इस राशि में आये शुक्र 3 राशि वालो को धन के साथ नौकरी में भी मिलेगा प्रमोशन

ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु दो ग्रह हैं जिसका अशुभ प्रभाव शनि से भी अधिक घातक होता है। इन ग्रहों को नीच ग्रह की श्रेणी में रखा गया है। राहु और केतु क्षुद्र ग्रह माने जाते हैं। राहु और केतु जब अपना विनाशकारी प्रभाव दिखाते हैं तो अपराध नहीं भी करते हैं तो भी अपराधी की श्रेणी आना पड़ता है।
क्षुद्र ग्रह होने के कारण केतु व्यक्ति को अक्सर भ्रम का शिकार बनाते हैं। जिस कारण व्यक्ति का जीवन उधेड़बुन में नष्ट होता है। राहु से कहीं अधिक दुष्परिणाम देने वाला केतु होता है। इसके अलावे व्यक्ति सच्चाई को छोड़कर हमेशा गलत रास्ता अपनाता हैं। अच्छी बातें और अच्छे लोग उन्हें नहीं भाते हैं। इस वजह से कुंडली में केतु का उच्च और नीच दशाओं को जान लेना आवश्यक है।
केतु को मीन राशि का स्वामी ग्रह माना जाता है। इसलिए इस राशिवालों के लिए कुंडली में राहु की स्थिति मायने रखती है। इसके अलावा यह धनु राशि में उच्च अवस्था में और मिथुन में नीच स्थिति में होता है। इसलिए इन तीन राशियों के जातकों पर केतु का प्रभाव अधिक होता है।
मीन, धनु और मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में अगर केतु की उच्च दशा हो तो इसका असर अमूमन 48 से 54 वर्ष की उम्र में नजर आता है। कुंडली के तीन विशेष भाव लग्न, षष्ठी और एकादश भाव में केतु का होना हर हाल में अशुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में केतु के निदान के कई तरीके बताए गए हैं। लेकिन हम आपको कुछ आसान तरीका बता रहे हैं। 108 दानें की लाल चंदन की एक माला लें। किसी ज्योतिषी से अभिषिक्त करा लें और प्रत्येक मंगलवार इसे धारण करें।
इस माला को धारण करने से पहले केतु मंत्र “पलाश पुष्प संकाशं, तारका ग्रह मस्तकं। रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तम केतुम प्रणमाम्य्हम।” का 108 बार जाप करें।

महिलाएं पूजा के दौरान माथे पर ना लगाएं बिंदी, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे सावधान

अक्सर महिलाएं त्योहार और पूजा-पाठ के दौरान बिंदियां लगाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तरह आपको पूजा का फल नहीं मिलता। यह जानकर हैरानी होगी कि सौभाग्य वृद्धि के लिए लगाया जाने वाला बिंदी पूजा के फल को नष्ट कर सकता है। इसके पीछे की वजह है।
जैसा कि बिंदी दोनों भौंहों के बीच लगाई जाती है। योग विज्ञान में इस जगह को आज्ञा चक्र कहा जाता है। यहां पर शरीर की तीन प्रमुख नाडियां इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना मिलती है।

इसलिए ऐसा कहा जाता है कि आध्यात्मिक सोच के लिए यह स्थान बेहद महत्व रखता है।

जब इस चक्र पर किसी भी प्रकार की रूकावट पैदा होती है तो व्यक्ति का ध्यान स्थिर नहीं हो पाता है। जिस कारण से पूजा का फल नहीं मिल पता है। इसलिए कोशिश करें कि पूजा के दौरान बिंदी का प्रयोग नहीं करें।

किसी उत्सव या त्योहार के दौरान बिंदी का इस्तेमाल करना अहितकर नहीं है। लेकिन जब पूजा पर बैठें तो इसे माथे से निकाल देना चाहिए।

सपने में यदि आप अपने को खाते दिखे ये फल तो समझ लें जल्दी ही धन बरसने वाला है

सपने हर किसी को आते हैं और हर सपने का अपना अलग महत्व होता है। सपने कई बार आपको आने वाले सुख- दुख और घटनाओं का संकेत देते हैं। स्वप्न शास्‍त्र के अनुसार अगर सपने में आप कुछ फल, सब्जी या कोई स्वादिष्ट पकवान खाते हुए देखें तो बहुत ही शुभ होता है।

