किसी भी उम्र में सफ़ेद बालो जड़ से काला कर देगा यह घरेलू नुस्खा//Turn white hair to black permanently

दोस्तों आज में आपको सफ़ेद बालो को कला करने का एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताने जो की बहुत ही कारगर है दोस्तों अगर आपके बाल भी सफेद हो चुके हैं या हो रहे हैं और आप बालों को लेकर चिंतित हैं तो आप हमारे द्वारा बताए गए इस जबरदस्त नुस्खे का इस्तेमाल एक बार जरूर करें.

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इस नुस्खे की मदद से आप भी अपने सफेद बालों से छुटकारा पा सकते हो. अगर आप कम उम्र के हैं और आपके बाल सफेद हो रहे हैं तो यह नुस्खा आपके लिए और भी फायदेमंद होगा.
आवश्यक सामग्री- नारियल या बादाम का तेल और प्याज का रस

बनाने और उपयोग की सबसे आसान विधि-

दो चम्मच नजरिया बादाम के तेल में 2 चम्मच प्याज के रस को मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें. जब यह चीजें आपस में अच्छे से मिल जाए तो आप नहाने से 2 घंटे पहले इस तेल को अपने बालों में अच्छे से लगा ले और फिर इसे 2 घंटे तक ऐसा ही लगा रहने दें.

फिर उसके बाद किसी अच्छे से शैंपू की मदद से अपने बालों को धो दें. ऐसा करने से आपके बाल देखते-ही-देखते काले होने लगेंगे और आपके बाल घने भी हो जाएंगे.

हनुमान की यह चोपाई जपले 3 बार जिंदगी का हर सपना हो जायेगा पूरा//hanuman chalisa

दोस्तों हनुमान अवतार को महान शक्ति, आस्था, भक्ति, ताकत, ज्ञान, दैवीय शक्ति, बहादुरी, बुद्धिमत्ता, आदि गुणों के साथ भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है. हनुमान ने अपना पूरा जीवन भगवान श्री राम और माता सीता की भक्ति में लगा दिया हनुमान भक्त हनुमान जी की प्रार्थना उनके जैसा बल, बुद्धि, ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए करते हैं.

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आज में आपको हनुमान जी की एक ऐसी चोपाई के बारे में बताने जा रहा हु जो बहुत ही चमत्कारी चोपाई है दोस्तों वैसे तो हनुमान चालीसा की हर चोपाई ही बहुत शक्तिशाली है परन्तु जिस चोपाई के बार में हम आपको बताने जा रहे है मात्र एके जाप से आपके सभी काम बनने लगेंगे और जो भी आपका सपना हो पूरा हो जायेगा चाहे वो सपना आपका अपने घर का हो या फिर धन प्राप्ति का हो
तो आइये दोस्तों जानते है इस चोपाई के बारे में —

“अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता अस बीर दीन जानकी माता” ये चौपाई चमत्कारी चौपाई है जो आपको परेशानियों से लड़ने की शक्ति देती है। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद आधे घंटे तक जाप करें। कुछ ही दिनों में आप देखेंगे कि आपका हर काम बिना किसी परेशानी के होने लगा है और जो रुक रहे रहे वो कार्य भी आसानी से पूरे हो गए हैं। धन प्राप्ति से लेकर जिस भी विशेष कामना के साथ आप इस चौपाई का जाप 108 बार करेंगे वह तुरंत पूरा होगा।

सोमवार के दिन न करे यह 3 काम फिर देखे चमत्कार बन जाओगे करोड़पति//shivling puja ke upay

ऐसा माना जाता है कि सोमवार का दिन शिवजी का होता है इस दिन शिवजी की विशेष पूजा करने से तथा पूजा के साथ साथ चन्द्र ग्रह के उपाय भी करने से धन संबधी परेशानिया और मानसिक तनाव कम हो जाता है । सोमवार के दिन शिवजी को प्रसन्न कर अपनी कामनाओं को पूर्ण करने के लिए आइए जाने कुछ उपाय।

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सोमवार के विशेष दिन शिवजी को दूध और जल से अभिषेक करे और बिल्व पत्र चढ़ाये । और चन्द्र ग्रह के लिए दूध और चावल का दान अवश्य करे । सोमवार के दिन महामृत्युंजय मात्र का अवश्य जप करे । जप कम से कम 108 बार करे । मंत्र का जप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करे ।

