भगवान शिव पूजा में चढ़ा दे ये चमत्कारी फूल जो मांगो गे समझो हाथो हाथ मिल गया

दोस्तों सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन किये गए कुछ ख़ास उपाय से हम अपनी जीवन की हर परेशानियो को खत्म कर सकते है जाहे वो धन की समस्या क्यों न हो तो आये जानते है उपा उपायों के बारे में

संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपती इस दिन यदि लाल डंठल वाला धतूरे के एक लाख फूलों से शिव उपासना करें, तो उनकी मनोकामना जल्द पूरी होगी।

अगस्त्य के एक लाख फूल यदि पूजा में शामिल किए जाएं तो ऐसा करने वाले पुरुष को यश की प्राप्ति होगी।

यदि आप तुलसी दल से शिव की आराधना करेंगे तो उपासक को भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होगी।

पुरुष यदि शिवरात्रि को चमेली के फूल भगवान शिव को चढ़ाएं, तो जल्द ही उन्हें वाहन सुख मिलेगा।

अलसी के फूलों से भगवान शिव अराधना करने वाला पुरुष भगवान विष्णु को प्रिय होता है।

महाशिवरात्रि की रात पूजा करते समय करे ये छोटा सा काम मिलेगा 1000 पुण्य का फल

 

महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाने का ज्योतिष की दृष्टि से विशेष कारण है। इस दिन क्षीण चंद्रमा के माध्यम से पृथ्वी पर आलौकिक लयात्मक शक्तियां आती हैं, जो जीवनदायिनी होती हैं। कृष्ण चतुर्दशी को चंद्रमा का बल अति क्षीण हो जाता है। अत: मन को अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जप, तप, ध्यान व शिव सुमिरन से मनुष्य अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत व उत्सर्जित करता है।

एक ऐसा खाद्य पदार्थ जो किसी देवता पर नहीं चढ़ाया जाता जिसे हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता पर चढ़ाना या भोजन में उसका इस्तेमाल निषिद्ध माना गया है वो है गाजर। गाजर को शास्त्रों में हड्डी का रूप माना गया है। शास्त्रों के अनुसार गाजर धरती के नीचे उत्पन्न होती है और इस पर सूर्य की किरणें नहीं आ पाती इसी कारण इसे खाने पर ही रोक है परंतु एकमात्र भगवान शंकर ही ऐसे हैं जिन पर गाजर अवश्य रूप से महाशिवरात्रि पर चढ़ाई जाती है।

शिवरात्री के दिन शाम अथवा सारी रात अगले दिन सुबह होने तक के समय गाजर शिवलिंग पर चढ़ाकर शेष गाजर प्रसाद रूप में हलवे, खीर अथवा सलाद के रूप में खाने से रक्त जनित समस्याएं समाप्त होती हैं तथा व्यक्ति के भाग्य और धन में भी वृद्धि होती है। जिनका आज व्रत है वो इस गाजर को कल खा सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गाजर पर मंगल का अधिपत्य होता है। कालपुरूष सिद्धांत के अनुसार मंगल दक्षिण दिशा को संबोधित करता है तथा कुण्डली का दसवां घर इसका पक्का घर माना गया है। कुण्डली का दसवां घर व्यक्ति के करियर और प्रोफैशन को संबोधित करता है। गाजर खाने से व्यक्ति के करियर में निखार आता है इसी कारण से व्यक्ति का धन और आर्थिक क्षेत्र प्रबल होता है।

यदि घर के पास दिखाई दे ये चमत्कारी पौधा तो माँ लक्ष्मी ने भेजा है करोड़पति बनने का पैगाम

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1 जनवरी सोमवार महासयोंग 2 सेकेंड का ये काम सदा लक्ष्मी रहेगी महरबान आपके घर

 

नववर्ष का शुभारंभ इस वर्ष 5 संयोगों से हो रहा है। पहली जनवरी को पौष एवं शाकंभरी पूर्णिमा रहेगी और सायं 4 बजे तक सर्वार्थ तथा अमृत सिद्धि योग भी रहेंगे। जनवरी मास में ही पंच स्नान पर्व भी होंगे। मकर संक्रांति 14 जनवरी, अमावस्या का स्नान 16 को, बसंत पंचमी 22 तथा 31 को पूर्णिमा स्नान होगा। इस वर्ष 5 ग्रहण लगेंगे।