नवरात्री पर 50 ग्राम फिटकरी, माँ दुर्गा करेंगी बंगला गाड़ी का सपना पूरा

दोस्तों चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आरम्भ हो चुका है तथा माता रानी अपने भक्तो के घर कृपा बरसाने धरती पर आ चुकी है. नवरात्रि का यह पर्व माता रानी को प्रसन्न करने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. इन दिनों जो भी भक्त माता रानी की सच्ची श्रद्धा एवं भक्ति से पूजा अथवा उपाय करता है, माता उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी कर देती है.

आज हम आपको माँ दुर्गा को प्रसन्न करने का एक ऐसा ही उपाय बताने जा रहे है. दोस्तों यह प्रयोग बहुत ही महत्वपूर्ण है. अगर आपके काम-काज में बरकत नहीं हो पा रही तो यह छोटा सा उपाय यदि आप 9 दिनों के शुभ अवसर पर करेंगे तो आपके करोबार में तरक्की होगी इसके साथ आपके घर का वास्तु दोष भी समाप्त हो जाएगा. घर परिवार में जितने भी कलह दोष थे वो भी दूर हो जाएंगे.

फिटकरी वैसे दिखने में तो बहुत ही छोटी सी चीज़ होती है परन्तु वास्तु में इसके बहुत से चमत्कारी उपयोग बताये गए है. नवरात्रि के समय आप माता रानी का नाम लेते हुए अपने घर अथवा ऑफिस में जितने भी कमरे है उसमे एक 50 ग्राम वजनी फिटकरी का टुकड़ा रख ले.

दोस्तों ऐसा माना जाता है की यह फिटकरी किसी शुभ समय पर रखी जाए तो बहुत फलदायक होती है तथा माता रानी के इस शुभ त्यौहार का समय इसके लिए बहुत ही उपयुक्त है.

इसके बाद इन फिटकरी के टुकड़ो को हर महीने जरूर बदल ले इससे घर के सभी वास्तु दोष हमेसा के लिए समाप्त हो जाएंगे. इसके आलावा दोस्तों आप फिटकरी का एक अन्य उपाय भी कर सकते है. इसके लिए आपको एक फिटकरी का टुकड़ा काले कपड़े में बांध कर अपने ऑफिस अथवा घर के बाहर की तरफ दरवाजे पर टांग देना है. इससे घर में बरकत आती है तथा व्यापर में लाभ और वृद्धि होती है.

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धार्मिक ग्रंथों में शंख का विशेष महत्व है। अष्ट सिद्धियों व नव निधियों में शंख को भी एक अमूल्य निधि और रत्न कहा जाता है। भारतीय संस्कृति में शंख की अपार महिमा एवं उपयोगिता है। देवी-देवताओं के पूजन में ज्योतिष और तांत्रिक साधनाओं और मांगलिक कार्यों के प्रारम्भ में इसकी विशेष उपयोगिता है। पुराणों के अनुसार शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी। प्रकृति में पचास हजार से भी अधिक प्रकार के शंख पाए जाते हैं। जिनका अपना-अपना महत्व है।

दक्षिणावर्ती शंख को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। दक्षिणावर्ति शंख वो होता है जो दाहिने हाथ से पकड़ा जाता है। अनंत फल प्रदान करने वाला यह शंख विशेष महत्वपूर्ण है। इसके नाद से सभी बाधाएं नष्ट हो जाती हैं। इस शंख की स्थापना से आयु, यश, धन की प्राप्ति होती है। ऐसा ब्रह्मवैवर्तपुराण में उल्लेख है।

किसी शुभ मुहूर्त में दक्षिणावर्ती शंख को गंगाजल, गोघृत, कच्चा दूध, मधु, गुड़ आदि से अभिषेक करके अपने पूजा स्थल में लाल कपड़े के आसन पर स्थापित कर लीजिए, इससे लक्ष्मी का चिर स्थायी वास बना रहेगा। प्रतिदिन उसके सामने बैठकर इस मंत्र का जाप करें- ‘ॐ श्री लक्ष्मी सहोदराय नम:’

प्रतिदिन इस मंत्र का कम से कम पांच बार जाप करें, कमाई से लेकर शोहरत तक के मौके मिलेंगे, आर्थिक अभाव दूर होंगे।

