गणेश चतुर्थी हैं आज कलश स्थापित कर मनाये गणेश चतुर्थी ,विघ्न हरेंगे गणेश

देवो में पूज्यनीय देव गणेश हैं ,इसलिए उनकी पूजा सर्वप्रथम करने का विधान हैं. देवो में पूजनीय देव गजानन की आज विनायक चतुर्थी हैं. वैसे तो गजानन की पूजा हर शुभ काम से पहले की जाती हैं ,लेकिन विनायक चतुर्थी का दिन ज्यादा शुभ माना जाता हैं. अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता हैं.
गणेश चतुर्थी दो बार मनाई जाती हैं अमावस्या के बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी कहते हैं, और पूर्णिमा के बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को संकष्ट चतुर्दशी कहा जाता हैं.

गणेश की पूजा की विधि: गणेश की पूजा इस दिन मध्यान्ह में की जाती हैं.प्रातकाल स्नान आदि करके गणेश जी की प्रतिमा के सामने व्रत करने का संकल्प ले , मध्यान्ह में लाल कपडा बिछाकर उसमे गणेश की प्रतिमा स्थापित करे ,और गणेश जी के दस नामो का जाप करे ,इसके बाद गणेश जी को मोदक का भोग लगाकर उनकी आरती करे.

 

गणेश की पूजा करते समय कलश स्थापित करना नहीं भूले ,और गणेश जी के दस नामों:
ऊं गणाधिपाय नम, ऊं उमापुत्राय नम, ऊं विघ्ननाशनाय नम, ऊं विनायकाय नम, ऊं ईशपुत्राय नम, ऊं सर्वसिद्धिप्रदाय नम, ऊं एकदंताय नम, ऊं इभवक्ताय नम, ऊं मूषकवाहनाय नम, ऊं कुमारगुरवे नम।
का जाप करते हुए उन पर दूब चढ़ाये.
गणेश जी प्रसन्न होकर भक्तो की विघ्न बाधाओ को दूर करते हैं.और उन्हें मनोवांछित फल देते हैं.

प्रेमी युगलो को मिलाते हैं :इश्किया गजानन

 

भारत में सभी मंदिर अपनी कोई न कोई विशेषता के लिए प्रसिद्द हैं. चाहे वो मनोकामना पूरी करने से लेकर संतान प्राप्ति,मुक़दमे में जीत,भूत प्रेत बाधा हराने,तंत्र मंत्र में जीत ,पर आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं ,जहा प्रेमी युगल अपने रिश्ते के लिए मनौती मांगने आते हैं. सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा पर ये बात सच हैं की जोधपुर में जूना मंडी स्थित गुरु गणपति (इश्किया गणेश मंदिर) प्रेमी युगल की जोड़ी बनाने के लिए प्रसिद्द हैं.

कई देश पहले जब फेसबूक,व्हाट्सप्प नहीं था तन जिन युवक युवतियों की सगाई हो चुकी थी, वे बात करने गुरु गणपति के मंदिर आते थे, फिर धीरे धीरे सबको जानकारी होने पर युवक युवतियों की संख्या बढ़ने लगी . और यह मंदिर प्रेमी युगलो की आस्था का प्रतीक बन गया. इस मंदिर में गणपति की मूर्ति का इतिहास बताता हैं की तालाब से खुदाई के दौरान इसे निकाला गया था,और फिर इसे पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित कर दिया था. बाद में वर्तमान पुजारी बद्री प्रसाद सारस्वत जी ने पीपल के पेड़ के नीचे गंदगी देखकर मूर्ति को हटा दिया और मंदिर का निर्माण कर मूर्ति वहाँ स्थापित कर दी. पहले जब यहाँ प्रेमी युगल आते थे तो उन्हें भगा दिया जाता था ,पर उनकी आस्था कम नहीं हुयी ,और प्रेमी युगल का आना जारी रहा. और इस तरह इस मंदिर का नाम इश्किया गणेश मंदिर हो गया.

वैसे तो हर बुद्धवार को(गणेश जी का दिन ) यहाँ प्रेमी युगलो कि भीड़ होती हैं पर इस बार इसके ख़ास होने की एक वजह ये भी हैं कि बुद्धवार का दिन , और आज वैलेंटाइन डे दोनों हैं.

