अगर सुबह के समय दिखे ये सपना आपको तो गलती से भी न बता दे वरना कर देता है बर्बाद

प्रत्येक व्यक्ति यही चाहता है कि उसकी किस्मत उसका हर मोड़ पर उसका साथ दे और उसे कभी जीवन में दुभाग्य का सामना न करना पड़े। लेकिन केवल व्यक्ति के चाहने से उसे सौभाग्य का साथ नहीं मिलता। यह सब बातें व्यक्ति की किसमत पर निर्भर करती हैं और किस्मत पूर्व जन्मों के कृत्यों पर आधारित होती है।

पिछले जन्म में व्यक्ति ने क्या किया और क्यों किया। वर्तमान जीवन में इंसान का इस बात पर कोई नियंत्रण नहीं होता। इंसान जो करता उसे ही झेलता है। अच्छे कर्म होंगे तो अच्छा फल मिलेगा और अगर कर्मों में त्रुटि होगी तो उसके लिए भी उसे तैयार रहना चाहिए।

जिनपर हमारा कोई नियंत्रण नहीं, उनके विषय में तो हम कुछ कर नहीं सकते, लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं हमारे साथ घट जाती हैं जो यह बताने के लिए काफी हैं कि अब हमारा बुरा समय शुरू होने जा रहा है, या हमारे किसी अपने पर समस्या आने वाली है। चलिए जानते हैं उन घटनाओं के बारे में।

सोना गुमना
सोना खोना, ऐसी ही एक घटना है जिसे बहुत अशुभ माना जाता है। हिदू धर्म में सोने जैसी अभूमूल्य धातु को धार्मिक परंपराओं से भी जोड़ा गया है, इसे धन की देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि सोना खरीदने से पहले शुभ मुहूर्त जांचा जाता है और शुभ अवसरों पर इसे अवश्य खरीदा भी जाता है।

लेकिन जब यह सोना गुम हो जाए तो इसे बहुत अशुभ संकेत माना जाता है, यह आने वाली समस्याओं का सूचक समझा जाता है। सोने से बने कुछ आभूषण जो कई तरह की समस्या की ओर इशारा करते हैं, आगे जानें।

कान में डालने वाले आभूषण
अगर कान में डालने वाले आभूषण, जो सोने से बने हैं, खो जाते हैं तो यह दर्शाता है कि भविष्य में आपको कोई बहुत बुरा और दुखद समाचार प्राप्त होने वाला है। वहीं नाक का आभूषण खोता है तो यह भविष्य में बदनामी लेकर आता है।

सर के आभूषण
सिर पर धारण करने वाला कोई सोने का आभूषण खो जाए तो इसका अर्थ यह होता है कि आप दिमागी परेशानियों से घिरने वाले हैं। इसके लिए आपको सचेत रहना चाहिए। वहीं अगर गले का हार या चेन खोती है तो आपके वैभव में कमी आने का संकेत देता है।

बाजूबंद
बाजूबंद खो जाता है तो यह विभिन्न परेशानियों की आहट को दर्शाता है, चूड़ी या कंगन का खोना मान-प्रतिष्ठा में कमी का सूचक होता है।

अंगूठी
अंगूठी अगर खो जाए तो यह सेहत संबंधी परेशानियां लेकर आता है, लेकिन अगर आपका कमरबंद कहीं खो गया है तो यह भयंकर संकट की ओर इशारा करता है।

पायल और बिछुआ
अगर आपके दाए पांव की पायल कहीं खो जाती है तो यह बदनामी का अंदेशा है, वहीं अगर बाएं की खोती है तो किसी बड़ी विपदा या दुर्घटना का संकेत है। किसी स्त्री के बिछुआ खो जाता है तो यह उसके पति के ऊपर आने वाले संकत का प्रतीक है।

