18 मार्च नवरात्री पूजा देखे ले ये वीडियो वरना पूजा होगी व्यर्थ

18 मार्च से चैत्र मास के नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस साल चैत्र नवरात्र आठ दिन के रहेंगे यानी 25 मार्च को नवरात्र की अंतिम तिथि रहेगी। नवरात्र देवी पूजा को समर्पित होता है। इन दिनों मां दुर्गा के लिए व्रत-उपवास और पूजा-पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इन दिनों में अधार्मिक कामों से बचना चाहिए। जो लोग नवरात्र में अशुभ काम करते हैं, उन्हें देवी की कृपा नहीं बल्कि नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। उनकी सभी प्रकार पूजा निष्फल हो सकती है। यहां जानिए उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और भागवत कथाकार पं. सुनील नागर के अनुसार नवरात्र में किन कामों से बचना चाहिए…

1. सुबह देर तक न सोएं

नवरात्र देवी भक्ति का समय है। इन दिनों में सुबह सूर्योदय से पहले ही बिस्तर छोड़ देना चाहिए। जल्दी उठें और देवी दुर्गा की पूजा करें। सुबह देर तक सोने से देवी मां की कृपा नहीं मिल पाती है।

2. स्त्रियों का, गुरु का और वृद्धों का अपमान न करें

नवरात्र देवी की पूजा का महापर्व है। इन दिनों में स्त्रियों का अपमान करने की गलती न करें। स्त्रियों के अपमान से देवी नाराज हो जाती हैं। साथ ही, किसी वृद्ध का अपमान भी न करें। वृद्धों का सम्मान करें। उनके आशीर्वाद से परेशानियां दूर हो सकती हैं।

3. नाखून न काटें

पं. सुनील नागर के अनुसार नवरात्र में नाखून काटने की मनाही है। जो लोग इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं, उन्हें देवी के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।

4. दाढ़ी न बनाएं या बाल न कटवाएं

शास्त्रों में कुछ काम ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें शुभ दिनों में नहीं करना चाहिए। दाढ़ी बनाना और बाल कटवाना भी उन्हीं कर्मों में शामिल है। नवरात्र के पवित्र दिनों में इस काम भी बचना चाहिए।

5. नशा न करें

शास्त्रों के अनुसार नशा करने वाला व्यक्ति कभी भी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त नहीं कर सकता है। नशा करना एक बुरी आदत है और इससे सभी को बचना चाहिए। खासतौर पर नवरात्र में इस बुराई से दूर ही रहना चाहिए।

6. झूठ न बोलें

नवरात्र में झूठ बोलने से बचें। ये एक महापाप है, इसकी वजह जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।

7. आलस्य न करें

नवरात्र के दिनों में आलस्य से बचें। जो भी काम करना हो, उसे जल्दी से जल्दी पूरा करें। इन दिनों में आलस्य करने से कामों में असफलता मिल सकती है।

बस घर में रख ले इसे, रोडपति को भी बना देता है करोड़पति

हिंदू धर्म में हाथी को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। हाथी को भगवान श्रीगणेश का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है वहीं धर्म ग्रंथों में हाथी को धन की देवी लक्ष्मी का वाहन भी बताया गया है। कुछ प्रमुख त्योहारों पर हाथी की विशेष पूजा भी महिलाओं द्वारा की जाती है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, वास्तु शास्त्र में भी हाथी का विशेष महत्व है। आज हम आपको चांदी के हाथी से जुड़ी कुछ वास्तु टिप्स बता रहे हैं। ये टिप्स आजमाने से धन लाभ होने के योग बन सकते हैं। ये टिप्स इस प्रकार हैं-

1. चांदी से बना हाथी वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना गया है। वास्तु के अनुसार, चांदी और हाथी दोनों ही नेगेटिविटी खत्म कर पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
2. चांदी से बना हाथी घर या ऑफिस में रखा जाए तो सभी दोषों का नाश होता है, जिससे घर में सकारात्मकता बढ़ती है और घर-परिवार पर देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
3. चांदी से बना हाथी घर या ऑफिस की टेबल पर रखने से रुके हुए कामों में गति आती है और प्रमोशन के योग भी बनते हैं। चांदी का हाथी उत्तर दिशा में रखना बहुत ही शुभ होता है।
4. घर या ऑफिस की टेबल के अलावा चांदी का हाथी तिजोरी या गल्ले में रखना भी शुभ होता है। इसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या गल्ले में रखना चाहिए।
5. पति-पत्नी में नहीं बनती और आए दिन विवाद होते हैं तो चांदी से बने हाथी जोड़े को बेडरूम में उत्तर दिशा में रखना चाहिए। इससे पति-पत्नी के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