सोमवार के दिन शिवजी के मंदिर जाए और वहा गरबी लोगो को अन्न दान करे । जरूरत मंद को धन दान करे । सोमवार के दिन सुहागिन स्त्री को सुहाग का सामान दान करे । सुहाग के सामन में लाल चुनरी, कुमकुम और लाल साडी का दान करे ।

अपने हाथ से सोमवार के सुबह खीर बना ले और रस्ते में जाते वक्त उस खीर को किसी अंग हिन् व्यक्ति को दान कर दे । यह कार्य आप सात सोमवार तक करे।

अगर कोई कार्य में बार बार प्रयास करने पर भी आपको सफलता नही मिल रही हो तो एक उपाय करे किसी भी पूर्णिमा के दिन एक लाल चुनरी पर 3 लौंग 3 कपूर का दाना अच्छे से लपेटकर लक्ष्मी जी को चढा दे ।

भगवान शिव बहुत भोले हैं, यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कुछ छोटे और अचूक उपायों के बारे शिवपुराण में भी लिखा है। ये उपाय इतने सरल हैं कि इन्हें बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है। हर समस्या के समाधान के लिए शिवपुराण में एक अलग उपाय बताया गया है। ये उपाय इस प्रकार हैं-

भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है। तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है। जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है। गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है। यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में बांट देना चाहिए।

रविवार सूर्य को जल चढ़ाते ही बोलदें 3 शब्द का यह मंत्र रुके हुए काम दौड़ने लगेंगे//surya puja vidhi

दोस्तों आज में आपको इस वीडियो में सूर्य देव का एक ऐसा मंन्त्र बताने जा रहा हु जो बहुत ही चमत्मारी मंत्र है और यह मंत्र बहुत ही जल्द सिद्ध हो जाता है दोस्तों आपको यह मंत्र रविवार को सूर्य देव को जल देते समय जाप करना है दोस्तों सभी देवताओ में भगवान सूर्य को मुख्य देवता माना गया है।

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भगवान सूर्य की पूजा से व्यक्ति को यश व सम्मान की प्राप्ति तो होती है, लेकिन शरीर से सारी बीमारी भी दूर हो जाती है। यदि आपको लगातार व्यापार में व्यापार में नुक्सान का सामना करना पड़ रहा है तो कारोबार में वृद्धि के लिए रोजाना सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करें।

दोस्तों सबसे पहले आपको सूर्य की आराधना के लिए सुबह स्नान करने के बाद तांबे के कलश में जल भरकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें और इस मंत्र का उच्चारण करें ऊं घृणिः सूर्य आदिव्योम।। इस मंत्र के जाप से ही आपकी सभी परेशानिया खत्म हो जाएँगी चाहे वो परेशानी आपकी धन से जुडी क्यों ने हो यह मंत्र बहुत ही सिद्ध मंत्र है और आपको बता दे की इस मंत्र में इतनी शक्ति है की मात्र इसके जाप से धन और व्यपार के सभी रस्ते खुल जाते है

महादेव शिव का महीना आ चूका है पास पहले सावन के दिन ये काम साक्षात् महादेव होंगे साथ

मिथुन:- सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की कृपा दृष्टि सबसे अधिक रहेगी। भगवान भोलेनाथ की कृपा से आप के सभी बिगड़े हुए कार्य बनेंगे। सोच हुए सभी कार्य पूर्ण होंगे। दुखों का अंत होगा। उधार दिया हुआ धन वापस मिलेगा पुराना कर्ज चुकाने में सफलता हासिल करेंगे। बेरोजगार लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। चिंताओं में कमी आएगी नौकरी में सम्मान मिलेगा।

तुला:- भगवान भोलेनाथ की कृपा से आपके सभी बिगड़े हुए कार्य बनेंगे आपका मन प्रसन्न रहेगा। उधार दिया हुआ धन वापस मिलेगा। आप अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने का हर संभव प्रयास करेंगे। जिसमें आपको सफलता निश्चित तौर पर हासिल होगी। मां लक्ष्मी आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत होगी।

धनु:- भगवान भोलेनाथ आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर करें आने वाला समय आपके लिए आनंददायक होगा मां लक्ष्मी की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। सरकारी लाभ मिलेगा। रोजगार को लेकर दी गई परीक्षा में सफलता मिल सकती है।

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1 चुटकी नमक 7 बार अपने सर से वार बोले ये नाम सालो बीमार पड़ा व्यक्ति भी उठ खड़ा होगा

