1000 तपस्या का फल केवल इसे पहन से मिलता है दुश्मन तो क्या खुद यमराज भी नहीं छू पाएंगे आपको

दोस्तों आज जिस चीज़ के बारे में हम बात करने वाले है वह साक्षात् महादेव शिव का स्वरूप है. महादेव शिव को देवो का देव कहा गया है तथा जिस पर उनकी कृपा हो जाती है स्वयं मृत्यु भी उसके पास नहीं भटकती. भगवान शिव का ही एक रूप यानी उनसे ही उत्तपन्न हुआ पंचमुखी रुद्राक्ष आपके हर दुःख, परेशानी तथा बिमारी का काल है. जिसके पास भी पंचमुखी रुद्राक्ष होता है उसके साथ खुद महादेव शिव होते है तथा खुद मृत्यु भी ऐसे व्यक्ति को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा सकती .

इस पंचमुखी रुद्राक्ष की खासियत यह होती है की इसमें एक अनोखे तरह का स्पदंन होता है। जो आपके लिए आप की ऊर्जा का एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे बाहरी ऊर्जाएं तोड़ नहीं पाती. यह कवच उन बुरी उर्जाओ को नष्ट कर देता है. यह आपके आस पास देवीय सकरात्मक ऊर्जा का निर्माण करती है जो आपको आपके हर काम में सफलता दिलाता है. चाहे वह व्यापार हो, नौकरी हो या परीक्षा व्यक्ति हर जगह सफलता के झंडे गाड़ने लगता है. पंचमुखी रुद्राक्ष की माला में ऐसी दिव्य ऊर्जा होती है की इसको धारण करने वाले व्यक्ति को कभी कोई बीमारी छू नहीं सकती तथा जो व्यक्ति बीमार हो यदि वह इस माला को धारण करे तो उसे शीघ्र उस बिमारी से छुटकारा मिलता है. इसके आलावा यह व्यक्ति को गाडी की दुर्घटना से भी बचाता है. रुद्राक्ष नकारात्मक ऊर्जा के बचने के एक असरदार कवच की तरह काम करता है। कुछ लोग नकारात्मक शक्ति का इस्तेमाल करके दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं तो यह ऐसी नकारात्मक शक्तियों को शीघ्र अनुभव कर उसका तुरंत काट करता है और उसे खत्म कर देता है . पंच मुखी रुद्राक्ष माला को धारण करने से काला जादू, भुत प्रेत आदि बुरी शक्तिया आप को छू नहीं पाती है.

ना केवल हमारे हिन्दू धर्म में बल्कि विज्ञान ने भी इसके लाभ का खुद प्रमाण दिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार पंचमुखी रुद्राक्ष में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुणों के कारण अद्भुत शक्ति होती है। इसकी औषधीय क्षमता विद्युत चुंबकीय प्रभाव से पैदा होती है। रुद्राक्ष के विद्युत चुंबकीय क्षेत्र एवं तेज गति की कंपन आवृत्ति स्पंदन से वैज्ञानिक भी आश्चर्य चकित हैं। पंचमुखी रुद्राक्ष माला को गले में धारण करने से चिंता और तनाव से संबंधी परेशानियों में कमी आती है, उत्साह और ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह रक्तचाप एवं दिल से संबंधित बीमार जैसे हृदयचाप इत्यादि बीमारियों में फयादा देता है. यह व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है.

पंचमुख रुद्राक्ष को वैसे तो आप किसी भी शुभ दिन धारण कर सकते है परन्तु यदि इसे सोमवार के दिन धारण किया जाये तो यह अति उत्तम माना जाता है. सोमवार के दिन आप सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर अपने घर के मंदिर में भगवान शिव का स्मरण करे. इसके बाद आप पूजा पाठ आदि कर रुद्राक्ष माला को अपने हाथ में लेकर इस मंत्र ॐ ह्रीं नमः। का 108 बार जप करे. मन्त्र जाप पूरा होने के पश्चात आप इस माला को अपने गले में धारण कर ले.

पंचमुखी रुद्राक्ष सर्वगुणों से संपन्न है इसके धारण करने से संतान एवं धन सुख प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष सभी रुद्राक्षों में सर्वाधिक शुभ तथा पुण्य प्रदान करनेवाला माना गया है। दोस्तों यदि आप पंचमुखी रुद्राक्ष खरीदना चाहते है तो आप निचे दिए लिंक में जाकर इसे अपने घर मंगवा सकते है.

पंचमुखी रुद्राक्ष माला

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