शनिवार की रात इसको बोल दिया 11 बार तो खुद धन कुबेर चलकर आएंगे आपके घर

सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवताओं के लिए समर्पित है. कल शनिवार का दिन है, इस दिन किए गए उपाय का असर ज्यादा रहता है. अगर परेशानियां आपका पीछा नहीं छोड़ रही तो शनिवार को कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. बता दें कि शनिवार का दिन भगवान शनि देव और हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए माना जाता है. जो भी व्यक्ति इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करता है उसके भाग्य में राजयोग का सुख रहता है. यही कारण है कि ऐसा कहा जाता है कि शनिवार शाम को कम से कम 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए.

यदि कोई इच्छा है तो आप शनिवार की शाम को एक रोटी किसी काले कुत्ते या फिर काली गाय को खिलाएं, ऐसा करने से आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण होने लगती हैं. शास्त्रों में इस बात का जिक्र किया गया है कि चीटियों और मछलियों को आटा खिलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है. बता दें कि शनिवार शाम जो भी व्यक्ति इस काम को करता है भाग्य हमेशा उसका साथ देता है.

ऐसी मान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाने से साढ़ेसाती खत्म हो जाती है, साथ ही शनि देव की कृपा और आर्शीवाद मिलता है. एक समय की बात है जब हनुमान जी और शनि देव के बीच युद्ध हुआ था. इस युद्ध में शनिदेव को काफी चोटें आईं, अपने दोस्त शनिदेव की चोट देख हनुमान जी को बेहद दुख हुआ. शनिदेव के दर्द को शांत करने के लिए हनुमान जी ने उनके शरीर पर तेल लगाया, ताकि उनकी पीड़ा थोड़ी कम हो सके. चमत्कार देखिए, तेल लगाने से शनिदेव की पीड़ा समाप्त हो गई. उसी दिन से शनि जी की मूर्ति पर तेल अर्पित करने की पंरपरा शुरू हो गई.

यदि घर पर बनाओ ये निशान तो शत्रु ही नहीं मृत्यु भी नहीं भटकती उस घर के पास

नमस्ते दोस्तों, हर कोई अपने जीवन में धनवान बनना चाहता है और हर इंसान इसके लिए मेहनत करता है पर फिर भी कोई ना कोई कारण से महीने के अंतिम में या कोई और कारण से उनका कमाया हुआ धन तुरंत खर्च हो जाता है. कभी कबार पूरा धन घर में रहे बीमार व्यक्ति की दवाई में चला जाता है, यह सब होने का कारण हमारे घर में रही हुवी नकारात्मक उर्जा है.

जिसका निवारण शास्त्रों में श्रेष्ठ वास्तुशास्त्र में बताया गया है वैसे तो बहुत उपाय है पर आज मैं आपको बताऊंगा की यह 5 चीज अपने घर के मुख्य दरवाजे पर रखिए माता लक्ष्मी कभी भी आपका घर नहीं छोड़ेगी तो चलिए जानते हैं वह 5 चीज कौन सी है.

घर के मुख्य दरवाजे पर शुक्रवार को सही मुहूर्त देख शुभ लाभ के निशान दरवाजे पर जरूर बनाएं इससे घर में रोग और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है

घर के मुख्य दरवाजे के पास पानी से भरा हुआ कांच का बर्तन रखिए हो सके तो घर की शोभा बढ़ाने के लिए आप कांच की बोतल में पानी भर उसमें पुष्प को भी रख सकते हैं. ऐसा करने से घर में शांति और सकारात्मकता बनी रहती है.

घर के मुख्य दरवाजे में अशोक के पत्तों का तोरण सही मुहूर्त देख बांध दें और जब पत्तियां सूख जाए तो उसे उतार कर दरवाजे पर दूसरा तोरण बांधे. ऐसा करने से घर में समृद्धि आती है और आर्थिक समस्या भी दूर हो जाती है.

घर के प्रवेश द्वार पर शुक्रवार के दिन शुभ मुहूर्त देख लक्ष्मी जी के पैर बनाकर उसकी पूजा करें और यह बात ध्यान रखे कि लक्ष्मी जी के पैर ऐसे बनाएं कि वह घर के अंदर तरफ आ रहे हो. ऐसा करने से आपकी धन से जुड़ी समस्या दूर होती है.