उड़द की दाल तो आप सभी पहचानते ही होंगे इस दाल के घर में कई तरह के व्यंजन बनाये जाते हैं जो खाने में बेहद ही स्वादिष्ट होते हैं. लेकिन कभी आपने यह सुना हैं कि उड़द की दाल से न सिर्फ स्वादिष्ट व्यंजन बनते हैं साथ ही यह हमारे भाग्य से भी जुडी होती हैं. जी हाँ आप यह जानकर हैरान जरूर हो जायेंगे लेकिन उड़द की दाल के कुछ ऐसे उपाय जो ना सिर्फ गरीबी दूर करने में सहायक है बल्कि हमारे जीवन में आई समस्या को भी आसानी से दूर करती हैं.

दुर्भाग्य दूर करने हेतु :

शानिवार का दिन शनि जी का होता हैं और उनके प्रकोप से हर कोई बचना चाहता हैं. अगर आप भी शनि के खुश करना चाहते हैं तो शनिवार को सायंकाल उड़द के दो साबुत दाने लेकर उन पर थोड़ा सा दही -सिंदूर डालकर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें.लगातार 21 दिन तक ऐसा करें और इस बात का ध्यान रखे की जब भी आप यह काम करें तो आते समय पीछे मोड़कर न देखें.

गरीबी दूर करने के लिए :

अगर आपके घर में पैसे टिकने के नाम नहीं ले रहें और आप बहुत परेशान हैं तो शनिवार को अपने पलंग के नीचे एक बर्तन में सरसों का तेल रखें. इसके बाद अगली सुबह उस तेल में उड़द की दाल के गुलगुले बनाकर कुत्तों और गरीबों को खिला दें. ऐसा करने से घर में आई गरीबी दूर हो जाती हैं साथ ही लक्ष्मी का वास होता हैं.

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कहि आपके बच्चे का भी तो नहीं ये नाम भूल से भी ना रखे वरना बच्चे का भविष्य होगा अन्धकार

हिंदुओं में नामकरण संस्कार का विशेष महत्व होता है। नामकरण के अर्थ को समझें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है नाम और करण। नाम का अर्थ तो ज्ञात ही है संस्कृत में करण का अर्थ होता है बनाना या सृजन करना। नामकरण संस्कार में नवजात के नाम रखने की प्रक्रिया को संपन्न किया जाता है। नाम रखने की इस प्रक्रिया को पूरी विधि के साथ खुशीपूर्वक पूरा किया जाता है। इस मौके पर परिवार सभी मुख्य सदस्य एकत्र होते हैं।

नामकरण संस्कार
शिशु के जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन के बाद उसका नामकरण संस्कार किया जाता है, जिसमें शिशु का नाम रखा जाता है। परिवार के सभी सदस्य बच्चे की जन्म राशि के प्रथम अक्षर के अनुसार या अपनी पसंद से नाम रखने की सलाह देते हैं और इनमें से ही सबसे अच्छा नाम तय कर लिया जाता है। नामकरण संस्कार किसी शुभ दिन और मुहूर्त में किया जाता है। शिशु के जन्म के बाद घर में यह पहला कार्यक्रम होता है। घर में हर तरफ सजावट की जाती है। इस दिन शिशु को नहला कर उसे नए कपड़े पहनाए जाते हैं साथ ही माता-पिता भी नए कपड़े पहन कर इस संस्कार में शामिल होते हैं।

baby name

कैसे करें नामकरण संस्कार
नामकरण संस्कार में एक तरह की छोटी पूजा होती है, जिसमें माता-पिता शिशु को गोद में लेकर बैठते हैं। इसके अलावा घर के बाकी लोग भी इसमें शामिल रहते हैं। पूजा करवाने वाले पंडित जी बच्चे की राशि के अनुसार एक अक्षर बताते है जिससे बच्चे के माता-पिता या अन्य सदस्यों को एक नाम रखना होता है। उसके बाद बच्चे के माता-पिता चुने गए नाम को बच्चे के कान में धीरे बोलते हैं। इसी तरह नामकरण संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उस दिन बच्चे का वही नाम हो जाता है और वह उसी से जाना जाता है।