गणेश भगवान फोन पर करते हैं अपने भक्तो की मुरादें पूरी, इस नंबर पर लगाएं फोन और मालामाल हो जाये |

‘भगवान तुझे मैं खत लिखता पर तेरा पता मालूम नहीं’ फिल्म मनचला का ये गाना तो आपको याद ही होगा, लेकिन खत का जमाना अब पुराना हो चुका है। अब लोग खत से नहीं बल्कि मोबाइल से फोन लगा कर भगवान से मन्नत मांग रहे हैं। हमारे देश में एक मंदिर ऐसा भी है जहां लोग भगवान गणेश से फोन पर मन्नत मांगते हैं। जानिए क्यों लोग फोन पर भगवान गणेश से मन्नत मांग रहे हैं।

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में गणेश जी का मंदिर 1, 200 साल पुराना है। मंदिर के पुजारी कहते हैं कि उस मंदिर में मन्नत मागने वाला कभी खाली हाथ नहीं जाता। मनोकामना पूर्ण होने की वजह से श्रद्धालु इनमें गहरी आस्था रखते हैं।

इस मंदिर में हर कोई अपने मोबाइल के साथ ही आता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके भक्त गणेश जी से फोन पर बातें करते हैं। गणेश जी विदेशों में बसे अपने भक्तों से मोबाइल फोन के जरिए बातें करते हैं और उनकी मुरादें पूरी करते हैं।

विदेश में बसे उनके भक्तों को जब कभी संकट या तकलीफ होती है तो वह गणेश जी को याद कर लेते हैं। क्योंकि विदेश से यहां आना हमेशा संभव नहीं होता है इसलिए भक्त मोबाइल फोन से गणेश जी तक अपनी समस्या सांझा कर लेते हैं।

लोगों को गणेश जी से फोन पर बात करने से ही लाभ मिलने लगा तब से प्रचलन शुरू हो गया। मंदिर के पुजारी के अनुसार भक्त पहले पत्रों में अपनी समस्याएं लिखकर भेजते थे, जिन्हें पढ़कर गणेशजी को सुनाते थे। लेकिन बाद में भक्तों ने पुजारी जी के मोबाइल पर फोन भी करना शुरू कर दिया है। इस सिलसिले की शुरुआत के पीछे एक रोचक कहानी भी है।

शाश्त्रो के अनुसार गणपति के किन अंगो के दर्शन करना शुभ नही माना जाता है|

गणपति महाराज विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता के नाम से जाने जाते हैं.

गणपति सारे देवताओं में प्रथम पूज्य मानें जाते हैं. हर बड़े कार्य की शुरुआत गणपति के नाम और पूजन से की जाती है.

शास्त्रों में गणपति को हर रूप में शुभ और फलदायक बताया गया है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार ही गणपति के कुछ अंगो के दर्शन को वर्जित माना गया है.

गणपति के हर अंग का विशेष महत्व है, उनके अलग-अलग अंगों के दर्शन के अलग-अलग लाभ भी बताए गए हैं.

अगर गणपति के इन अंगों के दर्शन किए जाएं तो बनते कार्य में बाधा आ सकती है और जीवन में कई तरह की कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ सकता है.

आइये जानते हैं गणपति के अंगों दर्शन जो शास्त्रों में वर्जित है – और क्यों ?

गणपति के अंगों दर्शन जो शास्त्रों में वर्जित है –

1 – पीठ

गणपति के पीठ का दर्शन कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि गणपति के पीठ में दरिद्रता का वास होता है. पीठ के दर्शन से जीवन में दरिद्रता और आर्थिक तंगी आती है.

एक मुस्लिम परिवार ने अपने बच्चे को क्यों दिया गणेश नाम

हिन्दू मुस्लिम जाने कब से धर्म के नाम पर लड़ते आ रहे है.

हिन्दू मुस्लिम के बीच लड़ाई इतनी गहरी है कि भारत में आज भी ये दंगे फसाद देखने को मिलते है

लेकिन कभी कभी कुछ बाते ऐसी हो जाती है कि लगता है – अब हिन्दू मुस्लिम में धर्म के के लोगो में बदलाव देखने को भी खूब मिलते है |

तो आइये जानते है हिन्दू मुस्लिम के बीच ऐसा क्या हुआ –

मुंबई में रहने वाला इलियाज अपनी पत्नी नूरजहां को प्रसव हेतु अस्पताल लेकर जा रहा था, लेकिन रास्ते में नूरजहाँ की तबियत ख़राब हो गई .

टेक्सी में नूरजहाँ की हालत ख़राब होते देख, टेक्सी वाले ने टेक्सी रास्ते में रोक कर नूरजहाँ और उसके पति को टेक्सी से उतार दिया. इस डर से कि कही प्रसव उसके टेक्सी में ही ना हो जाए.

गणपति बप्पा की ये प्रतिमा दिखने में बहुत छोटी है लेकिन इसकी कीमत है 600 करोड़ !

आज हम आपको बताएंगे गणपति बप्पा की एक खास प्रतिमा के बारे में जिसके बारे में जानकर आपके होश फ़ाख्ता हो जाएंगे.

हम जिस प्रतिमा का ज़िक्र कर रहे हैं वो आकार में काफी छोटी दिखाई देती है लेकिन उसकी कीमत 600 करोड़ रुपये है.