यदि आपके भी घर में है बहुत सी परेशानी तो घर की महिला जरूर देखे ये वीडियो

मानव जीवन में ऐसी बहुत सी क्रियायें होती है जिनका उस पर काबू नहीं होता लेकिन फिर भी वह क्रिया होती है। एक ऐसी ही क्रिया के बारे में आज हम आपसे चर्चा करने वाले हैं यह क्रिया और कुछ नहीं बल्कि सपने है जो इंसान को सोते समय आते हैं। सपना आना एक अटल सत्य है जीवन मे जन्मजात अंधे व्यक्ति को छोड़कर सभी को सपने आते हैं वहीं शास्त्र के मुताबिक आपको जो भी सपने आते हैं सपनों का आपके जीवन से कंही न कंही प्रभाव जरूर होता है आज हम आपसे एक ऐसे ही खास सपने के बारे मे बताने वाले हैं जो भविष्य के कई संकेत देते है। जी हां अक्सर हम सपने में देखते हैं कि हम सपने में किसी कारण वश से रो रहे हैं और सपने मे खुद का रोना भी आपके जीवन को भविष्य मे प्रभावित अवश्य करेगा जिसके बारे में हम यहां पर जानेंगे तो चलिए देखते हैं रोते हुए सपने में देखने का क्या संकेत होता है।

स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में खुद को रोते देखना भविष्य में मान-सम्मान में वृद्धि का सूचक माना जाता है। ऐसा सपना यह दर्शाती है कि आने वाले समय में कुछ ऐसी परिस्थितियां आएंगी जो आपके सम्मान को बढ़ाएगा।

स्वप्न शास्त्र के अनुसार यदि व्यक्ति खुद को किसी की मृत्यु पर रोता पता है तो इसका अर्थ होता है कि व्यक्ति लंबी आयु का होगा। लेकिन यदि सपने में आप किसी अन्य को रोता देखते हैं। ऐसा सपना इस बात का सूचक है कि आप असल जीवन में किसी अन्य की मदद लेना चाहते हैं। इसके अलावा सपने में किसी को रोता देखना मानसिक शांति का सूचक होता है।

चुपचाप किन्नर के कान में बोले ये 2 शब्द धन के आने के सारे मार्ग खुल जाएंगे

दोस्तों आज में आपको उन दो जादुई शब्द के बारे में बताने जा रही हु जो आपको किन्नर को पैसे देते समय बोलना है ऐसा करने से आपको धन लाभ होगा और आपकी धन से जुडी सभी परेशानिया खत्म हो जाएँगी दोस्तों जब भी किसी किन्नर को पैसे दिए जाते हैं तो वो आपको बहुत सी दुआएं देता हैं.

ऐसा माना जाता हैं कि किन्नर के मुंह से निकली दुआएं बहुत लाभकारी होती हैं. इन दुआओं का फल बहुत जल्दी देखने को मिलता हैं. लेकिन जितनी इनकी दुआएं असरदार होती हैं उतनी ही खतरनाक इनकी बददुआएं होती हैं. बस यही वजह हैं कि कुछ लोग इन्हें डर के मारे भी पैसा दे देते हैं. किन्नर के मुंह से निकली बददुआएं कोई नहीं लेना चाहता हैं.

दोस्तों जब भी किन्नर आपके घर, ऑफिस या दूकान में आकर पैसा लेने के बाद जाने लगे तो उसे कहीए ‘और आइएगा’. आप लोगो के ये शब्द बहुत मामूली से लग रहे होंगे. लेकिन ये 2 शब्द बहुत ही चमत्कारी है ये शब्द व्यक्ति की किस्मत बदल देते है

रविवार को इस पेड़ की जड़ में डाले थोड़ा सा दूध मन की मुंहमांगी इच्छा बहुत जल्दी होगी पूरी

भगवान सूर्य की पूजा रविवार के दिन की जाती है. सूर्यदेव की पूजा घर और समाज में मान-सम्मान और दरिद्रता से छुटकारा पाने के लिए की जाती है. इसके साथ ही धन-धान्य और सुख-समृद्ध‍ि की प्राप्ति के लिए सूर्य देव की पूजा की जाती है क्योंकि वह यश और वैभव के देवता हैं. रविवार के दिन सूर्य उपासना करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान सूर्य संकटों से रक्षा भी करते हैं.