नामकरण संस्कार क्यों जरूरी
बच्चे के जन्म के बाद परिवार के लोग प्यार से उसे कई नामों से पुकारते हैं जैसे छोटू, गोलू आदि और धीरे-धीरे बच्चे का वहीं नाम हो जाता है। बच्चे के बड़े होने पर भी वही नाम रहते हैं। नामकरण संस्कार से माता-पिता व परिवार वाले मिलकर बच्चे का एक अच्छा सा नाम रखते हैं जिससे उसे बुलाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि राशि के अनुसार रखे गए नाम से बच्चे को बुलाने पर उस पर अच्छा असर होता है।

कैसे करें नाम का चुनाव
आप पर यह भी दबाव होता है कि बच्चे के बड़ा होने पर उसे अपना नाम पंसद आए कहीं ऐसा ना हो कि उसे अपना नाम बताने पर शर्म आए। आजकल लोग बच्चे के नाम के लिए इंटरनेट का सहारा लेते हैं। इसमें उन्हें जिस अक्षर से नाम चाहिए वो आसानी से अर्थ के साथ मिल जाता है। इसके अलावा बच्चों के नाम के लिए किताबें भी मिलती है जिससे आप अपने बच्चों के नाम का चुनाव कर सकते हैं। नाम रखते वक्त यह ध्यान रहें कि नाम बुलाने में सरल व आसान होना चाहिए। आइए जाने नाम चुनते वक्त क्या ध्यान में रखें।

सबसे पहले आपको अपने पार्टनर से चर्चा करके कुछ गाइडलाइन सेट कर लेना चाहिए। उसके बाद आप चाहें तो बच्चों के नाम की साइट पर जाकर या नाम की किताबों की मदद ले सकते हैं।
बच्चे का नाम चुनते वक्त यह ध्यान रखें कि नाम बुलाने में आसान हो जिससे लोग आसानी से बुला सकें।
बच्चे का नाम सुनने में अर्थपूर्ण लगना चाहिए। नाम रखने से पहले उसका अर्थ जरूर जान लें।
बच्चों का नाम चुनते वक्त कोशिश करें नाम अलग सा हो,जिससे बच्चे के स्कूल में जाने पर उसके नाम के कई बच्चे ना हो। बच्चे का अलग सा नाम उसे भीड़ में अन्य बच्चों से अलग रखता है।
आमतौर पर लोग बच्चे की राशि के अनुसार नाम का चुनाव करते हैं। इससे बच्चे पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
कई नाम दूसरों की नजरों में पॉजटिव व निगेटिव छाप छोड़ते है। आपको नाम से ही आपकी पहचान होती है इसलिए बच्चे का नाम रखते वक्त सावधान रहना चाहिए।
अगर आप बच्चों का नाम में परिवार के नाम से मिलता जुलता रखना चाहतें हैं, तो नाम के बीच में उसे जोड़ सकते हैं।
किसी प्रसिद्ध इंसान के नाम पर बच्चे का नाम रखने का तरीका काफी सामान्य है। देखा जाता है कि माता-पिता जिससे भी प्रेरित होते हैं उसी पर बच्चे का नाम रख देते हैं।
नाम रखते समय यह ध्यान रखें कि आपने जो नाम रखा है वो बच्चे के बड़े होने पर भी बुलाया जा सके।
बच्चे का नाम ढूढंने में आप अंक विज्ञान की भी मदद ले सकते हैं।

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शाम को महिलाये दूर रहे इस एक काम से वरना मृत्यु तय है

आपने कई बार घर के बड़े बुर्जुगों को लड़कियों को कहते सुना होगा कि सूरज ढलने के बाद बालों पर कंघी न करें। पर क्या आप जानते हैं उनका ऐसे कहने के पीछे क्या वजह होती है। अगर आप भी ऐसा ही कुछ करते हैं तो तुरंत अपनी ये आदत बदल डालिए।

बुरी आत्माएं
सूर्यास्त के बाद बालों में कंघी करने के लिए इसलिए मना किया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि सूर्यास्त होने के बाद सभी बुरी आत्माएं बाहर आ जाती हैं, और जिन लड़कियों के लम्बे और खूबसूरत बाल होतें हैं उन्हें वो अपना शिकार बना लेती हैं।

परिवार के लिए बुरा
कहा जाता है कि रात को हमेशा अपने बाल बांधकर रखने चाहिए । या तो आप अपने बालों की चोटी बना लें या फिर उसका जुड़ा, पर उन्हें खुला न छोड़े। माना जाता है कि खुले बाल परिवार वालों के लिए अच्छे नहीं होते।

