शनिवार सिर्फ एक रोटी का ये उपाय इतना आएगा पैसा की तिजोरी छोटी रह जाएगी

दोस्तों शनिवार शनिदेव को समर्पित है, शनि को छायामातण भी कहा जाता है अर्थात शनि का संबंध छाया एवं अंधेरे से है, यदि व्यक्ति की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या शनि का ढैया है, तो उसकी सफलता में बहुत बाधा आती है, दोस्तों आज में आपको शनिवार के कुछ ऐसे छोटे छोटे उपाय के बार में बताने जा रही हु जिन्हे करके हम अपने सभी कष्टों का निवारण कर सकते हैं। तो आइये जानते है कोनसे है वो उपाय

शनिवार के दिन अपने घर में लोबान के पत्र का धूप करें इससे आपके घर में नकारात्मक शक्ति का नाश होता है

शनिवार के दिन काले तिल, आटा और शक्कर लेकर तीनों को मिलाएं एवं चीटियों को खिलाएं ऐसा करने से शनि का प्रकोप कम होगा और आपको सफलता मिलेगी।

शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल या नाव की कील की अंगूठी बनाकर सूर्यास्त पश्चात अपने दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करें,ऐसा करने से शनि आप से हमेशा प्रसन्न रहेगे।

शनिवार के दिन काले कुत्ते को तेल चुपड़कर रोटी खिलाएं ऐसा करने से शनि का प्रकोप कम होता है।

शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर शनिदेव पर सरसों का तेल चढ़ाएं एवं शनि अष्टक का 8 बार पाठ करें ऐसा करने से सनी प्रसन्न होंते है।

शनिवार की रात जपे चुपचाप ये 3 चौपाई कामयाबी चूमेगी आपके कदम भगवान राम ने भी जपा इसे

दोस्तों हनुमान चालीसा की प्रत्येक चौपाई एक चमत्कारिक प्रभाव वाले मंत्र की तरह पवित्र है। कई लोगों का मानना है कि इन 40 चौपाईयों में से 3 से आपको अच्छा स्वास्थ्य, धन और समृद्धि प्रदान करने की शक्तियां हैं। हनुमान जी अपने भगतो से जल्द ही प्रसन हो जाते है और उनकी हर परेशानियो को समाप्त कर देते है तो आइये जानते है कोनसी है वो 3 चौपाइयां

 

 

पहली चौपाई – रामदूत अतुलित बलधामा। अंजनिपुत्र पवनसुत नामा।।

इस चौपाई का जाप कर कर आप अपनी शारीरिक कमजोरी दूर कर सकते है। इस चौपाई का अर्थ है कि हनुमान जी भगवान राम के दूत है और वे बहुत शक्तिशाली है। उनकी माता का नाम अंजनी है और शास्त्रों के अनुसार पवन (वायु) उनके पिता है।

दूसरी चौपाई – महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।

अगर कोई व्यक्ति हनुमान चालीसा की इन पंक्तियों का जाप करता है तो उसे ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है। उसके बुरे विचार समाप्त हो जाते है और उसके विचारों में शुद्धता आती है।

तीसरी चौपाई – बिद्याबान गुनी अति चातुर। रामकाज करीबे को आतुर।।

अगर कोई व्यक्ति ज्ञान की प्राप्ति करना चाहता है तो उसे हनुमान चालीसा की इन पंक्तियों का जाप करना चाहिए।

आज शनिवार की रात दिपक और एक का सिक्का रातो रात चमकेगा भाग्य

जीवन के एक मोड़ पर आकर हम सभी के साथ ऐसा होता है कि कोई काम नहीं बनता। जिस काम को हाथ लगाओ वह रुक जाता है या फिर उसमें सफलता हासिल नहीं होती। कोई नया व्यापार चलाएं या नौकरी बदलें, दोनों में असफलता ही हाथ लगती है। ऐसा लगता है मानो भाग्य ने साथ छोड़ दिया हो।

केवल कामपेशा लोग ही नहीं, विद्यार्थी और घरेलू लोगों को भी अपने भाग्य के कमजोर होने का एहसास कभी ना कभी होता जरूर है। ऐसे में कुछ लोग तो धैर्य बनाए रखते हैं और इंतजार करते हैं बुरा वक्त गुजरने का।

लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें कुछ भी करके इस अभाग्य से संघर्ष करना है और इसे दूर करने का हर संभव प्रयत्न करना है। अगर आप उन लोगों में से हैं तो चलिए आपको शास्त्रों द्वारा प्रदान किए गए एक उपाय से परिचित कराते हैं जो बेहद सरल है किंतु इसका प्रभाव लाजवाब है।

आज शनिवार की शाम सिर्फ एक कील सदा लक्ष्मी वास करेंगी आपके घऱ

शनिदेव के कुप्रभाव से व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जिन पर शनिदेव की कृपा बनती है उन्हें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। व्यक्ति की कुंडली में साढ़ेसाती अौर ढय्या होने पर ये उसकी सफलता में बाधक बनती है।

इनसे मुक्ति हेतु कुछ सरल उपाय शनिवार को करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं अौर बाधाअों से मुक्ति दिलाते हैं। जिससे व्यक्ति को हर कार्यों में सफलता मिलनी शुरु हो जाती है।

प्रत्येक शनिवार को काले तिल, आटा, शक्कर लेकर इन तीनों चीजों को मिला लें। उसके बाद ये मिश्रण चींटियों को खाने के लिए डाल दें।
शनि से संबंधित बाधाअों से मुक्ति पाने के लिए काले घोड़े की नाल या नाव की कील से अंगूठी बनाकर अपनी मध्यमा उंगली में शनिवार के दिन सूर्यास्त के समय धारण करें।