दक्षिणवर्ती शंख को तिजोरी में रखने से धन, रसोई घर में रखने से अन्न और वस्त्र-संग्रह में रखने से पदार्थों में वृद्धि होती है।

बेडरूम में इसे स्थापित करने से तन-मन शांत रहता है और सकारात्मकता का संचार होता है।

दक्षिणवर्ती शंख में स्वच्छ जल भरकर जिस स्थान पर छिड़का जाता है, वहां से हर तरह की बुराई का नाश होता है। किसी भी तरह की ऊपरी शक्ति अपना प्रभाव नहीं जमा पाती।

संदर्भ पढ़ें

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घर में पूजा घर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है आप पूजा घर को घर की आत्मा भी कह सकते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि घर के मंदिर में हम भगवान की प्रार्थना करते हैं जिससे हमारा मन शांत रहता है और हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है आज हम आपको ऐसे 3 मूर्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका घर में होना अति आवश्यक है।

आइए जानते हैं इन 3 मूर्तियों के बारे में:-

गणेश जी की मूर्ति

घर में यदि गणेशजी की मूर्ति रखी जाए तो यह मंगल का संकेत माना जाता है इस बात को तो लगभग सभी लोग जानते होंगे कि कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने से पहले भगवान श्री गणेश जी की प्रथम पूजा की जाती है उनकी कृपा से कार्य में आने वाली सारी बाधाएं दूर होती हैं इसलिए भगवान गणेश जी की मूर्ति घर में अवश्य होनी चाहिए।

हनुमान जी की मूर्ति

अपने घर में हनुमान जी की मूर्ति जरूर रखनी चाहिए हनुमान जी को कलयुग का सबसे बलशाली देवता माना गया है हनुमान जी की कृपा अगर घर पर रहे तो सारी बुरी शक्तियां घर से दूर ही रहती हैं अंदर प्रवेश नहीं कर पाती और घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है हनुमान जी की मूर्ति का मुख दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए ऐसा इसलिए क्योंकि हनुमानजी ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन दक्षिण यानी लंका में किया था।

लक्ष्मी जी की मूर्ति

घर में धन की देवी माता लक्ष्मी जी की मूर्ति अवश्य होनी चाहिए क्योंकि आजकल बिना धन के कोई भी कार्य सफल नहीं हो पता है धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा बहुत जरुरी होती है।

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वास्तु के अनुसार ऐसी कई बातें होती हैं जो किसी परिवार को सुखी और समृद्ध बना सकती हैं। वास्तव में यह शास्त्र प्रकृति की सकारात्मकता पर आधारित है। अगर सकारात्मक शक्ति का प्रवाह सही हो तो परिवार के लोगों पर उसका प्रभाव भी अच्छा रहेगा। अगर घर में नकारात्मकता ज्यादा है तो घर के सदस्यों के बीच कलह होती रहती है। ऐसे में वास्तु के ये उपाय नकारात्मकता से आपके घर को दूर रख सकते हैं………..

झाड़ू को ऐसी जगह रखें जहां यह सीधे दिखाई न दे। झाड़ू को भी घर की लक्ष्मी कहा गया है क्योंकि यह घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।

तुलसी से घर में सुख-शांति का आगमन होता है। माना जाता है कि जहां तुलसी होती है उस परिवार के लोग अकाल मृत्यु से सुरक्षित रहते हैं। इसलिए वास्तु के अनुसार घर में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं।

घर में बहुत पुराना और रद्दी सामान इकट्ठा न करें। परिवार के ऐतिहासिक महत्व की चीजें जरूर संभालकर रखनी चाहिए।
परिवार के सभी सदस्यों का एक सामूहिक चित्र घर में लगाएं, जिसमें वे प्रसन्न मुद्रा में और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हुए हों।

ऐसा चित्र घर में प्रेम व सद्भाव कायम रखने में सहायक होता है। ऐसा चित्र घर में लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

