मोत से पहले श्री देवी ने बताया ये है वो 3 राशियाँ जिनकी समय से पहले ही हो जाती है मोत

इस महीने शनि महाराज के राशि परिवर्तन से मेष राशि के लोगों की किस्मत चमकने वाली है. बता दें शनि महाराज मेष राशि के जातकों पर मेहरबान होने वाले हैं. बता दें आपको धन का विशेष लाभ होने वाला है. आपकी आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे जिससे आपको खुद ही लग जायेगा कि आपके ऊपर शनि महाराज की विशेष कृपा है. ये कृपा आप पर ढाई साल तक बनी रहने वाली है.

वृश्चिक राशि
इस महापरिवर्तन से वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए काफी लाभ मिलेगा. बता दें आप पर शनि महाराज की ढाई साल तक कृपा बनी रहेगी. शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करना न भूलें. कहीं बाहर भी हैं तो पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाकर पूजा-अर्चना जरुर करें. इस राशि के जातकों के जीवनसाथी के साथ संबंध में मधुरता आयेगी. धन की वर्षा होती रहेगी. अपने व्यवसाय में मेहनत करते रहें परिणाम सामने आयेंगे.

मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए शनि महाराज का यह परिवर्तन बेहद ही शुभ माना जा रहा है. वास्तु के अनुसार २३ फरवरी के बाद से आपके धन में अपार वृद्धि होगी. घरवालों का पूरा ख्याल रखें, बच्चे कुछ शैतानी कर सकते हैं उससे सावधान रहना है. बता दें शनिवार के दिन उपवास रखकर शनि महाराज की पूजा करने से आप पर उनकी कृपा आगे तक बनी रहेगी. धन को लेकर सारे काम पूरे होंगे

घर के अंदर प्लास्टिक में रखा है नमक तो यह पूरी जिंदगी आपको बनने नहीं देगा अमीर

हेलो फ्रेंड्स कैसे हो आप सभी दोस्तों ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नमक को चंद्र और शुक्र का प्रतिनिधि माना जाता है। नमक को यदि आप किसी स्टील या लोहे के बर्तन में रखते हैं तो यह चंद्र और शनि का मिलन होगा जो कि बहुत ही घातक सिद्ध होता है। यह रोग और शोक का कारण बन जाता है। नमक को किसी प्लास्टिक के पात्र में भी नहीं रखना चाहिए। नमक को सिर्फ कांच के पात्र में रखने से ही यह बुरा असर नहीं देता है।

नमक को भूलकर भी प्लास्टिक में नहीं रखना चाहिए क्योकि प्लास्टिक में नमक रखने से घर में बरकत नहीं होती आर्थिक तंगी आ जाती है उस घर में बीमारी रहती है तथा खर्चे बढ़ जाते है

धन का प्रवाह बनाए रखने हेतु : घर में धन का प्रवाह बनाए रखने के लिए कांच का एक गिलास लेकर उसमें पानी और नमक मिलाकर घर के नैऋत्य कोने में रख दें और उस के पीछे लाल रंग का एक बल्व लगा दें, जब भी पानी सूखे तो उस गिलास को साफ करके दोबारा नमक मिलाकर पानी भर दें।

धन प्राप्ति और बरकत हेतु : नमक को कांच के पात्र में रखें और उसमें चार-पांच लोंग डाल दें। इससे धन की आवक शुरू होने लगेगी और घर में बरकत भी बनी रहती है। इससे एक ओर जहां नमक में सुगंध बनी रहेगी वहीं इस उपाय से कभी धन की कमी नहीं होगी।

शनि के दुष्प्रभाव से बचें : यदि भोजन करते समय आपको दाल या सब्जी आदि में नमक कम लगे तो उपर से नमक न डालें। ऐसे में काला नमक तथा मिर्च कम होने पर काली मिर्च का प्रयोग करें। यदि आप ऐसे नहीं करेंगे तो इससे शनि का दुष्प्रभाव शुरू हो जाएगा।

फरवरी का अंतिम हफ्ता इन 4 राशियों के लिए है बहुत ज्यादा खराब हो जाए सावधान

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं. आमलकी यानी आंवला को शास्त्रों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है. विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया, उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया. आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है. इसके हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है.