टूटे बालों को भी ध्यान से फेंके
पूर्णिमा के दिन भी बालों पर कंघी करने के लिए मना किया जाता है। अगर कोई लड़की पूर्णमासी यानी पूरे चांद कि रात वाले दिन खिड़की पर खड़े होकर बालों पर कंघी करती हैं तो वो खुद ही बुरी आत्माओं को बुलावा देती है।इसके अलावा टूटे हुए बालों को भी ध्यान से फेंकना चाहिए। अगर आपके बाल किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग गए तो वह इसका गलत इस्तेमाल मतलब किसी जादू टोने के लिए भी कर सकता है।

कंघी गिरना
कंघी करते समय अगर आपके हाथों से कंघा छिटककर गिर जाए तो यह माना जाता है कि आपको जल्दी ही कोई बुरी खबर मिलने वाली हैं। इसके अलावा हमेशा इस बात का भी ध्यान रखें कि बाल झाड़ने के बाद उन्हें घर में इधर उधर ना फेंके। ऐसा करने से घर में परिवार वालों के बीच झगड़े बढ़ते हैं।

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शास्त्रों में इन 3 पहर में सोना बताया है साक्षात अपनी मृत्यु को निमंत्रण देने के समान

प्रभु श्रीराम भक्त, हनुमान जी की महिमा अपरमपार है, माना जाता है कि हनुमान जी कलयुग में भी जीवित है और जो भक्त सच्चे मन से इनका स्मरण करते हैं, बजरंगबली उन पर अपनी कृपा बरसाते हैं। वैसे तो हनुमान जी का हर रूप मंगलकारी माना गया है, चाहें वो संजीवनी पर्वत उठाए हुए हो या अपनी गदा के जरिए शत्रुओं का नाश करते या फिर प्रभु श्रीराम के चरणों में सेवक के रूप में बैठे हुए हो, इनके हर रूप का दर्शन करना शुभ फलदायी है। ऐसे में घर में बजरंगबली की तस्वीर लगाना बेहद मंगलकारी माना जाता है, विशेषकर इनके कुछ रूपों की छवि घर में लगाने से शुभता होती है, जिससे आपके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में तरक्की और सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं, कि घर में हनुमान जी कि कैसी तस्वीर लगानी चाहिए और कैसे लगानी चाहिए।

जी हां, बजरंगबली की तस्वीर लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है नहीं तो ये आपके लिए फलदायी होने की बजाए कष्ट का कारण बन सकती है।जैसे हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति कभी भी घर के बेडरूम यानी शयनकक्ष में नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि बजरंगबली बाल ब्रम्हचारी माने गए हैं। ऐसे में इनकी तस्वीर भूलकर भी शयनकक्ष, स्नानगृह में ना लगाए, बल्कि हमेशा हनुमान जी की तस्वीर घर के मंदिर, आंगन या बैठकघर में लगाएं।

साथ ही हनुमान जी तस्वीर लगाते समय दिशा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। धर्म और ज्योतिष के जानकारों की माने तो बजरंगबली का प्रताप दक्षिण दिशा में सबसे अधिक प्रभावी होता है, इसलिए इसे दक्षिण दिशा में ही लगाएं। दरअसल लंका दक्षिण में है और हनुमान जी सीता माता की खोज में भी दक्षिण दिशा में ही गए थे, जहां उन्होने अपने पराक्रम से पूरी लंका को धराशायी कर दिया था। ऐसे में दक्षिण दिशा में स्थापित हनुमान जी की तस्वीर भी कई गुना शुभ फलदायी साबित होती है।

या फिर आप उत्तर दिशा में भी हनुमान जी की तस्वीर ऐसे लगा सकते हैं कि उसका मुख दक्षिण की ओर हो, इससे दक्षिण की तरफ से आने वाली बुरी ताकत को बजरंगबली रोक देते हैं। साथ ही इस दिशा में लगी बजरंगबली की छवि से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है।

वहीं अगर पंचमुखी हनुमानजी की तस्वीर घर के मुख्य द्वारा पर लगाई जाए तो इससे घर में किसी भी तरह की बुरी शक्ति प्रवेश नहीं करती है। इसके अलावा पंचमुखी हनुमानजी की तस्वीर हमेशा ऐसी जगह भी लगाए जहां से सबको ये नजर आए।

वहीं जिस तस्वीर में हनुमान जी अपनी विराट शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हो, उसे घर में लगाने से दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है।

