खुद माँ लक्ष्मी का बताया चमत्कारी मन्त्र सिर्फ बोलने मात्र से होती है सोने की वर्षा

बिना धन के संसार में कुछ भी नहीं है। सभी सुख सुविधाओं के लिए धन की आवश्यकता होती है। धन की कमी को पूरा करती हैं माता लक्ष्मी। जिस व्यक्ति पर माता लक्ष्मी की कृपा हो उसका जीवन खुशियों से भर जाता है और जिससे माता लक्ष्मी रूठ जाऐं उसका जीवन कष्टों से भर जाता है।

हिन्दू धर्म में माँ लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है और जिस स्थान पर माँ लक्ष्मी की कृपा होती है उस स्थान पर कभी भी धन की कमी नहीं होती और ऐसे स्थान से आर्थिक तंगी हमेशा के लिए चली जाती है.

काफी बार देखा गया है की मेहनत करने के बाद भी हमे उचित परिणाम नहीं मिलता या फिर घर के सभी सदस्य कमाते है लेकिन फिर भी बचत नहीं हो पाती.. ऐसे में हम सोचते है की हमारी किस्मत बहुत खराब है.

लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण होता है माँ लक्ष्मी की उस स्थान पर कृपा ना होना. जीवन में तरक्की और घर में धन की बरकत के लिए माँ लक्ष्मी को मनाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए और इसीलिए आज हम आपके लिए लेकर लाये है एक ऐसी चीज़ जिसे घर में रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बरसने लगती है.

माता लक्ष्मी को कमल प्रिय है. कमल पुष्प के कारण माता लक्ष्मी का एक नाम कमला भी है. कमल के पांचों अंगों में से देवी कमला को कमल का हर अंग प्रिय है परंतु इन सब में उन्हें सर्वाधिक प्रिय है कमल का बीज अर्थात कमल गट्टा। अगर कमल गट्टे को किसी भी रूप में पूजा में शामिल किया जाए तो विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।

कमल गट्टे की माला द्वारा कनक धारा मंत्र का जाप करने से स्वर्ण वर्षा होती है यानी की सोने की बरसात होती है.यहां तक की इसका प्रमाण शास्त्रों में भी है। शाश्त्रो में ऐसा बताया गया है की कमलगट्टे की माला से किया गया कनक धारा मंत्र जप करने से सौ गुना अत्यधिक फल प्राप्त होता है। और इसके साथ ही कमलगट्टे की माला धारण करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं तथा अपने भक्तों को हमेशा धनधान्य से शोभित करती हैं।

आज हम आपको कनक धारा मन्त्र के बारे में बताने जा रहे है जिसे आपने किसी भी शुक्रवार वाले दिन कमल गट्टे की माला के साथ जपना है. शुक्रवार वाले दिन आपको सुबह जल्दी उठ स्नान आदि करने के बाद माँ लक्ष्मी का ध्यान कर पूजा आरती करना है. अब आपको कमल गट्टे की माला के साथ कनक धारा मन्त्र का 108 बार जप करना है.
मन्त्र है ।।ॐ श्रीं ह्वीं क्लीं श्रीं लक्ष्मीरागच्छागच्छ मम मन्दिरे तिष्ठ तिष्ठ स्वाहा ।।

यह 22 अक्षरों का मंत्र लक्ष्मी का अत्यंत प्रिय मंत्र है और लक्ष्मी ने स्वयं ब्रम्हर्षि वशिष्ठ को यह बताया था और कहा था, कि यह मंत्र मुझे सभी दृष्टियों से प्रिय है और जो इस मंत्र का एक बार भी कमलगट्टे की माल के साथ उच्चारण कर लेता है, मैं उसके घर में स्थापित हो जाती हूँ।

दोस्तों कमलगट्टे की माला के साथ इस माला का जाप करने से आपको कभी भी धन की कमी नहीं होगी तथा सदैव आपके घर में माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद रहेगा. परन्तु दोस्तों ध्यान रखे की कमलगट्टे की माला अभिमंत्रित होनी चाहिए. दोस्तों कमलगट्टे की माला के साथ इस माला का जाप करने से आपको कभी भी धन की कमी नहीं होगी तथा सदैव आपके घर में माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद रहेगा. परन्तु दोस्तों ध्यान रखे की कमलगट्टे की माला अभिमंत्रित होनी चाहिए. आपकी सुविधा के लिए हमने अभिमंत्रित माला को खरीदने का निचे दिया है. दोस्तों यह माला हमारे ज्ञानी पंडितो द्वारा अभिमंत्रित है इसलिए इस माला से आपको अति शीघ्र फल देखने को मिलेगा.

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