18 मार्च नवरात्री पूजा देखे ले ये वीडियो वरना पूजा होगी व्यर्थ

18 मार्च से चैत्र मास के नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस साल चैत्र नवरात्र आठ दिन के रहेंगे यानी 25 मार्च को नवरात्र की अंतिम तिथि रहेगी। नवरात्र देवी पूजा को समर्पित होता है। इन दिनों मां दुर्गा के लिए व्रत-उपवास और पूजा-पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इन दिनों में अधार्मिक कामों से बचना चाहिए। जो लोग नवरात्र में अशुभ काम करते हैं, उन्हें देवी की कृपा नहीं बल्कि नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। उनकी सभी प्रकार पूजा निष्फल हो सकती है। यहां जानिए उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और भागवत कथाकार पं. सुनील नागर के अनुसार नवरात्र में किन कामों से बचना चाहिए…

1. सुबह देर तक न सोएं

नवरात्र देवी भक्ति का समय है। इन दिनों में सुबह सूर्योदय से पहले ही बिस्तर छोड़ देना चाहिए। जल्दी उठें और देवी दुर्गा की पूजा करें। सुबह देर तक सोने से देवी मां की कृपा नहीं मिल पाती है।

2. स्त्रियों का, गुरु का और वृद्धों का अपमान न करें

नवरात्र देवी की पूजा का महापर्व है। इन दिनों में स्त्रियों का अपमान करने की गलती न करें। स्त्रियों के अपमान से देवी नाराज हो जाती हैं। साथ ही, किसी वृद्ध का अपमान भी न करें। वृद्धों का सम्मान करें। उनके आशीर्वाद से परेशानियां दूर हो सकती हैं।

3. नाखून न काटें

पं. सुनील नागर के अनुसार नवरात्र में नाखून काटने की मनाही है। जो लोग इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं, उन्हें देवी के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।

4. दाढ़ी न बनाएं या बाल न कटवाएं

शास्त्रों में कुछ काम ऐसे बताए गए हैं, जिन्हें शुभ दिनों में नहीं करना चाहिए। दाढ़ी बनाना और बाल कटवाना भी उन्हीं कर्मों में शामिल है। नवरात्र के पवित्र दिनों में इस काम भी बचना चाहिए।

5. नशा न करें

शास्त्रों के अनुसार नशा करने वाला व्यक्ति कभी भी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त नहीं कर सकता है। नशा करना एक बुरी आदत है और इससे सभी को बचना चाहिए। खासतौर पर नवरात्र में इस बुराई से दूर ही रहना चाहिए।

6. झूठ न बोलें

नवरात्र में झूठ बोलने से बचें। ये एक महापाप है, इसकी वजह जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।

7. आलस्य न करें

नवरात्र के दिनों में आलस्य से बचें। जो भी काम करना हो, उसे जल्दी से जल्दी पूरा करें। इन दिनों में आलस्य करने से कामों में असफलता मिल सकती है।

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हिंदू धर्म में हाथी को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। हाथी को भगवान श्रीगणेश का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है वहीं धर्म ग्रंथों में हाथी को धन की देवी लक्ष्मी का वाहन भी बताया गया है। कुछ प्रमुख त्योहारों पर हाथी की विशेष पूजा भी महिलाओं द्वारा की जाती है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, वास्तु शास्त्र में भी हाथी का विशेष महत्व है। आज हम आपको चांदी के हाथी से जुड़ी कुछ वास्तु टिप्स बता रहे हैं। ये टिप्स आजमाने से धन लाभ होने के योग बन सकते हैं। ये टिप्स इस प्रकार हैं-

1. चांदी से बना हाथी वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना गया है। वास्तु के अनुसार, चांदी और हाथी दोनों ही नेगेटिविटी खत्म कर पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
2. चांदी से बना हाथी घर या ऑफिस में रखा जाए तो सभी दोषों का नाश होता है, जिससे घर में सकारात्मकता बढ़ती है और घर-परिवार पर देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
3. चांदी से बना हाथी घर या ऑफिस की टेबल पर रखने से रुके हुए कामों में गति आती है और प्रमोशन के योग भी बनते हैं। चांदी का हाथी उत्तर दिशा में रखना बहुत ही शुभ होता है।
4. घर या ऑफिस की टेबल के अलावा चांदी का हाथी तिजोरी या गल्ले में रखना भी शुभ होता है। इसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या गल्ले में रखना चाहिए।
5. पति-पत्नी में नहीं बनती और आए दिन विवाद होते हैं तो चांदी से बने हाथी जोड़े को बेडरूम में उत्तर दिशा में रखना चाहिए। इससे पति-पत्नी के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