अगर आपके सपने में यदि बादाम दिख जाए, तो यह संकेत बहुत ही शुभ फल देने वाला होता है। सपने में बादाम देखने और खाने का मतलब होता है कि आप भविष्य में सुख की प्राप्ति होने वाली है।

देव दीपावली कल धरती पर आएंगे देवता इन 4 में से केवल 1 उपाय मालामाल होंगे आप

आज शुक्रवार दी॰ 03.11.17 चौमासी चौदस व कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा के उपलक्ष्य में देव दीपावली पर्व मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान शंकर ने देवताओं की प्रार्थना पर सभी को उत्पीड़ित करने वाले राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया, जिसके उल्लास में देवताओं ने दीपावली मनाई, जिसे देव दीपावली के रूप में मान्यता मिली। इसी तिथि को भगवान शंकर ने अपने हाथों बसाई काशी के अहंकारी राजा दिवोदास के अहंकार को नष्ट कर दिया।

यह पर्व ऋतुओं में श्रेष्ठ शरद, मासों में श्रेष्ठ कार्तिक व तिथियों में श्रेष्ठ पूर्णमासी के दिन मनाया जाता है, इसे देवताओं का भी दिन माना जाता है।

इस माह की पवित्रता इस बात से भी है कि इसी माह में ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अंगिरा और आदित्य आदि ने महापुनीत पर्वों को प्रमाणित किया है। इस माह किए हुए स्नान, दान, होम, यज्ञ और उपासना आदि का अनन्त फल है। इस पर्व को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर काशी के घाटों पर दीप जलाकर मनाया जाता है।

मान्यता है कि इस दिन देवताओं का पृथ्वी पर आगमन होता है। देव दीपावली के विशेष पूजन व उपायों से व्यक्ति का भाग्य उज्ज्वल होता है, संकट समाप्त होते हैं तथा जीवन में खुशहाली आती है।

पूजन विधि: शिवालय जाकर विधिवत षोडशोपचार पूजन करें। गौघृत का दीप करें, चंदन की धूप करें, गुलाब के फूल चढ़ाएं, चंदन से शिवलिंग पर त्रिपुंड बनाएं, अबीर चढ़ाएं, खीर पूड़ी व बर्फी का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र से 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।

पूजन मुहूर्त: रात 20:53 से रात 22:21 तक। (अमृत काल)
पूजन मंत्र: ॐ देवदेवाय नमः॥

उपाय
उज्ज्वल भविष्य हेतु शिवलिंग पर दही चढ़ाएं।
जीवन में खुशहाली हेतु शिवलिंग पर कमल का फूल चढ़ाएं।
संकटों के नाश के लिए शिवलिंग के समीप 15 घी के दीपक जलाएं।

घर में मकड़ी का जाला अक्सर लग जाता है यहां तो होने वाला है ….

पैसे कमाने के लिए हर कोई कड़ी मेहनत करता है कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी घर में पैसों की कमी बनी रहती है। इसका कारण घर का वास्तुदोष भी हो सकता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में कई बार कुछ ऐसी चीजें होती हैं ज‌िसे हम अनदेखा कर देते हैं। ये चीजें ही वास्तु दोष का कारण बनती है।

1. घर में कबूतर का घोंसला होना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे घर में मुसीबत आती रहती है। इसलिए कहा जाता है कि घर में पक्षी का घोंसला नहीं बनने दें।

2. घर में कभी भी मधुमख्खी का छत्ता नहीं होना चाहिए। कहा जाता है कि ये अच्छा सूचक नहीं माना जाता। इससे घर में दुर्घटना होती रहती है।

3. मकड़ी का जाला घर में लगने से घर में उझलने आती रहती है। इससे घर के मुखिया को हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

4. वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में कभी भी टूटा शीशा नहीं रखें रहन देना चाहिए। कहा जाता है कि इससे घर में घर में नकारात्मक उर्जा आती है। वहीं धन की कमी भी बनी रहती है।