ऐसे में अगर आप अपने जीवन की समस्याओं का समाधान चाहते हैं तो आज यानी रविवार के दिन सूर्य भगवान की पूजा जरूर करें. रविवार के दिन सूर्य को चल अर्पित करें. हालांकि अगर आप रोज ऐसा करते हैं तो ये बहुत अच्छा है. दरअसल रविवार के दिन सूर्य को जल अर्पित करने का अपनी ही एक महत्व है. लेकिन रविवार को सू्र्य भगवान की अराधना से पहले कुछ बातों का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इसलिए रविवार के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान.

रविवार के दिन विशेष रूप से ध्यान रखें कि सुबह उठकर नहाने के बाद ही सूर्य भगवान को जल अर्पित करें. जल अर्पित करने के लिए तांबे के लौटा लें और उसमें जल भरें. इसके साथ ही लौटे में चावल-फूल डालें. इसके साथ ही रविवार के दिन पीले या लाल वस्त्र, तांबे का बर्तन, गेंहू, गुड़, माणिक्य, लाल चंदन आदि चीजों का दान करें. वहीं सूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए रविवार को व्रत रखें, जल अर्पित करने के बाद धूप और दीप से उनका पूजन करें. दिन में सिर्फ एक बार फलहाल करें.

शनिवार की रात इसको बोल दिया 11 बार तो खुद धन कुबेर चलकर आएंगे आपके घर

सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवताओं के लिए समर्पित है. कल शनिवार का दिन है, इस दिन किए गए उपाय का असर ज्यादा रहता है. अगर परेशानियां आपका पीछा नहीं छोड़ रही तो शनिवार को कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. बता दें कि शनिवार का दिन भगवान शनि देव और हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए माना जाता है. जो भी व्यक्ति इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करता है उसके भाग्य में राजयोग का सुख रहता है. यही कारण है कि ऐसा कहा जाता है कि शनिवार शाम को कम से कम 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए.

यदि कोई इच्छा है तो आप शनिवार की शाम को एक रोटी किसी काले कुत्ते या फिर काली गाय को खिलाएं, ऐसा करने से आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण होने लगती हैं. शास्त्रों में इस बात का जिक्र किया गया है कि चीटियों और मछलियों को आटा खिलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है. बता दें कि शनिवार शाम जो भी व्यक्ति इस काम को करता है भाग्य हमेशा उसका साथ देता है.

ऐसी मान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाने से साढ़ेसाती खत्म हो जाती है, साथ ही शनि देव की कृपा और आर्शीवाद मिलता है. एक समय की बात है जब हनुमान जी और शनि देव के बीच युद्ध हुआ था. इस युद्ध में शनिदेव को काफी चोटें आईं, अपने दोस्त शनिदेव की चोट देख हनुमान जी को बेहद दुख हुआ. शनिदेव के दर्द को शांत करने के लिए हनुमान जी ने उनके शरीर पर तेल लगाया, ताकि उनकी पीड़ा थोड़ी कम हो सके. चमत्कार देखिए, तेल लगाने से शनिदेव की पीड़ा समाप्त हो गई. उसी दिन से शनि जी की मूर्ति पर तेल अर्पित करने की पंरपरा शुरू हो गई.

यदि घर पर बनाओ ये निशान तो शत्रु ही नहीं मृत्यु भी नहीं भटकती उस घर के पास

नमस्ते दोस्तों, हर कोई अपने जीवन में धनवान बनना चाहता है और हर इंसान इसके लिए मेहनत करता है पर फिर भी कोई ना कोई कारण से महीने के अंतिम में या कोई और कारण से उनका कमाया हुआ धन तुरंत खर्च हो जाता है. कभी कबार पूरा धन घर में रहे बीमार व्यक्ति की दवाई में चला जाता है, यह सब होने का कारण हमारे घर में रही हुवी नकारात्मक उर्जा है.

