जन्माष्टमी के दिन जटा वाला नारियल और 11 बादाम करेंगे हर मनोकामना पूरी

भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहलाते हैं, पीतांबर धारी का अर्थ है जो पीले रंग के वस्त्र पहनने धारण करता हो। इसलिए श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन किसी मंदिर में भगवान के पीले रंग के कपड़े, पीले फल, पीला अनाज व पीली मिठाई दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न रहते हैं, उस जातक को जीवन में धन और यश की कोई भी कमी नहीं रहती है।

जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई, साबुदाने अथवा चावल की खीर यथाशक्ति मेवे डालकर बनाकर उसका भोग लगाएं उसमें चीनी की जगह मिश्री डालें एवं तुलसी के पत्ते भी अवश्य डालें। इससे भगवान द्वारकाधीश की कृपा से ऐश्वर्य प्राप्ति के योग बनते है।

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जन्माष्टमी के इन 10 उपाय में से यदि एक भी कर ले तो चमक जायेगा किस्मत का सितारा

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जन्माष्टमी के दिन करे दे इस चीज का दान, मिलेगा 1000 गुना फल

श्री कृष्ण विष्णु भगवान के आठवें अवतार हैं और विष्णु ने अपने आठवें अवतार में जन्माष्टमी के दिन जन्म लिया. लेकिन एक रोचक बात यह है कि इस दिन भक्त सिर्फ भगवान कृष्ण को ही नहीं मां लक्ष्मी को भी प्रसन्न कर अपनी आर्थ‍िक परेशानियों को दूर कर सकते हैं. इसके लिए कई तरह की मान्यताएं हैं.

एक नजर इन मान्यताओं पर-
कहते हैं कि जन्माष्टमी के दिन अगर सात कन्याओं को घर में बिठाकर खीर खिलाई जाए तो इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और नौकरी व्यापार में तरक्की होती है

कहते हैं कि जन्माष्टमी के दिन पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज का दान करना चाहिए. मान्यता हैं कि इस दिन पीले रंग को धारण करने से मां लक्ष्मी की कृपा होती है.

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जन्माष्ठमी के दिन जपा ये श्री कृष्ण मंत्र – कंगाल को भी बनाये मालामाल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आने को कुछ दिन शेष बचे हैं। लगभग हर घर में बाल गोपाल के जन्म उत्सव को मनाने की तैयारियां आरंभ हो गई होंगी। आज हम आपको एक ऐसे ही मंत्र के बारे में बताएँगे जिसको यदि आप जन्माष्ठमी के दिन जप ले तो पल भर में आपकी हर समस्या का पल भर में अंत कर सकता है.

भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र ना सिर्फ आर्थिक समस्या दूर करते हैं बल्कि जीवन की हर परेशानी में कान्हा के चमत्कारी मंत्र सहायक सिद्ध होते हैं।

चाहे संतान प्राप्ति हो या घर में होने वाले कलह, विवाह सम्बन्धी समस्या हो या विजय प्राप्ति की अभिलाषा, हर समस्या का अंत करते हैं.

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कृष्ण जन्माष्ठमी विशेष – जानिए सही तिथि, मुहूर्त और व्रत नियम

श्री कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्स्व है. जन्माष्टमी भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं.

जानिये श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त और नियम ?

– शास्त्रों के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस दिन वृष राशि में चंद्रमा व सिंह राशि में सूर्य था. इसलिए श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव भी इसी काल में ही मनाया जाता है. लोग रातभर मंगल गीत गाते हैं और भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाते हैं.

– इस बार अष्टमी 14 अगस्त को सायं 07.45 पर आरम्भ होगी और यह 15 अगस्त को सायं 05.40 पर समाप्त होगी.

– रात्रि में अष्टमी तिथि 14 अगस्त को होगी. इसलिए इस बार जन्माष्टमी 14 अगस्त को मनाना उत्तम होगा. हालांकि देश के कुछ क्षेत्रों में जन्माष्टमी 15 अगस्त को मनाई जा रही है. वैष्णव संप्रदाय में 15 अगस्त को ही जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा.

– मध्य रात्रि में श्रीकृष्ण का जन्म होगा और तभी जन्मोत्सव मनाया जाएगा.

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इस जन्माष्टमी 148 साल बाद बन रहा है विशेष संयोग

तकरीबन 148 साल बाद भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर इस वर्ष (2017) में विशेष संयोग बन रहा है। द्वापर युग में जन्में भगवान कृष्ण भाद्रपद की अष्टमी की अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में देवकी के गर्भ से जन्में थे। लेकिन उस रात की चांदनी अन्य रातों के मुकाबले कई गुना अधिक असरदार थी।

ज्योतिषों की मानें तो इस व्रष जन्माष्टमी पर 148 साल बाद विशेष संयोग तो बन ही रहा है इसके साथ ही इस बात पर भी कई श्रद्धालुओं में मत है कि जन्माष्टमी का पर्व 14 को मनाया जाएगा या 15 अगस्त के दिन।

लेकिन पंड़ितों के अनुसार, 14 तारीख को ही जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा, क्योंकि 15 तारीख को केवल 5 बजे संध्या के समय तक ही अष्टमी की तारीख है।

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जन्माष्ठमी के दिन घर के बैडरूम में रखे एक बांसुरी, आपके घर में होगी बरकत ही बरकत

सभी चाहते है कि हमारें घर में सुख-शांति, धन-संपत्ति बनी रहे। घर का कोई भी सदस्य को कभी कोई समस्या न हो जिससे कि सभी को तकलीफ होष इसके लिए हम न जाने क्या-क्या जतन करते है।

जो जैसा बता देता है उसी के अनुसार हम हर काम करते है। अगर कोई महात्मा या कोई पंडित यह बोल देता है कि आपके घर में यह समस्या है जिसके लिए आप तुरंत कोई न कोई उपाय निकालते है जिससे कि उससे छुटकारा मिल जाएं,

लेकिन आपको पता है घर में हो रही इन समस्या का मुख्य कारण नकारात्मक ऊर्जा है। इस बारें में वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि कभी-कभी हमारें घर में किसी न किसी तरह नकारात्मक ऊर्जा अंदर आ जाती है। यदि वो अंदर आनें में असफल होती है।

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https://youtu.be/KdDh9YglZhc