जबकि बैठक रूप में प्रभु श्रीराम दरबार के चरणों में बैठे हनुमान जी की तस्वीर लगाएं , इससे आपके सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धी होगी।

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घर ले आये हनुमान जी की ये 1 तस्वीर गरीबी, बीमारी उसी दिन चले जायेगी लम्बी छुट्टी पर

भूलकर भी ना सोएँ इन समयों में:सोना आख़िर किसे पसंद नहीं होता है। कुछ लोगों को तो सोना इतना ज़्यादा पसंद होता है कि वह दिन-रात बस सोना ही चाहते हैं, लेकिन आपको जानकार काफ़ी हैरानी होगी कि बिना समय के सोने से ना केवल आपके स्वास्थ्य को नुक़सान पहुँचता है, बल्कि यह धार्मिक दृष्टि से भी बहुत अशुभ माना जाता है। हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति वर्जित किए गए समय में सोते हैं, उनके ऊपर देवी-देवताओं की कभी कृपा नहीं होती है।

आज के इस आर्थिक युग में धन-दौलत की क्या महत्ता है, यह किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। हर व्यक्ति यही चाहता है कि उसके पास ख़ूब सारी दौलत हो जिससे वह जीवन के सभी ऐशो-आराम हासिल कर सके। कुछ लोग इसके लिए ख़ूब मेहनत भी करते हैं, लेकिन इसका कोई फ़ायदा नहीं होता है। जबकि वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बिना मेहनत के भी ख़ूब धन इकट्ठा कर लेते हैं। कई बार लोग इसका मतलब नहीं समझ पाते हैं, लेकिन शास्त्रों में इसके पीछे के कारणों के बारे में बताया गया है। भविष्यपुराण के अनुसार तीन ऐसे समय के बारे में बताया गया जिस समय भूलकर भी नहीं सोना चाहिए।

भूलकर भी ना सोएँ इन समयों में:
*- देर तक सोना:

शास्त्रों में देर तक सोने को बहुत बुरा माना गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य की दृष्टि से भी देर का तक सोना हानिकारक होता है। सुबह के समय जागने पर सूर्य की किरणों से निकलने वाली किरणे हमारे शरीर को कई तरह से फ़ायदा पहुँचाने का काम करती हैं। शास्त्रों के अनुसार जो लोग देर तक सोते हैं उनके ऊपर धन की देवी महालक्ष्मी की कभी कृपा नहीं होती है। ऐसे लोगों के पास कितना भी पैसा क्यों ना हो वे कभी भी संतुष्ट नहीं रहते हैं। ऐसे लोगों को हर समय मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोग ज़्यादा समय तक स्वस्थ्य भी नहीं रह पाते हैं। इसीलिए हर व्यक्ति को सूर्योदय से पहले ही उठ जाना चाहिए। सुबह का समय स्वास्थ्य के दृष्टि से वरदान होता है। शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त के विशेष महत्वों के बारे में बताया गया है।

*-दोपहर में सोना:

कुछ लोगों की आदत होती है कि वह सुबह तो जल्दी जग जाते हैं कि उसकी पूर्ति के लिए दोपहर में सो जाते हैं। शास्त्रों में दोपहर में सोना अपशकुन माना जाता है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफ़ी नुक़सानदायक होता है। दिन में सोने वाले लोग मोटापे के शिकार हो जाते हैं। दोपहर में सोने से पचानतंत्र ख़राब हो जाता है जिससे स्वास्थ्य सम्बंधी कई परेशनियाँ खड़ी हो जाती हैं। शास्त्रों के अनुसार दोपहर का समय कर्म करने के लिए श्रेष्ठ समय होता है, इसलिए इस समय में काम करना चाहिए।

*- सूर्यास्त के समय सोना:

यह सोने का तीसरा ग़लत तारिक होता है। कुछ लोग सूर्यास्त के समय भी सोते हैं। आपको बता दें शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त का समय देवी-देवताओं की पूजा का समय होता है। जो लोग इस समय सोते हैं, उनके उओर कभी भी किसी देवी-देवता की कृपा नहीं होती है। बिना कारण जो लोग सूर्यास्त के समय सोते हैं उन्हें किसी भी काम में सफलता नहीं मिलती है। एक प्राचीन मान्यता के अनुसार सूर्यास्त के समय सभी देवी-देवता पृथ्वी का भ्रमण करते हैं। जो लोग इस समय सोते हैं वो दुर्भाग्य के शिकार होते हैं।

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