जिसका निवारण शास्त्रों में श्रेष्ठ वास्तुशास्त्र में बताया गया है वैसे तो बहुत उपाय है पर आज मैं आपको बताऊंगा की यह 5 चीज अपने घर के मुख्य दरवाजे पर रखिए माता लक्ष्मी कभी भी आपका घर नहीं छोड़ेगी तो चलिए जानते हैं वह 5 चीज कौन सी है.

घर के मुख्य दरवाजे पर शुक्रवार को सही मुहूर्त देख शुभ लाभ के निशान दरवाजे पर जरूर बनाएं इससे घर में रोग और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है

घर के मुख्य दरवाजे के पास पानी से भरा हुआ कांच का बर्तन रखिए हो सके तो घर की शोभा बढ़ाने के लिए आप कांच की बोतल में पानी भर उसमें पुष्प को भी रख सकते हैं. ऐसा करने से घर में शांति और सकारात्मकता बनी रहती है.

घर के मुख्य दरवाजे में अशोक के पत्तों का तोरण सही मुहूर्त देख बांध दें और जब पत्तियां सूख जाए तो उसे उतार कर दरवाजे पर दूसरा तोरण बांधे. ऐसा करने से घर में समृद्धि आती है और आर्थिक समस्या भी दूर हो जाती है.

घर के प्रवेश द्वार पर शुक्रवार के दिन शुभ मुहूर्त देख लक्ष्मी जी के पैर बनाकर उसकी पूजा करें और यह बात ध्यान रखे कि लक्ष्मी जी के पैर ऐसे बनाएं कि वह घर के अंदर तरफ आ रहे हो. ऐसा करने से आपकी धन से जुड़ी समस्या दूर होती है.

सुहागिन महिला के सर पर लगी बिंदी उनके पति के लिए ला सकती है मुसीबत का पहाड़

आप सभी इस बात को तो अच्छी तरह से जानते हैं कि सुहागिन स्त्रियों के सुहाग को बचाने के लिए हमारे समाज ने अनेक प्रकार के व्रत और सामाजिक नियम बनाए हैं जिनके द्वारा एक सुहागिन स्त्री अपने सुहाग की रक्षा कर सकती है।

इसी प्रकार से उनके श्रंृगार के लिए भी कई चीजे हैं जिनको पहनकर स्त्री अपने सुहाग की रक्षा करती है। उन्ही चीजों में से एक चीज है बिन्दी जी हाँ यह हमारे सुहाग की निशानी में से एक हैं तो हम आपको बता दें कि जब आपकी बिन्दी बेकार हो जाए तो आप उसको इधर-उधर नहीं फेंके क्योंकि जब हम बिन्दी को इधर-उधर फेंकते हैं तो वह किसी के भी पैर के नीचे आ सकती है और कोई भी स्त्री यह कभी भी नहीं चाहेगी कि उसका सुहाग किसी के पैरों तले रोंदा जाए।

इस लिए जब आपकी बिन्दी बेकार हो जाए तो आप उनको किसी डि़बिया में इकठ्ठा कर लें और जब डि़बिया भर जाए तो आप उन बिन्दियों को कहीं ले जाकर पानी में बहा दें। ताकि आपके सुहाग का अपमान नहीं हो सके। हाँ यदि आपकी बिन्दी कहीं गिर जाए और मिले नहीं तो बात अलग है वैसे जहाँ तक सम्भव हो वहाँ तक उन्हें इकठ्ठा ही कर लें।

जिसके हाथ में हो बँधा ये धागा सक्षात महादेव बचाते है उसे हर मुसीबत से

हर इंसान के जीवन में उतार चढ़ाव आते हैं. भले ही इंसान कितन भी पैसे वाला क्यों न हो उसके जीवन में भी उतार चढ़ाव होते हैं. हर इंसान को अपने जीवन में कभी न कभी किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार लोग कुछ काम करते हैं और उसमे सफल नहीं हो पाते. ज्योतिष शास्त्रों में बताया गया है कि ऐसा इंसान की कुंडली में ग्रह दोषों की वजह से होता है. ग्रह दोषों को दूर करने के लिए भुत से उपाय बताये गये हैं. हिन्दू धर्म में पूजा पाठ करने के बाद हाथों पर एक लाल रंग का धागा बांधा जाता है. आपको बता दें इस लाल धागे को कलावा या मौली बोलते हैं हैं और इसे बांधने से नकारात्मक शक्तियां दूर जाती हैं.