अपने पूजा घर से उठा कर पर्स में डाल ले ये 1 चीज़ जिंदगी भर नहीं होगी आपको पैसो की कमी

शास्त्रों की मान्यता है कि घर में जब भी पूजा-पाठ की जाती है तो पूजा के बाद कुछ चीजें घर में रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार ये पवित्र चीजें कौन-कौन सी हैं, जिनसे देवी-देवताओं की कृपा मिलती है और अमीर बनने में मिल सकती है…

गणेशजी की पूजा में रखें ये चीजें

गणेशजी की पूजा में कई प्रकार की चीजें रखी जाती है। इन चीजों में से कुछ चीजें ऐसी हैं, जो कि घर में रखने पर गणेशजी की कृपा हमेशा बनी रहती है। जानिए ये खास चीजें…

पहली चीज

गणेशजी की पूजा में हल्दी की गांठ भी रखनी चाहिए। पूजा के बाद ये गांठ तिजोरी में या पर्स में रखने से बरकत बनी रहती है।

दूसरी चीज

पूजा में रखी जाने वाली सुपारी को गणेशजी का प्रतीक माना जाता है, इसीलिए पूजा के बाद गणेशजी के इस स्वरूप को भी घर के मंदिर में या पर्स में रखना चाहिए।

तीसरी चीज

गणेशजी की पूजा में लाल धागा यानी मौली भी रखा जाता है। पूजा के बाद इसे घर की तिजोरी में रख सकते हैं।

चौथी चीज

गणेशजी की पूजा में चावल भी विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं। पूजा के बाद चावल को इकट्ठा करें और एक लाल कपड़े में बांध कर घर में किसी पवित्र स्थान पर रखना चाहिए।

पांचवीं चीज

पूजा में भगवान को धन भी चढ़ाया जाता है। पूजा में रखे गए सिक्के तिजोरी में रखने से महालक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है।

पूजा के बाद यहां बताई गई चीजें घर में रख सकते हैं।

यदि कपूर जला कर आज किया एक छोटा सा काम हमेसा के लिए दूर हो जायेंगे आपकी दुःख और बीमारी

सभी देवी-देवताओं की पूजा में दीपक के साथ ही कर्पूर से भी आरती करने की परंपरा है। कर्पूर जलाने से निकलने वाला धुआं नकारात्मकता दूर करता है वातावरण को पवित्र बनाता है। ज्योतिष में कर्पूर के कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिनसे धन की कमी भी दूर हो सकती है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार कर्पूर के कुछ खास उपाय…

उपाय- 1

रोज सुबह गंगा जल में या साफ जल में कर्पूर मिलाएं और मेन गेट पर छिड़कें। इस उपाय से घर में नकारात्मकता प्रवेश नहीं करती है। किसी की बुरी नजर नहीं लगती है।

उपाय- 2

रोज सूर्यास्त के समय कर्पूर जलाएं और पूरे घर में घुमाएं। तुलसी के पास भी कर्पूर जलाएं, आरती करें। घर के मंदिर में भी कर्पूर जलाएं। इस उपाय लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है।

उपाय- 3

रोज शाम को बेडरुम में कर्पूर जलाने से स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। पति-पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।

उपाय- 4

बुधवार को घी, कर्पूर और मिश्री का दान करें। इस उपाय से भी निकट भविष्य में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

उपाय- 5

देवी-देवताओं की पूजा करते समय कर्पूर से आरती अवश्य करें। इस उपाय से पूजा भगवान की प्रसन्नता मिलती है।

आप यहां बताए गए कर्पूर के पांचों उपाय कर सकते हैं या कोई एक उपाय भी नियमित रूप से करते रहने से सकारात्मक फल मिल सकते हैं। मान्यता है कि कर्पूर घर में अवश्य रखना चाहिए, इससे घर के वास्तु दोष भी दूर हो सकते हैं।