सुहागिन महिला के सर पर लगी बिंदी उनके पति के लिए ला सकती है मुसीबत का पहाड़

आप सभी इस बात को तो अच्छी तरह से जानते हैं कि सुहागिन स्त्रियों के सुहाग को बचाने के लिए हमारे समाज ने अनेक प्रकार के व्रत और सामाजिक नियम बनाए हैं जिनके द्वारा एक सुहागिन स्त्री अपने सुहाग की रक्षा कर सकती है।

इसी प्रकार से उनके श्रंृगार के लिए भी कई चीजे हैं जिनको पहनकर स्त्री अपने सुहाग की रक्षा करती है। उन्ही चीजों में से एक चीज है बिन्दी जी हाँ यह हमारे सुहाग की निशानी में से एक हैं तो हम आपको बता दें कि जब आपकी बिन्दी बेकार हो जाए तो आप उसको इधर-उधर नहीं फेंके क्योंकि जब हम बिन्दी को इधर-उधर फेंकते हैं तो वह किसी के भी पैर के नीचे आ सकती है और कोई भी स्त्री यह कभी भी नहीं चाहेगी कि उसका सुहाग किसी के पैरों तले रोंदा जाए।

इस लिए जब आपकी बिन्दी बेकार हो जाए तो आप उनको किसी डि़बिया में इकठ्ठा कर लें और जब डि़बिया भर जाए तो आप उन बिन्दियों को कहीं ले जाकर पानी में बहा दें। ताकि आपके सुहाग का अपमान नहीं हो सके। हाँ यदि आपकी बिन्दी कहीं गिर जाए और मिले नहीं तो बात अलग है वैसे जहाँ तक सम्भव हो वहाँ तक उन्हें इकठ्ठा ही कर लें।

जिसके हाथ में हो बँधा ये धागा सक्षात महादेव बचाते है उसे हर मुसीबत से

हर इंसान के जीवन में उतार चढ़ाव आते हैं. भले ही इंसान कितन भी पैसे वाला क्यों न हो उसके जीवन में भी उतार चढ़ाव होते हैं. हर इंसान को अपने जीवन में कभी न कभी किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार लोग कुछ काम करते हैं और उसमे सफल नहीं हो पाते. ज्योतिष शास्त्रों में बताया गया है कि ऐसा इंसान की कुंडली में ग्रह दोषों की वजह से होता है. ग्रह दोषों को दूर करने के लिए भुत से उपाय बताये गये हैं. हिन्दू धर्म में पूजा पाठ करने के बाद हाथों पर एक लाल रंग का धागा बांधा जाता है. आपको बता दें इस लाल धागे को कलावा या मौली बोलते हैं हैं और इसे बांधने से नकारात्मक शक्तियां दूर जाती हैं.

मौली बांधने की प्रथा आज से नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही है. मौली बांधने के कुछ नियम होते हैं जैसे रुषों के दायें तथा महिलाओं के बाएं हाथ में मौली बाँधी जाती है. मौली सिर्फ पूजा पाठ के लिए ही नहीं बल्कि इंसान के स्वास्थ के लिए भी लाभदायक होती है. चलिए जानते हैं क्या होते हैं

ऐसा कहा जाता है कि मौली को हाथ पर बांधने से त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश और तीनों देवियों लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती की विशेष कृपा बनी रहती है.

कलाई पर मौली बांधने से धन की देवी लक्ष्मी इंसान पर अपनी कृपा बरसाती हैं और साथ ही पार्वती यानी दुर्गा से शक्ति और सरस्वती से ज्ञान की प्राप्ति होती है.

हाथ पर मौली बांधने से कलाई पर दबाव पड़ता है जिस वजह से वात, पित्त और कफ की समस्या दूर होती है.

यदि नमक गिरता है जमीन पर तो नजरअंदाज ना करे वरना आप डूब जाओगे गरीबी के नदी में

अकसर रसोई में या फिर कोई भी काम करते समय अचानक हाथों से कुछ गिर जाता हैं तो हम उसे सामान्य बात मान नज़रअंदाज़ कर देते है लेकिन वास्तुशास्त्रों की मानें तो हाथों से अचानक से कुछ चीज़ों का गिरना भविष्य में आने वाले बुरे समय का संकेत देता है। तो आइये जानते है उन चीजो के बारें में जिनका गिरना मनुष्य के जीवन पर क्या प्रभाव डालता है

# आपको जानकर हैरानी होगी कि दूध उबल कर गिर जाना भी एक तरह का अशुभ संकेत है। कहते हैं कि दूध का बाहर गिरने से व्यक्ति मनोविकास से पीड़ित हो सकता है। यही नहीं, व्यक्ति के पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल की संभावना बढ़ जाती है और साथ ही रिश्तेदारों में मतभेद भी पैदा हो सकता है। पैसों का भी अक्समात खर्च होता है और घर के लोग बीमार रहने लग जाते हैं। घरेलू जीवन में संधि विच्छेद की संभावना ना बढ़े इसके लिए दूध उबालते वक्त ध्यान रखें और इसे गिरने ना दें।