अपने पूजा घर से उठा कर पर्स में डाल ले ये 1 चीज़ जिंदगी भर नहीं होगी आपको पैसो की कमी

शास्त्रों की मान्यता है कि घर में जब भी पूजा-पाठ की जाती है तो पूजा के बाद कुछ चीजें घर में रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार ये पवित्र चीजें कौन-कौन सी हैं, जिनसे देवी-देवताओं की कृपा मिलती है और अमीर बनने में मिल सकती है…

गणेशजी की पूजा में रखें ये चीजें

गणेशजी की पूजा में कई प्रकार की चीजें रखी जाती है। इन चीजों में से कुछ चीजें ऐसी हैं, जो कि घर में रखने पर गणेशजी की कृपा हमेशा बनी रहती है। जानिए ये खास चीजें…

पहली चीज

गणेशजी की पूजा में हल्दी की गांठ भी रखनी चाहिए। पूजा के बाद ये गांठ तिजोरी में या पर्स में रखने से बरकत बनी रहती है।

दूसरी चीज

पूजा में रखी जाने वाली सुपारी को गणेशजी का प्रतीक माना जाता है, इसीलिए पूजा के बाद गणेशजी के इस स्वरूप को भी घर के मंदिर में या पर्स में रखना चाहिए।

तीसरी चीज

गणेशजी की पूजा में लाल धागा यानी मौली भी रखा जाता है। पूजा के बाद इसे घर की तिजोरी में रख सकते हैं।

चौथी चीज

गणेशजी की पूजा में चावल भी विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं। पूजा के बाद चावल को इकट्ठा करें और एक लाल कपड़े में बांध कर घर में किसी पवित्र स्थान पर रखना चाहिए।

पांचवीं चीज

पूजा में भगवान को धन भी चढ़ाया जाता है। पूजा में रखे गए सिक्के तिजोरी में रखने से महालक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है।

पूजा के बाद यहां बताई गई चीजें घर में रख सकते हैं।

यदि कपूर जला कर आज किया एक छोटा सा काम हमेसा के लिए दूर हो जायेंगे आपकी दुःख और बीमारी

सभी देवी-देवताओं की पूजा में दीपक के साथ ही कर्पूर से भी आरती करने की परंपरा है। कर्पूर जलाने से निकलने वाला धुआं नकारात्मकता दूर करता है वातावरण को पवित्र बनाता है। ज्योतिष में कर्पूर के कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिनसे धन की कमी भी दूर हो सकती है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार कर्पूर के कुछ खास उपाय…

उपाय- 1

रोज सुबह गंगा जल में या साफ जल में कर्पूर मिलाएं और मेन गेट पर छिड़कें। इस उपाय से घर में नकारात्मकता प्रवेश नहीं करती है। किसी की बुरी नजर नहीं लगती है।

उपाय- 2

रोज सूर्यास्त के समय कर्पूर जलाएं और पूरे घर में घुमाएं। तुलसी के पास भी कर्पूर जलाएं, आरती करें। घर के मंदिर में भी कर्पूर जलाएं। इस उपाय लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है।

उपाय- 3

रोज शाम को बेडरुम में कर्पूर जलाने से स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। पति-पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।

उपाय- 4

बुधवार को घी, कर्पूर और मिश्री का दान करें। इस उपाय से भी निकट भविष्य में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

उपाय- 5

देवी-देवताओं की पूजा करते समय कर्पूर से आरती अवश्य करें। इस उपाय से पूजा भगवान की प्रसन्नता मिलती है।

आप यहां बताए गए कर्पूर के पांचों उपाय कर सकते हैं या कोई एक उपाय भी नियमित रूप से करते रहने से सकारात्मक फल मिल सकते हैं। मान्यता है कि कर्पूर घर में अवश्य रखना चाहिए, इससे घर के वास्तु दोष भी दूर हो सकते हैं।