मौली बांधने की प्रथा आज से नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही है. मौली बांधने के कुछ नियम होते हैं जैसे रुषों के दायें तथा महिलाओं के बाएं हाथ में मौली बाँधी जाती है. मौली सिर्फ पूजा पाठ के लिए ही नहीं बल्कि इंसान के स्वास्थ के लिए भी लाभदायक होती है. चलिए जानते हैं क्या होते हैं

ऐसा कहा जाता है कि मौली को हाथ पर बांधने से त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश और तीनों देवियों लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती की विशेष कृपा बनी रहती है.

कलाई पर मौली बांधने से धन की देवी लक्ष्मी इंसान पर अपनी कृपा बरसाती हैं और साथ ही पार्वती यानी दुर्गा से शक्ति और सरस्वती से ज्ञान की प्राप्ति होती है.

हाथ पर मौली बांधने से कलाई पर दबाव पड़ता है जिस वजह से वात, पित्त और कफ की समस्या दूर होती है.

यदि नमक गिरता है जमीन पर तो नजरअंदाज ना करे वरना आप डूब जाओगे गरीबी के नदी में

अकसर रसोई में या फिर कोई भी काम करते समय अचानक हाथों से कुछ गिर जाता हैं तो हम उसे सामान्य बात मान नज़रअंदाज़ कर देते है लेकिन वास्तुशास्त्रों की मानें तो हाथों से अचानक से कुछ चीज़ों का गिरना भविष्य में आने वाले बुरे समय का संकेत देता है। तो आइये जानते है उन चीजो के बारें में जिनका गिरना मनुष्य के जीवन पर क्या प्रभाव डालता है

# आपको जानकर हैरानी होगी कि दूध उबल कर गिर जाना भी एक तरह का अशुभ संकेत है। कहते हैं कि दूध का बाहर गिरने से व्यक्ति मनोविकास से पीड़ित हो सकता है। यही नहीं, व्यक्ति के पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल की संभावना बढ़ जाती है और साथ ही रिश्तेदारों में मतभेद भी पैदा हो सकता है। पैसों का भी अक्समात खर्च होता है और घर के लोग बीमार रहने लग जाते हैं। घरेलू जीवन में संधि विच्छेद की संभावना ना बढ़े इसके लिए दूध उबालते वक्त ध्यान रखें और इसे गिरने ना दें।

# ध्यान रखें कि जेब अथवा पर्स से रूपए अगर आपके हाथों द्वारा जमीन पर गिर जाएं तो तुरंत उन्हें उठाकर सिर से लगा लें और धन की देवी लक्ष्मी से जल्दी क्षमा याचना कर लें उसे जेब में रख लें क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान से बचाव होगा। जान लें अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

# वहीं, हाथ से नमक का गिर जाना शुक्र और चंद्रमा से संबंधित नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है।

# बताते चलें कि खाद्य पदार्थों का बिखरना अथवा गिरना भी अन्न की देवी अन्नपूर्णा व धन की देवी लक्ष्मी के नाराज हो जाने का सूचक है।

जो इन 3 चीज़ो को छोड़ता है भगवान उसे सारी जिंदगी नहीं छोड़ते

हनुमान जी को भगवान सदा अपने पास बैठाते है; क्यों?क्यों कि हनुमान जी ने तीन काम किये और जो ये तीन कार्य करता है भगवान उसे अपने पास सदा रखते है !

1. हनुमान जी ने नाम छोड़ा
हनुमान जी ने अपना कोई नाम नहीं रखा ! हनुमान जी के जितने भी नाम है सभी उनके कार्यों से अलग अलग नाम हुए है ! किसी ने पूछा -आपने अपना कोई नाम क्यों नहीं रखा तो हनुमान जी बोले -जो है नाम वाला वही तो बदनाम है नाम तो दो ही सुन्दर है राम और कृष्ण का ! विभीषण जी के पास जब हनुमान जी गए तो विभीषण जी बोले – आपने भगवान की इतनी सुन्दर कथा सुनाई आप अपना नाम तो बताईये ! हनुमान जी बोले -नाम की तो बड़ी महिमा है।

प्रात लेई जो नाम हमारा ;
तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा !

अर्थात प्रात:काल हमारा नाम जो लेता है उस दिन उसे आहार तक नहीं मिलता ! हनुमान जी ने नाम छोड़ा और हम नाम के पीछे ही मरे जाते है ! मंदिर में एक पत्थर भी लगवाते है तो पहले अपना नाम उस पर खुदवाते है ! एक व्यक्ति ने एक मंदिर में पंखे लगवाए ;पंखे की हर पंखङी पर अपने पिता जी का नाम लिखवाया ! एक संत ने पूछा -ये पंखे पर किसका नाम लिखा है ! उसके बेटे ने कहा -मेरे पिता जी का नाम है ! संत बोले -जीते जी खूब चक्कर काटे कम से कम मरने के बाद तो छोड़ दो क्यों चक्कर लगवा रहे हो !

2. हनुमान जी ने रूप छोड़ा –
हनुमान जी बंदर का रूप लेकर आये ! हमें किसी का मजाक उड़ाना होता है तो हम कहते है कैसा बंदर जैसा मुख है कैसे बंदर जैसे दाँत दिखा रहा है ! हनुमान जी से किसी ने पूछा -आप रूप बिगाड़कर क्यों आये तो हनुमान जी बोले यदि मै रूपवान हो गया तो भगवान पीछे रह जायेगे ! इस पर भगवान बोले -चिंता मत करो हनुमान मेरे नाम से ज्यादा तुम्हारा नाम होगा और ऐसा हुआ भी राम जी के मंदिर से ज्यादा हनुमान जी के मंदिर है !मेरे दरबार में पहले तुम्हारा दर्शन होगा ( राम द्वारे तुम रखवाले ) !

3. हनुमान जी ने यश छोड़ा –
हम थोड़ा सा भी बड़ा और अच्छा काम करते है तो चाहते है पेपर में हमारी फोटो छपे नाम छपे पर हनुमान जी ने कितने बड़े-2 काम किये पर यश स्वयं नहीं लिया !

एक बार भगवान वानरों के बीच में बैठे थे ;सोचने लगे हनुमान तो अपने मुख से स्वयं कहेगा नहीं इसलिए हनुमान की बडाई करते हुए बोले -हनुमान तुमने इतना बड़ा सागर लांघा जिसे कोई नहीं लांघ सका !
हनुमान जी बोले -प्रभु इसमें मेरी क्या बिसात
प्रभु मुद्रिका मेल मुख माही !
आपके नाम की मुंदरी ने पार लगाया !

भगवान बोले -अच्छा हनुमान चलो मेरी नाम की मुंदरी ने उस पार लगाया फिर जब तुम लौटे तब तो मुंदरी जानकी को दे आये थे फिर लौटते में तो नहीं थी फिर किसने पार लगाया ?

इस पर हनुमान जी बोले -प्रभु आपकी कृपा ने (मुंदरी) ने उस पार किया और माता सीता की कृपा ने (चूड़ामणि) इस पार किया!

भगवान ने मुस्कराते हुए पूछा -और लंका कैसे जली ?

हनुमान जी -लंका को जलाया आपके प्रताप ने, लंका को जलाया रावण के पाप ने, लंका को जलाया माँ जानकी के श्राप ने !

भगवान ने मुस्कराते हुए घोषणा की -हे हनुमान तुमने यश छोड़ा है इसलिए न जाने तुम्हारा यश कौन-2 गायेगा!

सहस बदन तुम्हारो यश गावे
सारा जगत तुम्हारा यश गायेगा !

जो इन तीनो को छोडता है भगवान फिर उसे नहीं छोडते सदा अपने साथ रखते है !

जय सियाराम जय जय हनुमान