सोमवार को आमलकी एकादशी है, शनि का नक्षत्र पुष्य भी है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है. आमलकी एकादशी विष्णु भगवान का दिन होता है. इस दिन शिव पूजा करनी चाहिए. जानिए आमलकी एकादशी में लाभ पाने के उपाय.

आमलकी एकादशी व्रत की पूजा विधि

आमलकी एकादशी में आंवले का विशेष महत्व है. इस दिन पूजन से लेकर भोजन तक हर कार्य में आंवले का उपयोग होता है. इस दिन सुबह उठकर भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प करना चाहिए. व्रत का संकल्प लेने के बाद स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए. घी का दीपक जलकार विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.

पूजा के बाद आंवले के वृक्ष के नीचे नवरत्न युक्त कलश स्थापित करना चाहिए. अगर आंवले का वृक्ष उपलब्ध नहीं हो तो आंवले का फल भगवान विष्णु को प्रसाद स्वरूप अर्पित करें.आंवले के वृक्ष का धूप, दीप, चंदन, रोली, पुष्प, अक्षत आदि से पूजन कर उसके नीचे किसी गरीब, जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए.

अगले दिन यानि द्वादशी को स्नान कर भगवान विष्णु के पूजन के बाद जरुतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को कलश, वस्त्र और आंवला आदि दान करना चाहिए. इसके बाद भोजन ग्रहण कर उपवास खोलना चाहिए.

आमलकी एकादशी व्रत का महत्त्व

पद्म पुराण के अनुसार आमलकी एकादशी का व्रत करने से सैंकड़ों तीर्थ दर्शन के समान पुण्य प्राप्त होता है. समस्त यज्ञों के बराबर फल देने वाले आमलकी एकादशी व्रत को करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. जो लोग आमलकी एकादशी का व्रत नहीं करते हैं वह भी इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु को आंवला अर्पित करें और स्वयं भी खाएं. शास्त्रों के अनुसार आमलकी एकादशी के दिन आंवले का सेवन करना बहुत लाभकारी होता है.

घर से कभी खाली हाथ न जाने दे 4 लोगो को इनका आशीर्वाद भिखारी को भी बना देता है करोड़पति

हिंदू धर्म में दान का अत्याधिक महत्व माना जाता है, यह मात्र रिवाज या परंपरा ही नहीं बल्कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भी माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति दान करता है तो उसके प्रभाव से उसे इंद्रिय आसक्ति से मुक्ति मिलती है।

शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है कि जीवन में सुख-समृद्धि और सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए दान-कर्म करने की सलाह दी जाती है। दान को बहुत बड़ा पुण्य माना जाता है। मान्यता है कि दान करने से मनुष्य के कई पाप मिट जाते हैं और मृत्यु पश्चात स्वर्ग की प्राप्ति होती है। धार्मिक स्थलों पर दान करने की महत्वता तो बहुत समय से है लेकिन घर के द्वार पर आए भिक्षु को खाली हाथ लौटाना हानिकारक हो सकता है। शास्त्रों के अनुसार 4 लोगों को यदि खाली हाथ लौटाया जाए तो भाग्य दुर्भाग्य में बदल जाता है। घर में आने वाली खुशियों में दोष आ जाता है। भिखारी- यदि घर के दरवाजे पर कोई भिखारी आ जाए तो उसे खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए। पैसे नहीं तो खाने या पहनने लायक वस्तुओं का दान भी किया जा सकता है। किन्नर- घर या कार्यस्थल के दरवाजे पर किन्नर आकर कुछ मांगे तो उन्हें कभी खाली हाथ नहीं जाने देना चाहिए। किन्नरों को दान करने से कुंडली में बुध ग्रह को मजबूती मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। हरे रंग की वस्तु दान करना लाभदायक हो सकता है।

अपाहिज- विक्लांग या लाचार व्यक्ति मदद के लिए घर के द्वार पर आए तो उसकी मदद अवश्य करनी चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसे लोगों को शनि-राहु का प्रतीक माना जाता है। इन्हें दान करने से क्रूर ग्रहों के प्रकोप से बचा जा सकता है।

संत- ज्ञानी संत-महात्मा को घर के दरवाजे से खाली हाथ लौटाना अपशगुन हो सकता है। जब भी वो द्वार आएं तो इनसे आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-शांति आती है।