आज शाम दाए हाथ पर ऐसे बांधे काला धागा खुद किस्मत होगी मुट्ठी में

ज्योतिष में शनिदेव को न्यायाधीश माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में होता है, उन्हें भाग्य का साथ नहीं मिल पाता है। किसी भी काम में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, धन संबंधी कामों में बाधाएं आती हैं, जिनकी वजह से गरीबी का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…

शनिवार का कारक है शनि

सप्ताह के सातों दिनों के लिए अलग-अलग कारक ग्रह बताए गए हैं। शनिवार का स्वामी ग्रह है शनि। इस दिन शनि के विशेष उपाय करने से कुंडली के बहुत से दोष दूर हो सकते हैं।

पहला उपाय

शनिवार को उन्नीस हाथ लंबा काला धागा लेकर उसकी माला बनाएं। इसके बाद ये माला शनिदेव को चढ़ाएं और कुछ देर बाद इस काले धागे की इस माला को गले में धारण करें। अगर आप चाहें तो इस दाहिने हाथ में भी बांध सकते हैं। इस प्रयोग से भी शनि का प्रकोप कम हो सकता है।

दूसरा उपाय

हर शनिवार व्रत रखें। सूर्यास्त के समय हनुमानजी की पूजा करें। पूजा में सिंदूर, काली तिल्ली का तेल, तेल का दीपक और नीले फूल चढ़ाएं। हनुमानजी के भक्तों पर शनि के अशुभ योगों का असर नहीं होता है।

तीसरा उपाय

शनिवार को बंदरों को और काले कुत्तों को लड्डू खिलाएं। इस उपाय से हनुमानजी के साथ ही शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं।

चौथा उपाय

शनिवार को किसी काली गाय की पूजा करें। गाय को कुमकुम, चावल चढ़ाएं। बूंदी के लड्डू खिलाएं और गाय की परिक्रमा करें। गाय की पूजा करते समय सावधानी अवश्य रखें। इस उपाय से शनि के दोष दूर हो सकते हैं।

पांचवां काम

शनिवार को एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें। इसके बाद तेल का दान किसी गरीब व्यक्ति को कर दें।

सिर्फ एक मुट्ठी काला तिल और जितनी भी परेशानी है सब होंगे तुरंत ख़त्म

जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे, इसके लिए भगवान की कृपा होना बहुत जरूरी है। भगवान को प्रसन्न करने के लिए रोज पूजा-पाठ की जाती है, लेकिन कुछ ही लोगों की पूजा सफल हो पाती है। अगर भगवान की विशेष कृपा किसी व्यक्ति पर होती है तो वह हमेशा खुश रहता है। यहां जानिए गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित संक्षिप्त गरुड़ पुराण अंक के आचार कांड के अनुसार कुछ ऐसी बातें जो भगवान की प्रसन्नता का संकेत देती हैं।

– अगर किसी व्यक्ति की संतान आज्ञाकारी है तो समझ लेना चाहिए उस पर भगवान की विशेष कृपा है, कलियुग में अधिकतर लोगों संतान की वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों की संतान संस्कारी है, वे भाग्यशाली हैं।

– अगर कोई व्यक्ति शिक्षित है और अपनी शिक्षा से पैसा कमा पा रहा है तो ये शुभ संकेत है, क्योंकि बहुत कम लोग अपनी शिक्षा का सही उपयोग कर पाते हैं।

– जिन लोगों का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है, वे भाग्यशाली होते हैं और ये भी भगवान की प्रसन्नता का ही संकेत है।

– सुयोग्य जीवन साथी मिलना भी भगवान की कृपा का ही संकेत है।

ये हैं भगवान की प्रसन्नता के कुछ और संकेत

– जिन लोगों पर भगवान की कृपा होती हैं, उन्हें पूर्वाभास होने लगता है। ऐसे लोगों को भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास पहले से ही हो जाता है।

– सही-गलत हालात को समझने की क्षमता जिन लोगों के पास है, वे अपने इष्टदेव की कृपा प्राप्त करते हैं।

– जिन लोगों को भगवान के दर्शन सपने में होते हैं, उन पर सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।

घर में रखने के 24 घंटो के भीतर ही दीखता है असर फकीर को भी रातो रात बनाता है मालामाल

व्यक्ति बहुत मेहनत कर कमाता है परन्तु घर के खर्चे इतने हो जाते है की पैसे किस चीज़ में चले गए पता ही नहीं चलता. हम में से कई लोगो के साथ ऐसा होता है की हमारे लाख प्रयासों के बावजूद कभी भी हमे वह चीज़ प्राप्त नहीं हो पाती जिसकी हम चाहत रखते है. पैसो की कमी के कारण हमारी ख़ुशी मानो फीकी से लगती है परन्तु घर में धन ना रहने के सबसे बड़ा कारण है माता लक्ष्मी का आपके घर में कृपा न होना.