# ध्यान रखें कि जेब अथवा पर्स से रूपए अगर आपके हाथों द्वारा जमीन पर गिर जाएं तो तुरंत उन्हें उठाकर सिर से लगा लें और धन की देवी लक्ष्मी से जल्दी क्षमा याचना कर लें उसे जेब में रख लें क्योंकि इससे आर्थिक नुकसान से बचाव होगा। जान लें अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

# वहीं, हाथ से नमक का गिर जाना शुक्र और चंद्रमा से संबंधित नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है।

# बताते चलें कि खाद्य पदार्थों का बिखरना अथवा गिरना भी अन्न की देवी अन्नपूर्णा व धन की देवी लक्ष्मी के नाराज हो जाने का सूचक है।

जो इन 3 चीज़ो को छोड़ता है भगवान उसे सारी जिंदगी नहीं छोड़ते

हनुमान जी को भगवान सदा अपने पास बैठाते है; क्यों?क्यों कि हनुमान जी ने तीन काम किये और जो ये तीन कार्य करता है भगवान उसे अपने पास सदा रखते है !

1. हनुमान जी ने नाम छोड़ा
हनुमान जी ने अपना कोई नाम नहीं रखा ! हनुमान जी के जितने भी नाम है सभी उनके कार्यों से अलग अलग नाम हुए है ! किसी ने पूछा -आपने अपना कोई नाम क्यों नहीं रखा तो हनुमान जी बोले -जो है नाम वाला वही तो बदनाम है नाम तो दो ही सुन्दर है राम और कृष्ण का ! विभीषण जी के पास जब हनुमान जी गए तो विभीषण जी बोले – आपने भगवान की इतनी सुन्दर कथा सुनाई आप अपना नाम तो बताईये ! हनुमान जी बोले -नाम की तो बड़ी महिमा है।

प्रात लेई जो नाम हमारा ;
तेहि दिन ताहि न मिलै अहारा !

अर्थात प्रात:काल हमारा नाम जो लेता है उस दिन उसे आहार तक नहीं मिलता ! हनुमान जी ने नाम छोड़ा और हम नाम के पीछे ही मरे जाते है ! मंदिर में एक पत्थर भी लगवाते है तो पहले अपना नाम उस पर खुदवाते है ! एक व्यक्ति ने एक मंदिर में पंखे लगवाए ;पंखे की हर पंखङी पर अपने पिता जी का नाम लिखवाया ! एक संत ने पूछा -ये पंखे पर किसका नाम लिखा है ! उसके बेटे ने कहा -मेरे पिता जी का नाम है ! संत बोले -जीते जी खूब चक्कर काटे कम से कम मरने के बाद तो छोड़ दो क्यों चक्कर लगवा रहे हो !

2. हनुमान जी ने रूप छोड़ा –
हनुमान जी बंदर का रूप लेकर आये ! हमें किसी का मजाक उड़ाना होता है तो हम कहते है कैसा बंदर जैसा मुख है कैसे बंदर जैसे दाँत दिखा रहा है ! हनुमान जी से किसी ने पूछा -आप रूप बिगाड़कर क्यों आये तो हनुमान जी बोले यदि मै रूपवान हो गया तो भगवान पीछे रह जायेगे ! इस पर भगवान बोले -चिंता मत करो हनुमान मेरे नाम से ज्यादा तुम्हारा नाम होगा और ऐसा हुआ भी राम जी के मंदिर से ज्यादा हनुमान जी के मंदिर है !मेरे दरबार में पहले तुम्हारा दर्शन होगा ( राम द्वारे तुम रखवाले ) !

3. हनुमान जी ने यश छोड़ा –
हम थोड़ा सा भी बड़ा और अच्छा काम करते है तो चाहते है पेपर में हमारी फोटो छपे नाम छपे पर हनुमान जी ने कितने बड़े-2 काम किये पर यश स्वयं नहीं लिया !

एक बार भगवान वानरों के बीच में बैठे थे ;सोचने लगे हनुमान तो अपने मुख से स्वयं कहेगा नहीं इसलिए हनुमान की बडाई करते हुए बोले -हनुमान तुमने इतना बड़ा सागर लांघा जिसे कोई नहीं लांघ सका !
हनुमान जी बोले -प्रभु इसमें मेरी क्या बिसात
प्रभु मुद्रिका मेल मुख माही !
आपके नाम की मुंदरी ने पार लगाया !

