देवउठनी एकादशी बना धन योग 11 रुपए रख दे यहां चारो तरफ से आएगा पैसा ही पैसा

दोस्तों आज यानी की सोमवार को साल की सबसे शुभ और फलदायी एकादशी है जिसे देवउठनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. आज भगवान विष्णु चार महीने की नींद के बाद जगेंगे. इस तिथि से ही सारे शुभ काम जैसे, विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य होने शुरू हो जाते हैं. देवउठनी एकादशी का व्रत करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने जितना फल प्राप्त होता है. आज ही के दिन शलिग्राम से तुलसी विवाह भी किया जाता है.

देवउठनी एकादशी के दिन से शादियों का शुभारंभ हो जाता है. सबसे पहले तुलसी मां की पूजा होती है. देवउठनी एकादशी के दिन धूमधाम से तुलसी विवाह का आयोजन होता है. तुलसी जी को विष्णु प्रिया भी कहा जाता है, इसलिए देव जब उठते हैं तो हरिवल्लभा तुलसी की प्रार्थना ही सुनते हैं. देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से की जाती है.

सबसे पहले एकादशी के दिन व्रत रखने से सर्वप्रथम आपको एक 10 का एंव 1रुपए को सिक्का लेना होगा। आपको बता दें कि आप इस बात का आवश्य ध्यान रखें कि इस उपाय को करने के लिए सिर्फ 10 एंव 1 रुपए के सिक्के का ही इस्तेमाल करें। उसमें कोई नोट का चलन आपने आप ही ना चलाएं।

जब आप पूजा करें तो आपको माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान दोनों के एक ऐसी चित्र मूर्ति से ही पूजा करें जहां दोनों ठीक ढंग से एक साथ विराजमान हो सकें। फिर आपको सिक्कों को लेकर अपने पूजा स्थल पर भी बैठना होगा जहां पर माता लक्ष्मी एंव विष्णु भगवान की अपने मूर्ति को रखा है इसके बाद आपको ध्यान रहें कि आपको 21 बार ”ॐ नम: भगवते वासुदेवाय ” नाम का जाप करना होगा।

यह जाप करने के बाद आपको एक लाल रंग की पोटली में उन 11 रुपए को बांध कर अपने दाहिने हाथ पर रखकर इच्छाएं बोलनी है अपनी इच्छांए ही बोले कोई दुख दर्द नहीं बोले पोटली को किसी ऐसे जगह पर रखें जहां आप अपने कीमती समान को रखते हैं।

इस मूल्यवान चीज को आप अपनी तिजोरी में अगली एकादशी तक रखें। फिर एकादशी में उस पोटली को खोलकर उन 11 रुपए से कुछ खरीदकर लोगों को खिला दें। पैसो की कृपा आप पर जरूर बनी रहेगी माता लक्ष्मी को आपके घर में हमेशा रहेगी।

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