जिस कारण आप घर में लक्ष्मी यानि की धन टिक नहीं पाता है और व्यर्थ के कार्यो में खर्च हो जाता है. यदि माँ लक्ष्मी की कृपा आपके घर में नहीं है तो आप लाखो प्रयास और जतन भले क्यों न कर ले परन्तु आप हमेसा धन के लिए मेहनत ही करते रहेंगे. वही जिस पर भी माँ लक्ष्मी की कृपा होती है वह एक बहुत अच्छी एवं आरामदायक जिंदगी जीता है. उस व्यक्ति को कभी पैसो की कमी नहीं होती तथा दुःख और गरीबी उसे छू नहीं पाती.

दोस्तों जिस चीज़ के विषय में हम आपको बताने जा रहे है वह आपको माँ लक्ष्मी की साक्षात् कृपा दिला सकती है. हम बात करने जा रहे है सिद्ध मेरु यंत्र की.

यह साक्षात् माता लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के साथ ही साथ वास्तु शाश्त्र यहां तक की यंत्र शास्त्र में भी यह वर्णन है की जहाँ कही भी सिद्ध मेरु यंत्र होता है वहा माता लक्ष्मी सस्वरूप स्थापित हो जाती है. घर में रखने के 24 घंटे के अंदर ही यह ब्रह्मांडीय दिव्य उर्जाओ का आपके घर में चक्र बना लेता है जो आपके घर में मौजूद सारी बुरा ऊर्जा तथा दरिद्रता को खत्म कर देता है. इसके चक्र के कारण बाहर की नकरात्मक ऊर्जा और बुरी नज़र आपके घर घुस नहीं पाती. यह व्यक्ति के कुंडली के प्रतिकूल ग्रह को उसके अनुकूल बनाकर धन योग उतपन्न करता है. मेरु यंत्र को सबसे महत्वपूर्ण स्थान सभी यंत्रो में दिया गया है इसी लिए इसे यंत्रो का राजा कहा जाता है.

ऐसी मान्यता है की इस यंत्र में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाया है. समस्त आर्थिक समृद्धि एवं मनोकामना के लिए यह यंत्र उपयुक्त है. इसे घर में स्थपित करने मात्र से धन योग बनने लगते है तथा व्यक्ति धनवान हो जाता है. यंत्र शास्त्र में यह वर्णित है मेरु यंत्र माता लक्ष्मी को प्रभावित करने का सबसे प्रभावशाली एवं अचूक यंत्र है. मेरुयंत्र के माध्यम से आर्थिक परेशानिया दूर होती है तथा यह व्यक्ति को शीघ्र धनवान बनाता है. हमारे प्राचीन ज्ञानी महऋषियो ने धन से जुडी समस्याओ के लिए ही मेरुयंत्र का निर्माण करा था. आइये जानते है इसे कैसे घर में स्थापित करे.

शुक्रवार वाले शुभ दिन में सुबह जल्दी उठ स्नान इत्यादि के बाद आप अपने घर के मंदिर में धुप दिप करे फिर मेरु यंत्र को गंगा जल से धो ले अब मंदिर में स्थापित कर दे. अब हिना इत्र से एक रुई का फोगा भीगा कर यंत्र के पास रख ले. फिर लाल पुष्प जैसे गुलभ, कमल आदि अर्पित करे.

अब माता लक्ष्मी को खीर का नवैद्य अर्पित करे.