भगवान बोले -अच्छा हनुमान चलो मेरी नाम की मुंदरी ने उस पार लगाया फिर जब तुम लौटे तब तो मुंदरी जानकी को दे आये थे फिर लौटते में तो नहीं थी फिर किसने पार लगाया ?

इस पर हनुमान जी बोले -प्रभु आपकी कृपा ने (मुंदरी) ने उस पार किया और माता सीता की कृपा ने (चूड़ामणि) इस पार किया!

भगवान ने मुस्कराते हुए पूछा -और लंका कैसे जली ?

हनुमान जी -लंका को जलाया आपके प्रताप ने, लंका को जलाया रावण के पाप ने, लंका को जलाया माँ जानकी के श्राप ने !

भगवान ने मुस्कराते हुए घोषणा की -हे हनुमान तुमने यश छोड़ा है इसलिए न जाने तुम्हारा यश कौन-2 गायेगा!

सहस बदन तुम्हारो यश गावे
सारा जगत तुम्हारा यश गायेगा !

जो इन तीनो को छोडता है भगवान फिर उसे नहीं छोडते सदा अपने साथ रखते है !

जय सियाराम जय जय हनुमान

रोज की पूजा में करी ये एक गलती खोलती है नर्क का दरवाजा

हमे पूजा करते समय कुछ कार्यो को नहीं करना चाहिए क्योकि यह दरिद्रता को निमंत्रण देते है. दोस्तों हमारे हिन्दू धर्म में नियमित तोर पर पूजा पाठ करने का विधान होता है. माना जाता है की प्रत्येक दिन पूजा करने से घर में सुख और शांति बनी रहती है. आस पास का वातवरण शुद्ध बना रहता है. पूजा पाठ करते वक्त कुछ ख़ास बातो का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है. आइये जानते है की पूजा करते वक्त कौन सी वे ख़ास बाते है जिन्हे हमे ध्यान रखना चाहिए.

दोस्तों पूजा करते वक्त कुछ जरूरी बातो का ध्यान नहीं दिया जाए तो घर में बीमारी, दरिद्रता तथा आर्थिक परेशानिया आ जाती है. ऐसे में जरूरी होता है की आप पूजा में इन सभी बातो का विशेष ध्यान रखे. इनमे जो सबसे जरूरी चीज़ है वह है अगरबत्ती. दोस्तों आप पूजा में जो अगरबत्ती प्रयोग में लाते है उसमे ध्यान रखे की वह बांस की बनी न हो.

कभी पूजा में बांस की अगरबत्ती का प्रयोग नहीं करना चाहिए. अगरबत्ती केवल खसबू के लिए ही नहीं जलानी चाहिए, अगर अगरबत्ती का सही चयन नहीं किया जाए तो यह घर में दरिद्रता एवं गरीबी लेकर आता है. दोस्तों इसलिए ध्यान रखे की बांस से बनी अगरबत्ती कभी भी ना ले. अगरबत्ती को पहले देख ले तभी आप अगरबत्ती खरीदे. दोस्तों पूजा में जब माचिस दीपक को जलाने के लिए प्रयोग करते है उसे कभी भी फुक मार कर नहीं बुझाना चाहिए. धर्म शास्त्रों में ऐसी मान्यता है की ऐसा करने से घर की लक्ष्मी रूठ जाती है. उस घर में कभी भी माता लक्ष्मी का वास नहीं होता है.

सबसे जरूरी बात दोस्तों कभी दीपक से दीपक को भी ना जलाये. दोस्तों अक्सर हम क्या करते है की जब हमे कोई दीपक जलाना होता है तो जो हमने पहले दीपक जलाया होता है उससे ही हम दुसरा दीपक जला लेते है. परन्तु शास्त्रों के अनुसार हमे ऐसा नहीं करना चाहिए. माना जाता है की जब पूजा घर में एक दीपक से दूसरा दीपक जलाया जाता है तो उस घर में बीमारियों का वास हो जाता है.

घर में हमेसा कोई न कोई बीमार रहने लगता है. तो दोस्तों कभी भी दीपक को दीपक से लगा कर नहीं जलाना चाहिए इसके साथ ही दोस्तों कभी भी दीपक से अगरबत्ती भी नहीं जलानी चाहिए. माना जाता है की जब हम दीपक से अगरबत्ती जलाते है तो इससे भी घर में दरिद्रता का वास होता है. अतः दोस्तों पूजा की अगरबत्ती को अलग तिल्ली से जलाये तथा दीपक को अलग तिल्ली से जलाये. हमेसा पूजा के दौरान 2 दीपक जलाये एक घी दीपक और एक तेल का दीपक. यदि आप सुबह या शाम की पूजा में एक टाइम भी करते है तो इससे घर की सभी नकरात्मकता दूर हो जाती है तथा घर की सुख समृद्धि में कई गुना वृद्धि होती है.