अब आप सोच रहे होंगे कि बप्पा की इस छोटी सी प्रतिमा की कीमत आखिर इतनी मोटी क्यों है.

आइए आपको रूबरू कराते हैं इस प्रतिमा से.

हीरे के गणपति

सूरत में रहनेवाले हीरा व्यवसायी कनूभाई आसोदरिया के घर में ये हीरे के गणपति की ये छोटी सी प्रतिमा स्थापित है. बप्पा की ये प्रतिमा खालिस हीरे की है, जिसकी कीमत करीब 600 करोड़ रुपए बताई जा रही है.

गणेशजी की आकृति वाला यह हीरा दुनिया का अनोखा हीरा है. इस कच्चे हीरे का वजन 182.3 कैरेट है और इसका वजन 36.50 ग्राम है.

कच्चे हीरे की खेप से मिली थी ये प्रतिमा

बताया जाता है कि इस कारोबारी को यह हीरे की प्रतिमा करीब 14 साल पहले बेल्जियम से आए कच्चे हीरे की खेप में मिली थी. अनकट हीरे की इस खेप में हीरे के गणपति की प्रतिमा को देखकर लोग चौंक गए थे.

हालांकि दुनियाभर से लोगों ने भगवान गणेश की इस अद्भुत प्रतिमा को खरीदने के लिए बोली भी लगाई, लेकिन उन्होंने हीरे के गणपति इस प्रतिमा को बेचने से इंकार कर दिया.

आज भी ये हीरे के गणपति की प्रतिमा सूरत के इस व्यवसायी के घर पर स्थापित है लेकिन सुरक्षा के मद्देनज़र हीरे के गणपति के दर्शन करने का सौभाग्य महज़ कुछ ही लोगों को मिल पाता है.

गौरतलब है कि कच्चे हीरे के खेप से निकले गणपति बप्पा की इस प्रतिमा से व्यवसायी और उसके पूरे परिवार की आस्था जुड़ी हुई है इसलिए सभी मिलकर बप्पा की सेवा करते हैं

गणेश जी की पूजा को सफल बनाने के लिए इन चीजो को पूजा में शामिल करना न भूलें

गणेश जी की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा सफल बनाने के लिए सभी पूजा की तैयारी में लगे हुए है और देखते ही देखते गणपति विसर्जन भी आ गया
हर साल की तरह इस साल साल भी गणपति जी सबके दिख हरने आये है ऐसे में हर कोई चाहता है की उसकी पूजा सफल हो जिससे गणपति जी की कृपा उन पर भी हो .

गणेश की पूजा को सफल बनाने के लिए इन चीजों को पूजा में जरुर शामिल करें ताकि घर में साल भर गणेशजी की कृपा बनी रहे.

तो आइये जानते है क्या क्या करना चाहिए गणेश की पूजा को सफल बनाने के लिए –

१. हरी दूबी

हरी दूबी गणेशजी को बहुत प्रिय है. गणेश पूजा में हरी दूबी अर्पित करने से गणेश जी बहुत प्रसन्न होते है और पूजा को सफल बनाते है.

२. श्रीफल

श्री फल दुनिया का सबसे पवित्र और दिव्य फल माना जाता है. इस साल गणेश पूजा में श्री फल जरुर अर्पित करें. श्री फल अर्पण करने से आपकी गणेश पूजा सफल होगी.
मोदक

जब गणेशजी छोटे थे, तब माता पार्वती भगवान गणेश को मोदक बनाकर खिलाती थी, तब से मोदक गणेश जी का प्रिय भोग है. इसलिए गणेश पूजा को सफल बनाने के लिए भोग में मोदक जरुर चढ़ाएं और लोगो में बांटे.

३. हल्दी

भगवान गणेश को पीला रंग बहुत प्रिय है. साथ ही हल्दी भगवान गणेश की प्रिय वस्तु में से एक है. इसलिए गणेश पूजा में कच्ची हल्दी, पीला धागा, पीला फूल, जरुर अर्पण करें. इससे भगवान गणेश की पूजा सफल होती है. यह हल्दी घर के तिजोरी में रखें.

बूंदी के लड्डू

गणेश जी को लड्डू बहुत पसंद है. गणेश पूजा को सफल बनाने के लिए बूंदी के लड्डू का भोग जरुर लगायें और भक्तो में बांटे खासकर बच्चों को यह लड्डू जरुर खिलाये.

ये सारी चीज़ें करनी चाहिए गणेश की पूजा को सफल बनाने के लिए – गणेश पूजा में इन सब चीजो को शामिल कर गणेश पूजा करें. इससे भगवान् गणेश की कृपा बनी रहेगी और गणेशजी हमेशा प्रसन्न रहेंगे.ये चीजें गणपति स्थापना से लेकर गणपति विसर्जन तक की पूजा में जरूर इस्तेमाल करें