भगवान नहीं सुन रहा आपकी तो अब सुनना पड़ेगा करे ये गुप्त उपाय

दोस्तों आप रोज पूजा करते हो और भगवान से प्राथना करते हो उसके मुताबिक भी यदि आपकी भगवान नहीं सुन रहा है तो आज में जो आपको उपाय बताने जा रही हु उस उपाय को करने के बाद भगवान जी आपकी हर हाल में सुनेंगे और आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे तो आइये जानते है …

किसी भी सोमवार के दिन सुबह स्नान-ध्यान आदि से निवृत्त होकर शिवलिंग की पूजा करें। पूजा में अपने साथ लगभग आधा किलो या एक किलो चावल का ढेर लेकर बैठें। इसके बाद शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के बाद एक मुट्ठी चावल शिवलिंग पर अर्पित कर दें। बाकी बचे चावल या तो मंदिर में ही दान कर दें या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे दें। ऐसा लगातार पांच सोमवार तक करने से घर में अखंड लक्ष्मी का आगमन होता है।

अमावस्या के दिन चावल की खीर बनाकर उसमें रोटी चूर लें तथा इसे कौओं के खाने के लिए घर की छत पर रख दें। इस उपाय से घर के पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर कुंडली में किसी प्रकार का पितृ दोष हो तो उसका अशुभ असर भी समाप्त हो जाता है। साथ ही रूके हुए काम बनने लगता है।

अगर आप नौकरी नहीं मिलने से परेशान है या आपके ऑफिस में कुछ परेशानियां चल रही हैं तो सबसे आसान उपाय है कि आप कुछ दिनों तक मीठे चावल कौओं को खिलाएं, जल्दी ही आपकी समस्या का समाधान होगा।

घर के मंदिर में ये गलती भूलकर भी न करे वरना घर हो जायेगा बर्बाद

दोस्तों क्या आप जानते हो घर में लगी पितरो तवीरो से घर में क्या प्रभाव पड़ता है तो जरूर जान ले ये बात लगभग सभी घरों में पितरों की तस्वीर तो होती ही है। पितरों की तस्वीर घर में लगाने से घर-परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है और घर के लोगों को कई लाभ मिलते हैं,

लेकिन अगर पितरों की तस्वीर गलत जगह पर लगा दी जाए तो ये अशुभ फलों का कारण भी बन सकता है। आज आपको बताते हैं घर में कहां पर लगानी चाहिए पितरों की तस्वीर और कहां लगाना होता है बेहद अशुभ..

घर के मंदिर में पितरों की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। यहां पर पितरों की तस्वीर रखना अशुभ फलों का कारण बन सकता है अगर घर में पूजा-पाठ ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में होती है तो पितरों की तस्वीर को पूर्व में रखना चाहिए , वहीं अगर पूजा-पाठ पूर्व दिशा में होते हो तो तस्वीर ईशान में लगानी चाहिए।

घर के उत्तरी हिस्से में कमरों में या फिर किसी जिस भी कमरे में आप तस्वीर लगाना चाहते हैं, वहां की उत्तर दिवार पर पितरों की तस्वीर लगाना शुभ होता है।

घर के नैऋत्य कोण यानी की दक्षिण-पश्चिम दिशा में पितरों की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करना घर की तरक्की के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

इसके अलावा घर की पश्चिम या दक्षिण दिशा में भी पितरों की तस्वीर लगाने की मनाही होती है। यहां तस्वीर लगाने से घर की संपत्ति को हानी पहुंच सकती है।

घर के ब्रह्म स्थान यानी की बीचों-बीच में भी पितरों की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। इस जगह पितरों की तस्वीर लगाने से वहां के लोगों के मान-सम्मान को हानी पहुंच सकती है।

रोज की पूजा में ये 7 चीजें जमीन पर न रखें वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

धिकांश हिन्दुओं के घर में पूजन के लिए छोटे छोटे मंदिर बने होते है जहां की वो भगवान की नियमित पूजा करते है। लेकिन हममे में से अधिकांश लोग अज्ञानतावश पूजन सम्बन्धी छोटे छोटे नियमों का पालन नहीं करते है। जिससे की हमे पूजन का सम्पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। आज हम आपको घर में पूजन सम्बन्धी कुछ ऐसे ही नियम बताएँगे जिनका पालन करने से हमे पूजन का श्रेष्ठ फल शीघ्र प्राप्त होगा।

घर के मंदिर में भूलकर भी न करे ये 10 गलती घर होता है बर्बाद

हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति ईश्वर के आशीर्वाद से ही हो सकती है. अगर भगवान की कृपा पूरे घर पर ही रहे तो इससे अच्छी क्या बात हो सकती है, इसीलिए हर घर में पूजा घर की स्थापना की जाती है जिससे ईश्वर की प्रतिदिन आराधना कर उन्हें प्रसन्न किया जा सके. लेकिन पूजा घर में कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें…

घर के मंदिर में कुछ मूर्तियों को नहीं रखना चाहिए. इन्हें रखने से घर में सुख समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता जाता है.

जिस घर की महिलाएं करना नहीं भूलती ये काम, वहां कुबेर महाराज रहते है मेहरबान !

इसमें कोई दोराय नहीं कि अगर जीवन है तो समस्याएं और परेशानियां भी जरूर होगी. बरहलाल जब घर पर कोई मुसीबत आती है, तो परिवार के सदस्य ढाल बन कर खड़े हो जाते है. मगर फिर भी ऐसे बहुत से कार्य है,

जो यदि महिलाओ द्वारा किये जाए तो घर में कोई दुःख या कोई परेशानी प्रवेश नहीं कर पाती और साथ ही आपका घर कुबेर के खजाने की तरह भरा रहता है.