जिस घर के मंदिर में होती है ये एक मूर्ति लाख कोशिश के बावजूद पैसो के समस्या रहती है वहाँ

लगभग सभी घरों में पितरों की तस्वीर तो होती ही है। पितरों की तस्वीर घर में लगाने से घर-परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और घर के लोगों को कई लाभ मिलते हैं, लेकिन अगर पितरों की तस्वीर गलत जगह पर लगा दी जाए तो ये अशुभ फलों का कारण भी बन सकता है। आज आपको बताते हैं घर में कहां पर लगानी चाहिए पितरों की तस्वीर और कहां लगाना होता है बेहद अशुभ..

1. घर के मंदिर में पितरों की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। यहां पर पितरों की तस्वीर रखना अशुभ फलों का कारण बन सकता है।

2. अगर घर में पूजा-पाठ ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में होती है तो पितरों की तस्वीर को पूर्व में रखना चाहिए , वहीं अगर पूजा-पाठ पूर्व दिशा में होते हो तो तस्वीर ईशान में लगानी चाहिए।

3. घर के उत्तरी हिस्से में कमरों में या फिर किसी जिस भी कमरे में आप तस्वीर लगाना चाहते हैं, वहां की उत्तर दिवर पर पितरों की तस्वीर लगाना शुभ होता है।

4. घर के नैऋत्य कोण यानी की दक्षिण-पश्चिम दिशा में पितरों की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करना घर की तरक्की के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

5. इसके अलावा घर की पश्चिम या दक्षिण दिशा में भी पितरों की तस्वीर लगाने की मनाही होती है। यहां तस्वीर लगाने से घर की संपत्ति को हानी पहुंच सकती है।

6. घर के ब्रह्म स्थान यानी की बीचों-बीच में भी पितरों की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। इस जगह पितरों की तस्वीर लगाने से वहां के लोगों के मान-सम्मान को हानी पहुंच सकती है।

रविवार के दिन चुपचाप सिर्फ जला दे 1 दीपक हाथो हाथ होगी आपकी मनोकमाना पूरी

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रविवार का दिन सूर्य देवता का प्रतीक हैं. सूर्य देव ऊर्जा का स्रोत हैं.सूर्य देव इस समस्त चराचर जगत की आत्मा हैं.सूर्य देव से ही इस जगत में जीवन और प्रकाश हैं. सूर्य इस जगत के  साकार ईश्वर हैं. वेदो में सूर्य को  भगवन का तीसरा नेत्र माना हैं.
रविवार का व्रत करने वालो को नौकरी में   उच्च पद  और प्रतिष्ठा प्राप्त होती हैं.रविवार को व्रत करने से त्वचा और नेत्र सम्बंधित रोगो से मुक्ति मिलती हैं.
रविवार को धन प्राप्ति का दिन भी माना गया हैं ,इस दिन सोने से पूर्व अपने सिरहाने पर दूध का गिलास रखें. और अगले दिन स्नान आदि करने के बाद किसी बबूल के पेड़ में उस दूध को चढ़ा दे  ऐसा लगातार ११ रविवार तक  करें . इससे घर में सुख समृद्धि बनी रहती हैं.
रविवार के दिन  तेल से बने  बने किसी खाद्य पदार्थ को किसी गरीब व्यक्ति को खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं.इसके अलावा काली गाय और काले कुत्ते को रोटी खिलाना  भी शुभ माना गया हैं.
किसी भी चीज के बुरे फल को दूर करने के लिए ,आप  रविवार को आप काले चने की दाल, काले तिल ,काले उड़द की दाल  का दान कर सकते हैं,ऐसा करके आपके ऊपर  शनिदेव की कृपा बनी रहेगीं .
रविवार के दिन सायंकाल में पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से सुख समृद्धि और ऎश्वर्य में वृद्धि  होती हैं.और आपके कार्यक्षेत्र में भी आपकी स्थिति मजबूत होती है.