दो नवंबर की रात होते ही चमक जाएगी इन 5 राशियों की किस्‍मत बदल जाएगा भाग्‍य

2 नवंबर की रात 12 बजकर 01 मिनट पर शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेगा और 20 दिसंबर तक इसी राशि में रहेगा। शुक्र एक स्त्री ग्रह है। अंग्रेजी में इसे विनस कहते हैं। शुक्र का कारक भाव सातवां है और इसका रंग दही की तरह सफेद है।
शनि, बुध व केतु शुक्र के मित्र हैं, जबकि सूर्य, चंद्र व राहु इसके शत्रु हैं और मंगल व गुरु इसके लिये सम हैं। मीन राशि में शुक्र उच्च का और कन्या राशि में यह नीच का होता है। वहीं पहले, छठे और नवें भाव को छोड़कर अन्य भावों में यह शुभ फल देता है। लेकिन चंद्र-शुक्र किसी भी तरह शत्रु हों तो माता को आंखों संबंधी कष्ट हो सकता है।
इसके अलावा शुक्र की अशुभ स्थिति में त्वचा संबंधी विकार होते हैं। शुक्र की स्थिति अच्छी करने के लिये गाय से संबंधी उपाय करने चाहिए और घी, दही, कपूर मोती आदि दान करना चाहिए। शुक्र के तुला राशि में इस गोचर का विभिन्न राशियों पर क्या असर होगा, किस राशि पर इसके क्या शुभाशुभ प्रभाव होंगे और इसके लिये क्या उपाय करने चाहिए। जानिए उपायों के बारें में….
मेष राशि : आपके सातवें स्थान पर शुक्र का गोचर होगा। आपको माता-पिता से पूरा सुख और सहयोग मिलेगा। आपका अधिकतर समय यात्रा में बीतेगा। शुक्र का यह गोचर जातक को नरम स्वभाव वाला बनायेगा। अगर आपकी जन्मपत्रिका में चन्द्रमा पहले स्थान पर हो तो सास-बहू में प्यार बढ़ेगा। झगड़ों से दूरी बनाकर रखेंगे और लेन-देन में अधिक रुचि नहीं रखेंगे, लेकिन दूसरी स्त्री के वियोग के दुःख से आपकी पैतृक सम्पत्ति को नुकसान हो सकता है। अशुभ स्थिति में शुक्र आपकी संतान के लिये अच्छा नहीं होगा।
शुक्र के अशुभ प्रभावों से बचने के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए
गंदे नाले में 43 दिन तक लगातार नीला फूल डालें।
किसी मंदिर में शुक्रवार के दिन कांसे का बर्तन दान करें, साथ ही प्रतिदिन माता-पिता का आशीर्वाद लें।
वृष राशि : शुक्र का यह गोचर आपके छठे स्थान पर होगा। शुक्र के इस गोचर से गृहस्थी में तरक्की होगी। आपका जीवन सुख से बीतेगा। अगर आपकी शादी अभी नहीं हुई है और आपके घर वाले आपके लिये रिश्ता ढूंढ रहे हैं, तो ध्यान रखें कि किसी ऐसे घर में रिश्ता न करें जहां इकलौते लड़का या लड़की हो। 20 दिसंबर तक स्त्री का अपमान करना आप पर भारी पड़ सकता है। संतान से सुख पाने के लिये आपको कोशिश करनी पड़ेगी।
शुक्र के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए
चांदी की ठोस गोली पास में रखें।
ध्यान रखें कि पत्नी जमीन पर नंगे पैर न चले और हर समय चप्पल या जुराब पहने रहे।
मिथुन राशि : पांचवे स्थान पर शुक्र के इस गोचर से धन की वृद्धि होगी। साथ ही धर्म के प्रति आस्था रखने वाले होंगे। आपका ज्ञान बढ़ेगा। शत्रु नष्ट होंगे और हर प्रकार से आपकी तरक्की होगी। लेकिन सन्तान से आपको अधिक लाभ नहीं होगा। युवा लोगों को प्रेम में दीवाना होने से बचना चाहिए। आपको अपने मेकअप से संबंधित कॉस्मेटिक्स और परफ्यूम आदि संभालकर रखने की जरूरत है। उनके खो जाने या चोरी हो जाने का डर दिखाई पड़ता है। लोगों का विश्वास बनाकर रखें। आप जो कहें, उसे पूरा करने की कोशिश करें।
शुक्र की अशुभ स्थिति से बचने के लिए
गाय और माता की सेवा करनी चाहिए।
मन को अपवित्र होने से बचाना चाहिए।
चांदी पहनकर रखें।
कर्क राशि : शुक्र का यह गोचर हरफनमौला लोगों के साथ आपकी दोस्ती बढ़ाने वाला होगा। इस राशि वालों को एकस्ट्रा मैरिटल रिलेशन का बड़ा भारी अवसर सामने खड़ा दिखाई गा। बेहतर होगा आप अपनी पत्नी को ही दूसरी स्त्री मानकर प्रेम बनाए रखें। ऐसा करने से आपको आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी और साथ ही ईश्वरीय सहायता प्राप्त होगी। आपको इस दौरान अपने आपको किसी न किसी काम में बिजी रखना चाहिए और बोरिंग अवॉयड करनी चाहिए।
शुक्र की अशुभ स्थिति को भी शुभ करने के लिए
आडू की गुठली में काला सुरमा भरकर जमीन के नीचे दबाएं।
20 दिसंबर तक प्रतिदिन कुएं में एक चुटकी हल्दी डालने से बच्चों के काम बनेंगे।
नशा अवायॅड करने से बेहतर करियर अपॉर्चुनिटि मिलेगी।
सिंह राशि : आपके तीसरे स्थान पर शुक्र जायेगा। शुक्र के इस गोचर से आपके जीवनसाथी का मन भटक सकता है, साथ ही उन्हें क्रोध भी आयेगा। आपका मन भी भटकाव की स्थिति में हो सकता है। लेकिन माता-पिता का सुख अवश्य मिलेगा। आपके और आपके माता-पिता के लिये 20 दिसंबर तक किसी तीर्थ स्थल पर यात्रा करना शुभफलदायी होगा। आपको इस बीच अपना मकान बदलना पड़ सकता है। स्वास्थ्य को कुछ कष्ट हो सकता है। रातों की नींद भी उड़ सकती है, लेकिन रात में जागने से धन हानि होगी।
शुक्र के बुरे प्रभावों से बचने के लिए
स्त्री का सम्मान करें, चाहें अपनी स्त्री हो या दूसरे की।
अपना मन भटकने से बचाएं, किसी न किसी काम में अपने आपको बिजी रखें।
कन्या राशि : शुक्र के इस गोचर से आपके शत्रु आपका कुछ नहीं बिगाड़ पायेंगे। आपको सभी सांसारिक सुख मिलेंगे। आपका घर राजा के जैसा हो जायेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गृहस्थ जीवन का पूरा सुख मिलेगा। अगर आप गौ मुखी मकान में रहते हो, यानि ऐसे मकान में रहते हैं जो आगे से पतला और पीछे से चौड़ा हो तो आपकी संतान और आपके भाईयों की तरक्की इस बात पर डिपेंड करेगी कि आप अपने गुरु का कितना सम्मान करते हैं। 2 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पशुपालन और कच्ची मिट्टी के काम से जुड़े लोगों को शुक्र के इस गोचर से दो गुना फल प्राप्त होगा। आजीविका का नया साधन ढूंढने के लिये भी समय अच्छा है।