किसी स्त्री को ये काम करते हुए देखना लगता है बड़ा महा पाप भगवान नहीं देते मांफी

जैसे कि आप जानते ही है नारी को समाज मे बहुत ऊंचा दर्जा दिया गया है। शास्त्रों में स्त्री को पूजनीय स्थान दिया गया है। क्योंकि औरत से ही इस दुनिया की रचना होती है। इसलिए किसी भी औरत का कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए है। आज हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे जो आपको बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए है वरना आप पाप के भागीदार बन जाते है तो चलिए वो क्या बात है।

स्नान सबके लिए जरूरी होता है क्योंकि इससे हमारा शरीर साफ और तरोताजा बना रहा है सबकी दिनचर्या लगभग नहाने के बाद ही शुरू होती है। शास्त्रों के मुताबिक यदि आप किसी महिला को नहाते हुए देखते है तो आपको बहुत पाप लगता है और माना जाता है यह मरने के बाद भी इंसान का पीछा नहीं छोड़ता है।

इसलिए आप कभी भी जीवन में ऐसी भूल ना करें। अगर आप कभी गलती से ऐसा कर देते है तो आपको भगवान छमा कर देते है लेकिन जानबूझकर किया गया पाप नही माफ होता है।

आज वैसाख चतुर्थी कागज पर यह लिखकर जला दे जो चाहोगे सो मिलेगा

नमस्कार दोस्तों हमारे चैनल में आपका सवागत है दोस्तों आज वैसाख शुक्ल चतुर्थी के उपलक्ष्य में विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रनुसार गणपति चतुर्थी तिथि के स्वामी हैं। शास्त्रों में विनायक चतुर्थी को गणपति चतुर्थी कहकर संबोधित किया है। विनायक चतुर्थी पर्व हर माह में वार के अनुसार मनाया जाता है।

गुरुवार को पड़ने वाली शुक्ल चतुर्थी को गुरुवारीय विनायक चतुर्थी कहते हैं। गुरुवारीय विनायक चतुर्थी पर गणपति के हरिद्रा स्वरूप के पूजन का विधान है। विनायक चतुर्थी,सभी देवताओं में पहले पूजे जाने वाले भगवान गणेश जी को समर्पित है। विनायक चतुर्थी हर महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को पड़ती है।

दोस्तों सबसे पहले आपको लाल रंग का कागज आपको बता दे दोस्तों की ये एक प्रकार का टोटका है जिससे मनोकामनाएं पूर्ण होती है। ये एक अचूक टोटका माना जाता ही। इस टोटके के लिए आपको सिर्फ एक लाल कागज चाहिए। इस कागज में आप अपनी इच्छा लिखकर उसे रेशमी धागे से बांध ले तथा इसके बाद इसे जला दे ऐसा करने से जरूर आपकी मनोकामनाएं धीऱे धीऱे पूरी होने लगेगी

घर में पूजा करते समय जरूर करे ये काम गाडी बंगला पैसा सब होगा आपके पास

आज के इस दौर में हर किसी को किसी न किसी समस्या से जूझना पड़ रहा है। चाहे वो आर्थिक हो या मानसिक हर व्यक्ति को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब आपको परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है।

क्योंकि आज हम आपको ज्योतिषियों के कुछ ऐसे छोट-छोटे उपाय बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर अपनी तकलीफों को छुमंतर कर देंगे। चाहे वो मनचाहे प्यार की हो या धन से जुडी

हर सुबह खाना बनाते समय पहली रोटी गाय तथा आखिरी रोटी कुत्ते के लिए अवश्य निकालें। ऐसा करने से आपके सारे ग्रह अपना बुरा असर छोड़ कर अच्छा असर देने लगेंगे।

प्रत्येक मंगलवार को मछलियों को आटे की गोली बनाकर तालाब में डालें। धन संबंधी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।

रोजाना एक गेंदे के फूल पर कुमकुम लगाकर तुलसी पर चढ़ाएं। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच तनाव कम हो जाएगा और आपस में और प्रेम बढ़ेगा।

एक सूखा नारियल लेकर उसे ऊपर से काट दें। अब इस कटे हुए नारियल में बूरा तथा घी मिलाकर भर दें और फिर कटा हुआ हिस्सा वापस उस पर रख दें। इस नारियल को चींटियों के बिल के पास मिट्टी में दबा दें। इस उपाय से साक्षात मां लक्ष्मी की कृपा होगी।