल की प्राप्ति की संभावना बन सकती है। धनलाभ और उन्नति के योग बनेंगे।

तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा। सुख और समृद्धि में वृद्धि की संभावना है। किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात संभव है जो भविष्य में आपके लिए फायदे दिलाने वाला साबित होगा।

वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण अपमान, धनहानि और अपयश आदि का भय रहेगा। दम्पत्ति जीवन में परेशानियां आ सकती है।

धनु राशि- इस राशि वालों के लिए सावधानी रखने की आवश्यकता है। रोग, दुर्घटना का शिकार बन सकते है। मान सम्मान में गिरावट की आशंका हैं।

मकर राशि- ग्रहण का शादी शुदा जीवन में सुख के कमी का संकेत दे रहा है। जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है। कानूनी मामलों में फसने का अंदेशा है।

कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण अच्छा रहेगा। हर काम में सफलता मिलेगी। सुख की प्राप्ति संभव होगी और शत्रु परास्त होंगे।

मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण अशुभ फल देने वाला साबित होगा। शारीरिक, मानसिक पीड़ा और चिन्ताएं सताएंगी।

यदि घर में दिख रही है काली चिट्टी तो जल्द मिलने वाला है आपको बड़ा सप्राइज

नमस्कार दोस्तों, अक्सर व्यक्ति पैसे कमाने के लिए क्या – क्या उपाय करते रहते हैं फिर भी उनकी इच्छाएं पूरी नहीं हो पाती हैं और व्यक्ति को पैसे कमाने के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। तो चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि वह कौन से ऐसे उपाय हैं जिनको करने से आपकी सारी परेशानियां समाप्त हो जाएंगी।

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दोस्तों जब भी आप शाम के समय पूजा करें तो, अपने पास तांबे के लोटे को पानी से भर कर अपने पास रख लें और उसमे दो कपूर डाल दें जब आपकी पूजा समाप्त हो जाए तो, आप इस जल से भरे लोटे को अपने घर के सभी कमरों में छिड़काव कर दें इससे आपकी सारी परेशानियां दूर होने लगेंगी। इस उपाय को आप सुबह या शाम के समय कर सकते हैं। दोस्तों अगर इस उपाय को घर की स्त्रियां ही करें तो, यह बहुत ही फायदेमंद होगा। क्योंकि स्त्री को मां लक्ष्मी जी का रूप माना जाता है।

दोस्तों अगर आप साबूदाने के बारह दानें लेकर कपूर के साथ ग्यारह दिनों तक अपने दुकान या मंदिर में जलाएंगे तो, इससे आपके व्यवसाय में तरक्की होगी और अगर आप बेरोजगार हैं तो, आपको नौकरी मिल सकती है। अगर आपके घर में कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है तो, आप उस व्यक्ति के पास मिट्टी से बने दीपक में घी तथा केसर और कपूर का चूर्ण मिलाकर जला दें इस उपाय को करने से वह व्यक्ति बहुत जल्द स्वस्थ हो जाएगा। यदि आपके जीवन में ग्रह दोष है तो, आप इस उपाय को कर सकते हैं और इससे आपके जीवन में ग्रह दोष समाप्त हो जाएगा।