शनिवार और पूर्णिमा के योग में कोई एक उपाय करें, पैसों की कमी हो सकती है दूर

शनिवार, 4 नवंबर को कार्तिक मास की पूर्णिमा है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन की गई पूजा से सभी दुख दूर हो सकते हैं। कुंडली के दोष दूर करने के लिए भी ये तिथि बहुत शुभ मानी गई है। इस बार शनिवार और पूर्णिमा का योग बन रहा है। इस योग में शनि के उपाय भी कर सकते हैं। इन उपायों से धन संबंधी परेशानियों से दूर हो सकती हैं। यहां जानिए इस पूर्णिमा पर कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…

आज ही निकाल दे घर से ये 2 चीज़ आपका वर्षो से डूबा पैसा होगा आपकी जेब में

हमारे देश में हजारों सालों से पूजा को विशेष महत्व दिया जाता हैं और हर किसी के घर में मंदिर का होना शुभ माना जाता हैं लेकिन आपको अपने घर के मंदिर में ऐसी चीजें नहीं रखनी चाहिए जो आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करें.

आज आपको बताते हैं घर के मंदिर में कौनसी वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए और आप अगर ऐसा करेंगे तो आपके घर से नकारात्मक ऊर्जा चली जाएंगी.

1 – इस बात का हमेशा ध्यान रखें की आप अपने घर के मंदिर में कभी भी एक ही भगवान की दो तस्वीरें या प्रतिमाएं न रखें. ऐसा होने पर आपके शुभ कार्यों में अड़चन आने लगती है.

2 – वास्तु शास्त्र की मानें तो घर के मंदिर की दिशा हमेशा उत्तर या पूर्व में होनी चाहिए. इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेगें.