आज हम आपको ऐसे ही कुछ कार्यो के बारे में बताने जा रहे है. सबसे पहले तो घर के हर कमरे में पचास ग्राम फिटकरी रखे. इससे किसी भी तरह का दोष आपके घर टिक नहीं पायेगा.

घर में पूजा करते समय सिर्फ 8 बाते रखे ध्यान घर होगा धन धान्य से भरा

अगर आप रोज पूजा करते हैं और आपका मन अशांत रहता है तो इसका मतलब है कि आप कि पूजा-पाठ में कहीं कुछ गलत हो रहा है. मन की शांति और जिस भी मनोकामना से पूजा की जा रही है, उसकी पूर्ति के लिए परे विधान से पूजा का किया जाना जरूरी है. यहां जानते हैं कि पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें और कुछ जरूरी नियमों का पालन कैसे करें.. तो आइये जानते हे

शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए.
तुलसी का पत्ता बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए ही तुलसी के पत्तों को तोड़ता है

तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते हैं.
घर के मंदिर में सुबह एवं शाम को दीपक अवश्य जलाएं. एक दीपक घी का और एक दीपक तेल का जलाना चाहिए.
सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए.

अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखे ….https://youtu.be/Cxj3_XOe9M4

घर में पूजा करते समय सिर्फ 8 बाते रखे ध्यान घर होगा स्वर्ग करेगी लक्ष्मी वाश

अगर आप रोज पूजा करते हैं और आपका मन अशांत रहता है तो इसका मतलब है कि आप कि पूजा-पाठ में कहीं कुछ गलत हो रहा है. मन की शांति और जिस भी मनोकामना से पूजा की जा रही है, उसकी पूर्ति के लिए परे विधान से पूजा का किया जाना जरूरी है. यहां जानते हैं कि पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें और कुछ जरूरी नियमों का पालन कैसे करें.. तो आइये जानते हे

शास्त्रो के अनुसार कौनसे भगवान् की मूर्ति कहाँ स्थापित करनी चाहिए |

हम जब भी घर में मूर्ति लाते है तो सजावट या इच्छानुसार कहीं भी स्थापित कर देते है.

लेकिन मूर्ति स्थापित होने के बावजूद घर में कई तरह की समस्या, परिवार में विवाद और अनेक परेशानियाँ आती रहती है.

हिन्दू धर्म के शास्त्रों में मूर्ति स्थापना के लिए कुछ विशेष जगह बताई गई है, जहाँ मूर्ति स्थापित करने से जीवन में लाभ और हर तरह की सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

तो आइये जानते है कौन से भगवान की मूर्ति कहाँ स्थापित करनी चाहिए

1 – गणेश जी

शास्त्रों के अनुसार गणेश जी की मूर्ति हमेशा चौखट के ऊपर या मुख्य द्वार के सामने ही स्थापित करनी चाहिए. इससे जीवन सुखमय बनता हैऔर हर कार्य मंगलमय होता है.

2 – शिवलिंग

शास्त्रों में लिखा है कि शिवलिंग को घर के आँगन में, तुलसी के पास, नदी किनारे या तालाब किनारे स्थापित करके पूजा करने की बात कही है. इससे जीवन में शिव कृपा बनी रहती है.

3 – शनि देव

शास्त्र अनुसार शनि देव को खुले मैदान, बिना छत के चौपाल पर या पीपल पेड़ के नीचे स्थापित करने की बात लिखी हुई है. शनि देव न्याय के देवता है इसलिए उनको गाँव गुडी या पाच सभा में स्थापित करने की बात भी कही गई है

4 – हनुमानजी

शास्त्रों में कहा गया है कि हनुमानजी की स्थापना हमेशा घर के बाहर, मंदिर में ही करनी चाहिए. ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी पवनपुत्र है, इसलिए उनको बंधन में रखना सही नहीं होता.

5 – लक्ष्मी माता

शास्त्रों में माता लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना हमेशा तिजोरी या अलमारी के अंदर धन रखने वाली जगह पर करने की बात लिखी गई है, जिससे घर धन -धान्य से भरा रहे.

6 – दुर्गा मूर्ति

घर के अंदर मंदिर में माँ दुर्गा की स्थापना की बात शास्त्रों में लिखी है. इससे माता की छाया घर परिवार पर बनी रहती है और घर में किसी तरह की मनहूसियत नहीं आती.

7 – विष्णु

शास्त्रों में विष्णु या विष्णु अवतार भगवान की मूर्ति भी पूजा घर के मंदिर में स्थापित करने को बताया गया है. इससे घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है.

8 – सरस्वती

सरस्वती माता की मूर्ति हमेशा किताब घर में या घर की लाइब्रेरी में, संगीत कक्षा में, अभ्यास स्थान में स्थापित करने को कहा गया है. इससे माता सरस्वती की कृपा बनी रहती है

9 – विश्वकर्मा

शास्त्रों में विश्वकर्मा भगवान को देवताओं के इंजिनियर कहा गया है. इसलिए इनकी मूर्ति की स्थापना निर्माण कार्य स्थान पर करना चाहिये.शास्त्रों में देवताओं की मूर्ति स्थापित करने के लिए विशेष स्थान और स्थिति लिखी गई है उसके अनुसार मूर्ति स्थापित करने पर इंसान के जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है