आज शाम दाए हाथ पर ऐसे बांधे काला धागा खुद किस्मत होगी मुट्ठी में

ज्योतिष में शनिदेव को न्यायाधीश माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में होता है, उन्हें भाग्य का साथ नहीं मिल पाता है। किसी भी काम में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, धन संबंधी कामों में बाधाएं आती हैं, जिनकी वजह से गरीबी का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…

शनिवार का कारक है शनि

सप्ताह के सातों दिनों के लिए अलग-अलग कारक ग्रह बताए गए हैं। शनिवार का स्वामी ग्रह है शनि। इस दिन शनि के विशेष उपाय करने से कुंडली के बहुत से दोष दूर हो सकते हैं।

पहला उपाय

शनिवार को उन्नीस हाथ लंबा काला धागा लेकर उसकी माला बनाएं। इसके बाद ये माला शनिदेव को चढ़ाएं और कुछ देर बाद इस काले धागे की इस माला को गले में धारण करें। अगर आप चाहें तो इस दाहिने हाथ में भी बांध सकते हैं। इस प्रयोग से भी शनि का प्रकोप कम हो सकता है।

दूसरा उपाय

हर शनिवार व्रत रखें। सूर्यास्त के समय हनुमानजी की पूजा करें। पूजा में सिंदूर, काली तिल्ली का तेल, तेल का दीपक और नीले फूल चढ़ाएं। हनुमानजी के भक्तों पर शनि के अशुभ योगों का असर नहीं होता है।

तीसरा उपाय

शनिवार को बंदरों को और काले कुत्तों को लड्डू खिलाएं। इस उपाय से हनुमानजी के साथ ही शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं।

चौथा उपाय

शनिवार को किसी काली गाय की पूजा करें। गाय को कुमकुम, चावल चढ़ाएं। बूंदी के लड्डू खिलाएं और गाय की परिक्रमा करें। गाय की पूजा करते समय सावधानी अवश्य रखें। इस उपाय से शनि के दोष दूर हो सकते हैं।

पांचवां काम

शनिवार को एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें। इसके बाद तेल का दान किसी गरीब व्यक्ति को कर दें।

सिर्फ एक मुट्ठी काला तिल और जितनी भी परेशानी है सब होंगे तुरंत ख़त्म

जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे, इसके लिए भगवान की कृपा होना बहुत जरूरी है। भगवान को प्रसन्न करने के लिए रोज पूजा-पाठ की जाती है, लेकिन कुछ ही लोगों की पूजा सफल हो पाती है। अगर भगवान की विशेष कृपा किसी व्यक्ति पर होती है तो वह हमेशा खुश रहता है। यहां जानिए गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित संक्षिप्त गरुड़ पुराण अंक के आचार कांड के अनुसार कुछ ऐसी बातें जो भगवान की प्रसन्नता का संकेत देती हैं।

– अगर किसी व्यक्ति की संतान आज्ञाकारी है तो समझ लेना चाहिए उस पर भगवान की विशेष कृपा है, कलियुग में अधिकतर लोगों संतान की वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों की संतान संस्कारी है, वे भाग्यशाली हैं।

– अगर कोई व्यक्ति शिक्षित है और अपनी शिक्षा से पैसा कमा पा रहा है तो ये शुभ संकेत है, क्योंकि बहुत कम लोग अपनी शिक्षा का सही उपयोग कर पाते हैं।

– जिन लोगों का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है, वे भाग्यशाली होते हैं और ये भी भगवान की प्रसन्नता का ही संकेत है।

– सुयोग्य जीवन साथी मिलना भी भगवान की कृपा का ही संकेत है।

ये हैं भगवान की प्रसन्नता के कुछ और संकेत

– जिन लोगों पर भगवान की कृपा होती हैं, उन्हें पूर्वाभास होने लगता है। ऐसे लोगों को भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास पहले से ही हो जाता है।

– सही-गलत हालात को समझने की क्षमता जिन लोगों के पास है, वे अपने इष्टदेव की कृपा प्राप्त करते हैं।

– जिन लोगों को भगवान के दर्शन सपने में होते हैं, उन पर सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।