3 – जिस स्थान पर आपने मंदिर को स्थापित किया हुआ है उस स्थान के आसपास शौचालय नहीं होना चाहिए.

4 – घर में मंदिर में रखी जानें वाली प्रतिमाएं भी बड़ी नहीं होनी चाहिए.

5 – इस बात का ध्यान रखें की पूजा के स्थान पर जो प्रतिमाएं या तस्वीरें आप रखते हैं वे खंडित नहीं होनी चाहिए.

यह नवम्बर शुक्र ने करा ग्रह परिवर्तन 7 राशियों को धन लाभ

तुलसी का पौधा एक ऐसा पौधा है जो मनुष्य के जीवन को अच्छी और बुरी तरह से प्रभावित करता है. आमतौर पर अब तक आपने तुलसी के पौधे के बारे में अच्छी ही बातें सुनी होगी. लेकिन क्या आप यह जानते है कि तुलसी का पौधा आपके जीवन में नकारात्मक संचार भी पैदा कर सकता है.

जी हां अगर आपने बड़ी ही लापरवाही से तुलसी के पौधे का इस्तेमाल किया तो निश्चित ही इसका हमारे जीवन पर बुरा असर होता है। तो चलिए देखते है की आखिर किस प्रकार से तुलसी का पौध हमारे जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है.

तुलसी को एकादशी में ,रविवार को और मंगलवार को नहीं तोडना चाहिए वास्तु शास्त्र के अनुसार इन 3 दिनों में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए .और ध्यान रहे तुलसी का पौधा आपके घर के पूजा स्थान की तरह हैं इसलिए इसे हमेशा साफ़ -सूत्र रखे.

तुलसी को उत्तर -पूर्व दिशा में लगाने से घर के आर्थिक स्थिति में वृद्धि होती हैं क्योंकी वास्तु -शास्त्र में उत्तर -पूर्व दिशा को कुबेर के स्थान माना गया हैं और कुबेर धन के देवता हैं! अगर आपके घर में किसी भी तरह की कोई पारवारिक समस्या हैं तो तुलसी को रसोई घर के पास लगाए.

तुलसी के पौधे की दिशा बड़ी महत्वपूर्ण होती हैं अगर आपके घर में विवाह योगये कन्या हैं और किसी कारण कन्या के विवाह में विलंब हों रहा हैं तो 2 माह तक दक्षिण -पूर्व में तुलसी लगा कर उसे पूजे ऐसा करने से विवाह से जुड़े सारे वास्तु दोष समाप्त हों जायगे

यदि सुबह शाम की मेहनत पर भी घर नहीं टिकता पैसा तो आपके घर भी है वास्तु दोष इसे रखे घर और दोष खत्म

हमारे ज्योतिषशास्त्र में गोमती चक्र को बहुत महत्वूर्ण माना गया है,ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गोमती चक्र महालक्ष्मी को बहुत प्रिय होते है अगर आप माँ लक्ष्मी की पूजा में इन्हे रखते है तो इससे देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

1-अगर आपको लाख प्रयासों के बाद भी धन लाभ नहीं मिल पा रहा है तो इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक लाल रंग के कपडे में दो गोमती चक्र को बाँध कर अपने घर के मुख्यद्वार पर लटका दे,ऐसा करने से आपको धन लाभ मिलने लगेगा.

2-शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी के सामने ग्यारह गोमती चक्र रखे और फिर पूरे विधि विधान से इनकी पूजा करे ,अब इन्हे एक लाल रंग के कपडे में बाँध कर अपनी तिजोरी में रख दे,आपकी तिजोरी में हमेशा धन भरा रहेगा.

3-अगर आपके पास पैसा आता तो है पर टिकता नहीं है तो इसके लिए माँ लक्ष्मी की पूजा में एक गोमती चक्र रखे और इसकी पूजा करके इसे अपने पर्स में रख ले,ऐसा करने से आपके पर्स में पैसा टिकने लगेगा.

4-अगर आपके बच्चे को बुरी नज़र लग गयी है तो इसे उतारने के लिए तीन गोमती चक्र को लेकर अपने बच्चे के सर से सात बार उतार ले अब इसे किसी चौराहे पर जाकर फेंक दे,और वापस आ जाये,इस बात का ध्यान रखे की वापस आते वक़्त पीछे मुड़कर नहीं देखना है.