करोड़पति बना देगा चावल का सिर्फ यह एक उपाय, बस शर्त ये हे की इसे करने से पहले इसके बारे में न बताये किसी को !

पैसा या धन का मोह केवल वर्तमान में ही नहीं बल्कि प्राचीन काल में भी था. तब चलती थीं सोने-चांदी की अशर्फियां. लेन-देन में उपयोग होते थे सोने-चांदी के जेवर भी. उस समय भी अमीर-गरीब होते थे. लोग अमीर बनने की कोशिशें भी करते थे. तब मेहनत के साथ ही चमत्कारी उपायों का चलन भी सर्वाधिक था. काफी लोग ऐसे उपाय करते थे. रातोंरात बदल जाती थी उनकी किस्मत.

चमत्कारी उपाय अलग-अलग चीजों से किए जाते थे. जैसे गोमती चक्र, कौड़ी, बिल्वपत्र, शहद, हल्दी, काली हल्दी. चावल से भी होते थे चमत्कारी उपाय. आज भी होते हैं. यहां जानिए चावल से मालामाल होने के चमत्कारी उपाय. वैदिक काल यानी प्राचीन काल में करते थे लोग ये उपाय.

चावल को अक्षत भी कहा जाता है और अक्षत का अर्थ है अखंडित. जो टूटा हुआ न हो वही अक्षत यानि चावल माना गया है. शास्त्रों के अनुसार यह पूर्णता का प्रतीक है. इसी वजह से सभी प्रकार के पूजन कर्म में भगवान को चावल अर्पित करना अनिवार्य माना गया है. इसके बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है.

चावल चढ़ाने से भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्त को देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है. प्रति सोमवार शिवलिंग का विधिवत पूजन करें. पूजन में बैठने से पूर्व अपने पास करीब आधा किलो या एक किलो चावल का ढेर लेकर बैठें. पूजा पूर्ण होने के बाद अक्षत के ढेर से एक मुट्ठी चावल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करें.

इसके बाद शेष चावल को मंदिर में दान कर दें या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे दें. ऐसा हर सोमवार को करें. इस उपाय को अपनाने से कुछ ही समय में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे. धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई सटीक उपाय बताए गए हैं. जिन्हें अपनाने से सभी प्रकार के ग्रह दोष दूर होते हैं और आय बढऩे में आ रही समस्त रुकावटें दूर हो जाती हैं.

एक अन्य उपाय के अनुसार किसी भी शुभ मुहूर्त या होली के दिन या किसी भी पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठें. सभी नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं. इसके बाद लाल रंग का कोई रेशमी कपड़ा लें. अब उस लाल कपड़े में पीले चावल के 21 दानें रखें. ध्यान रहें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होना चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दाना न रखें. उन दानों को कपड़े में बांध लें.

लाल कपड़े में 21 पीले चावल के दाने बांधने के बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें. पूजा में यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें. पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छिपाकर रख लें. ऐसा करने पर महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन संबंधी मामलों में चल रही रुकावटें दूर हो जाती हैं.

ऐसा करने पर धन संबंधी परेशानियां दूर होने लगेंगी. ध्यान रखें कि पर्स में किसी भी प्रकार की अधार्मिक वस्तु कतई न रखें. इसके अलावा पर्स में चाबियां नहीं रखनी चाहिए. सिक्के और नोट अलग-अलग व्यस्थित ढंग से रखे होने चाहिए. नोट के साथ बिल या अन्य पेपर न रखें. किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु पर्स में न रखें. चावल को पीला करने के लिए हल्दी का प्रयोग करें. इसके लिए हल्दी में थोड़ा पानी डालें. अब गीली हल्दी में चावल के 21 दानें डालें.

इसके बाद अच्छे से चावल को हल्दी में रंग लें. चावल रंग जाए इसके बाद इन्हें सुखा लें. इस प्रकार तैयार हुए पीले चावल का उपयोग पूजन कार्य में करें. शास्त्रों के अनुसार पीले चावल का उपयोग पूजन कर्म में करने से देवी-देवताओं की कृपा बहुत ही जल्द प्राप्त हो जाती है.

किसी भी देवी-देवता को निमंत्रण देने के लिए चावल को पीला किया जाता है. पीले चावल देकर आमंत्रित किए गए भगवान अवश्य ही भक्त के घर पधारते हैं. यदि पर्स में पीले चावल रखेंगे तो महालक्ष्मी की कृपा भी आप बनी रहेगी.