सुबह सुबह इस चोपाई को सुनले सालो साल दौड़ेंगे रुके हुए काम

दोस्तों आज में आपको हनुमान जी की 2 ऐसी चोपाई के बारे में बताने जा रहा हु जो आपके परिवार और आप पर कभी भी कोई संकट नहीं आने देगा और साथ ही आपके सभी काम बनने लगेंगे और आपको कभी भी धन की कमी नहीं होगी इन्द्र के वज्र से जब हनुमान जी मुर्छित हो गये थे तब पुत्र को छटपटाते हुए देखकर पिता वायुदेव ने अपना वेग रोक दिया और उस समय हनुमान जी को देवताओं ने विभिन्न वरदान दिए थे।

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ब्रह्माजी ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “इस बालक को कभी ब्रह्मशाप नहीं लगेगा और यह शत्रुओं के लिए भयंकर और मित्रो के लिए अभयदाता बनेगा एवं इच्छानुसार स्वरुप पा सकेगा।” इन्द्रदेव ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “मेरा वज्र भी इस बालक को नुकसान नहीं पहुंचा पायेगा।” सूर्यदेव ने भी कहा कि “इस बालक को में अपना तेज प्रदान करता हूं।” यमदेव ने वरदान दिया कि “यह बालक सदा निरोगी एवं मेरे दण्ड से मुक्त रहेगा”। तो आइये जानते है इन 2 चौपाइयों के बारे में —

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भूत-पिशाच निकट नहीं आवे।
महाबीर जब नाम सुनावे।।

यदि व्यक्ति को किसी भी प्रकार का भय सताता है तो नित्य रोज प्रातः और सायंकाल में 108 बार इस चौपाई का जाप किया जाये तो सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है।

बिद्यबान गुनी अति चातुर।
रामकाज करीबे को आतुर।।

यदि किसी व्यक्ति को विद्या और धन चाहिए तो निम्न पंक्तियों के जप से हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। विद्या और चतुराई को प्राप्त करने के लिए तो यह चौपाई राम-बाण है। प्रतिदिन 108 बार ध्यानपूर्वक जप करने से, व्यक्ति को धन सम्बंधित दुःख दूर हो जाते हैं।

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