अब आप माता लक्ष्मी का ध्यान लगाते हुए निम्न मन्त्र का 21 बार जप करे. मन्त्र है दोस्तों श्रीं क्लीं कमल कमलालये प्रसिद्ध प्रसिद्ध श्रीं हीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः. इसके बाद आप रोज इस यंत्र की सुबह शाम पूजा करा करे. माता लक्ष्मी की कृपा होगी और आपके घर सुख समृद्धि आएगी

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इस तरह आप खुद पता कर ले कौन और कैसी है आपकी होने वाली पत्नी

दोस्तों हर लड़का चाहता हैं कि एक बार लाइफ में सेटल होने के बाद वो फटाफट शादी कर ले. ऐसे में वो अपनी शादी के सपने देखना शुरू कर देता हैं. इस दौरान उसके मन में तरह तरह के ख्याल आते हैं. जैसे मेरी होने वाली बीवी कैसी होगी? उसकी मेरे साथ बनेगी या नहीं बनेगी? वगैरह वगैरह. इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको राशि के आधार पर बताएंगे कि आपकी होने वाली बीवी का स्वाभाव कैसा होगा.

राशि के अनुसार जानिए कैसा होगा आपकी होने वाली पत्नी का स्वाभावमेष राशि: इस राशि के ज्यादातर लोगो को शांत स्वाभाव की पत्नी मिलती हैं. इस वजह से इनके बीच लड़ाई झगड़ा कम ही होता हैं. इनकी पत्नी दिखने में भी बेहद आकर्षक होती हैं.

वृषभ राशि: इस राशि के जातकों को गुस्सा करने वाली पत्नी मिलती हैं. आपकी होने वाली पत्नी का गुस्सा हमेशा नाक पर ही बैठा रहेगा. ऐसी स्थिति में आपको उनके अनुसार बताए गए रास्ते पर ही चलना होगा. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप दोनों के बीच लड़ाई झगड़ा होना तय हैं.

मिथुन राशि: बातूनी स्वभाव वाली लड़कियां अक्सर इन राशि वालो की पत्नी बनती हैं. इन्हें बातचीत करने का बड़ा शौक होता हैं. ये इतनी ज्यादा बोलने वाली होगी कि आपको बोलने का ज्यादा मौका ही नहीं देगी. अब ये आपके ऊपर हैं कि आप उसकी बातचीत से खुश होते हो या दुखी.

कर्क राशि: इस राशि के लोगो को बहुत मिलनसार पत्नी मिलती हैं. इनकी पत्नी घर के सभी लोगो और अन्य रिश्तेदारों के साथ आसानी से घुलमिल जाती हैं. इनका बोलचाल का व्यवहार भी सभी को पसंद आता हैं.

सिंह राशि: इस राशि के लोगो को लड़ाकू पत्नी मिलती हैं. ये हर बात पर लड़ने के लिए तैयार बैठी रहती हैं. कोई भी इनसे पंगा लेने से पहले दस बार सोचता हैं. हालाँकि आपका एक फायदा ये होगा कि ये आपके लिए भी दुसरो से भीड़ जाएगी और आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं होगी.

कन्या राशि: इस राशि के जातक की लाइफ में बड़ी समझदार सोच वाली पत्नी आती हैं. इनकी बीवी की ख़ास बात ये होती हैं कि ये घर के सभी सदस्यों को साथ लेकर चलती हैं. इनके मन में किसी के प्रति कोई बुरी भावना नहीं होती हैं.

तुला राशि: इस राशि वालो को हंसमुख व्यवहार वाली पत्नी मिलती हैं. ये हमेशा टेंशन कम लेना पसंद करती हैं. इनकी इसी खूबी के चलते आपकी लाइफ भी काफी हद तक टेंशन फ्री हो जाएगी.

वृश्चिक राशि: इस राशि के लोगो को चंट और चालाक मिजाज वाली पत्नी नसीब होती हैं. किसी भी समस्यां को चालाकी से निपटाना इनके खून में होता हैं. इन्हें बेवकूफ बनाना आसान ही नहीं नामुमकिन होता हैं.

धनु राशि: इनकी पत्नी बेहद खर्चीले स्वाभाव की होती हैं. अर्थात इन्हें खर्चा करना, शॉपिंग पे जाना और नई नई जगहों पर घूमना फिरना पसंद होता हैं. ये पैसो की वेल्यु बहुत कम करती हैं.

मकर राशि: इन्हें आज़ाद खयालो वाली पत्नी मिलती हैं. ये बंदिसो में रहना पसंद नहीं करती हैं. ये सारे काम अपनी मन मर्जी से करती हैं.

कुंभ राशि: इन्हें बिलकुल फिल्मी और नौटंकी करने वाली पत्नी मिलती हैं. ये अपनी हरकतों से सबका मनोरंजन करती हैं. इनकी इसी आदत से इनके पति हमेशा खुश रहते हैं.