3 चीज़ ना पूछे घर आये मेहमान से वरना उस घर की ख़ुशी को लग जाता है ग्रहण

 

पुरानी परंपराओं के अनुसार घर आए मेहमान को भगवान के समान माना गया है। इसीलिए कहा जाता है कि अतिथि देवो भव: यानी अतिथि भगवान के समान है। अतिथि का आदर-सत्कार करना शिष्टाचार भी है और ग्रंथों के अनुसार इससे पुण्य भी बढ़ते हैं। हमारे घर जब भी कोई मेहमान आए तो हमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। विष्णु पुराण में बताया गया है कि हमें मेहमानों से कौन-कौन बातें नहीं पूछनी चाहिए। यहां जानिए ये बातें कौन-कौन सी हैं…

पहली बात

जब भी कोई अतिथि घर आए तो उससे उसकी शिक्षा के विषय में बात नहीं करनी चाहिए। पढ़ाई के विषय में बात करने में काफी लोगों को असुविधा होती है।

दूसरी बात

मेहमान से उसकी गौत्र या जाति के विषय में नहीं पूछना चाहिए। इस बात से व्यक्ति असहज हो सकता है।

तीसरी बात

घर आए अतिथि से उसकी कमाई की बात भी नहीं पूछनी चाहिए। यदि उसकी कमाई हमारी तुलना में कम होगी तो उसे बताने परेशानी होगी।

विष्णु पुराण का संक्षिप्त परिचय

विष्णु पुराण अट्ठारह पुराणों में से एक है। इस पुराण में भगवान विष्णु की महिमा बताई गई है। साथ ही, इसमें हमें सुखी जीवन के लिए सूत्र भी मिलते हैं। जिनका ध्यान रखने पर हम परेशानियों से और पाप कर्मों से बच सकते हैं। इस पुराण में आकाश, समुद्र, सूर्य, पर्वत, देवता आदि की उत्पत्ति, मन्वन्तर, कल्प, धर्म और देवर्षि आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है। विष्णु पुराण में मुख्य रूप से श्रीकृष्ण के चरित्र का भी वर्णन किया है। साथ ही, श्रीराम कथा का उल्लेख इसमें मिलता है।

यदि आपके घर के दिवार में इस जगह लगी है घडी तो आप चाहे कुछ भी कर लो नहीं बनोगे अमीर

हर इंसान के पास परेशानियों का सिलसिला लगातार चलता ही जाता है। एक परेशानी खत्म नहीं होती कि दूसरी परेशानी दस्तक देने के लिए तैयार रहती है। इनमें से कुछ परेशानी ऐसी होती है जिसका समाधान बड़ी ही आसानी से हो जाता है लेकिन कुछ परेशानी इतनी ज्यादा बड़ी होती है कि इंसान खुद परेशान हो जाता है। जब यह परेशानी इंसान के सर पर चढ़ जाती है तो मन में बस यही ख्याल आता है कि काश इसका पता अगर पहले ही चल जाता तो आज यह परेशानी सर न चढ़ती। अगर आप भी कुछ इस प्रकार की ही बातों को सोच रहे है तो आज हम आपको इन सब से जुड़ी कुछ ऐसी ही बातो के बारे मे चर्चा करने वाले है जिन्हे जानकर आप आने वाली परेशानी का अंदाजा लगा सकते हैं। तो चलिए जानते है कि कौन सी वह बातें है जो आने वाली परेशानी का संकेत देती हैं?

पुरानी मान्यता के अनुसार यदि घर में कोई मुसीबत आने वाली हो तो इसका असर सबसे पहले घर में लगे तुलसी के पौधे पर होता है। तुलसी का पौधा बिलकुल सूख जता है जिसे घर में मुसीबत, दरिद्रता आने के संकेत माना जाता है। कोई पारिवारिक सदस्य अस्वस्थ रहने लगे, लाख प्रयत्न करने पर भी आराम न आए तो समझ लेना चाहिए ये फूटे भाग्य का संकेत है। घर को जितना भी साफ कर लें, फिर भी गंदगी रहती है तो समझ लें लक्ष्मी कि नाराजगी होने वाली है। नमकीन प्रदार्थों में काली चींटियों का पड़ जाना। बुरे समय का संकेत प्रकट करता हैं।

टॉइलेट या वाशरूम नियमित साफ करने के बावजूद भी घर में दुर्गंध का फैलना। घर में पड़े हुए कांच या चीनि मिट्टी के बर्तनों का बार-बार तड़क कर टूट जाना। घर के पालतू पशुओं की बेवजह या समय से पहले मृत्यु हो जाना। घर में अचानक से घड़ियों का चलते-चलते बंद हो जाना। बार-बार दूध का उबल कर जमीन पर बह जाना।