मीन राशि: इनकी पत्नी बहुत शर्मीले नेचर वाली होती हैं. ये ज्यादा किसी से बातचीत करना पसंद नही करती हैं.

गुरु हुए वक्री अगले 4 महीनो तक इन 5 राशियों पर होगी गुरु की विशेष कृपा

आज से 4 महीने के लिए वक्री हो चुके है बृहस्पति, अब 4 महीनों तक इन राशियों पर होगी गुरु की कृपा रहेगी.यूँ तो सभी ग्रह जातको के जीवन पर अपना प्रभाव छोड़ते है लेकिन जिस जातक की कुंडली में वृहस्पति कि स्थिति शुभ होती है वह वे अत्यंत धार्मिक व् ईमानदार होते है.

उनका दाम्पत्य जीवन भी सुखमय रहता है और बहुत हद तक वे अपने जीवन से संतुष्ट रहते है. ग्रहों कि चाल उनकी दशा का जातको पर प्रभाव पड़ना निश्चित होता है. समय समय पर इनका वक्री होना और मार्गी होना भी अपना अलग महत्व रखता है. 16 मार्च, 2018 से गुरु ग्रह वक्री हो चुके है और 11 जुलाई, 2018 तक वह इसी स्थिति में रहेंगे।

इस बदलाव का असर 5 राशियों के जातको ले जीवन पर दिखाई देने वाला है. अब हम आपको बतायेंगे कि गुरु के वक्री होने पर राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है.
मेष- धन-लाभ के योग, बिगड़े काम बनेंगे। बच्चों की तरफ से खुशखबरी मिलेगी। मान-यश की प्राप्ति होगी। जिस कार्य में भी हाथ डालेंगे उसमें सफलता के योग बनेंगे।

कर्क- तीर्थ यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त होगा, आध्यात्म से संबंधित कोई बड़ी उपलब्धि हाथ लगेगी। भाई से फायदा होगा। देवी लक्ष्मी धन की बरसात करेंगी। घर में सुख-शांति रहेगी।

सिंह- शरीर रोग मुक्त होगा। सरकारी मामले अनुकूल रहेंगे। मान-इज्जत मिलेगी। रूपए-पैसे से संबंधित सभी समस्याओं का निवारण होगा।

धनु- शिक्षण और प्रतियोगिता में चमकेंगे सितारे। जिस कार्य में हाथ डालेंगे वो मनचाहा फल देगा। किसी उत्सव में खास दर्जा प्राप्त होगा। धन आगमन के स्त्रोत बनेंगे।

मीन- शिक्षण में मनचाही सक्सैस मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिलने के आसार हैं। लंबे समय से अटका नया काम शुरू होगा। धार्मिक यात्रा पर जाने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। सरकारी काम बनेंगे। धन का आवक होगा

महिलाओं को घर में करने चाहिए ये 5 काम, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

शास्त्रों में महिलाओं को घर की लक्ष्मी माना जाता है। शादी के बाद जिस घर में वह जाती है उसका भाग्य उस घर से जुड जाता है। वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए है, जिसको करने से घर में हमेशा सुख-शान्ति रहती है,साथ ही अगर इन उपायों को किया जाए तो पैसे व सम्पत्ति की कभी भी कमी नही होती है।

रोज सुबह और शाम के समय तुलसी की पूजा करनी चाहिए और उनके सामने घी का दीपक जलाने से घर में सुख और शान्ति आती है। साथ ही पैसे की कमी कभी नहीं होती है।

वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा में बने मंदिर में रोजाना साफ-सफाई करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है क्योंकि इस दिशा में मंदिर होने से भगवान की कृपा हमेशा आपके घर पर बनी रहती है।

अपने घर में नकारात्मक शक्तियों को आने से रोकने के लिए घर के मेन दरवाजे को रोज धोना चाहिए। हफ्ते में कम से कम एक बार गंगाजल और कच्चे दूध से भी धोएं।

महिलाओं को रात में सोने से पहले कभी भी अपने बाल नही धोना चाहिए। साथ ही सोने से पहले रसोई में एक बाल्टी पानी भरकर जरुर रखें। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है, क्योंकि खाली बाल्टी रखने से घर में तनाव और चिंता रहती है।