2 मार्च होली शनि की हुई मार्गी चाल इन 5 राशियों की रातो रात भर जाएँगी तिजोरी पैसो से

नमस्कार दोस्तों। इस वर्ष होली का त्योहार 2 मार्च सन 2018 को पड़ने वाला है। दोस्तों यह होली कोई मामूली होली नहीं है,इस होली पर बहुत ही दुर्लभ और हितकारी महासंयोग बन रहा है जिससे कुछ राशियों पर प्रभु की कृपा मिलने का संयोग बन रहा है। दोस्तों होली का त्योहार रंग गुलाल और प्यार का त्योहार है।

 

इस दिन लोग अपने सगे-संबंधियों से मिलते जुलते हैं। यह त्यौहार खुशी के साथ-साथ राशियों के सुधरने से भी जुड़ जाए तो यह कितनी खुशी की बात है। आइए जानते हैं उस शुभ मुहूर्त के बारे में और उन राशियों के बारे में जिन पर इसका प्रभाव पड़ने वाला है

मेष राशि वाले जातकों के लिए यह होली बहुत ही शुभ है। मेष राशि वालों के सभी प्रकार के काम इस होली में बन जाएंगे। उनके जीवन में सुख और शांति आने की पूरी उम्मीद है।

वृषभ राशि के लोगों के लिए भी आई होली काफी अच्छी होने वाली है। इसके बाद से वृषभ राशि के जातकों की किस्मत में परिवर्तन हो जाएगा और उनके सारे कार्यों में प्रगति होने लगेगी।

दोस्तों अगली राशि है सिंह राशि। सिंह राशि का समय पिछले कुछ वक्त से अच्छा नहीं चल रहा है परंतु इस होली के बाद से सिंह राशि वालों के लिए अच्छा समय शुरू होने की पूरी उम्मीद है। अतः उन्हें अपने द्वारा की जाने वाली मेहनत जारी रखनी चाहिए।

तुला राशि वाले लोगों को यह होली उनके भाग्य को बदलने वाली साबित होगी क्योंकि इस होली से उनके जीवन में सुख और समृद्धि आएगी और विपदाएं और संकट दूर होंगे।

अगली राशि है मीन राशि। इस राशि के जातकों के लिए या होली काफी बदलाव भरी साबित होगी। इस होली में मीन राशि वाले अपने वक्त को बदलता हुआ वक़्त को बदलता हुआ पायेंगे। उनके वह सारे काम जिनमें रुकावटे आ रही हैं भी बनने लगेंगे। इन राशियों के अलावा अन्य राशियों पर होली का प्रभाव मिला-जुला है अर्थात वे अपने काम को जारी रखें और उनके लिए भी शुभ समाचार मिलने के संकेत होंगे।धन्यवाद।

एक चुटकी नमक का ये चमत्कारी उपाय घर से तूरंत भागेगी बीमारी और गरीबी

दोस्तों क्या आप जानते हो की घर में रखी कुछ छोटी छोटी चीज़े आपके जीवन में हमेशा के लिए खुसिया भर देंगी सायद खुछ ही लोग इस के बारे में जानते होंगे तो दोस्तों आज में आपको घर की उन्ही चीज़ो के बारे में बताने जा रही तो आइये जानते है इसके बारे में ..

 

धन वृद्धि के लिए एक कटोरी पानी लेकर उसे छत पर रख दें। थोड़ी देर धूप लगने के बाद उस पानी को भगवान का नाम लेकर आम के पत्ते से घर में छिड़काव करें।ऐसा करने से आपको कभी भी धन की कमी नहीं होगी

अगर आपको बुरे सपने आते हैं तो रात को सोने से पहले देशी घी में तर किया कपूर जलाएं। इसे अपने बेडरूम में रख दें, इससे अच्छी नींद आती है और बुरे सपने भी नहीं आते हैं।

सुख-समृद्धि के लिए शाम के समय घर के सभी कोने में सेंधा नमक रख दें। सुबह उठकर उस नमक को बिना किसे से कुछ बोले किसी नाले में डाल दें।