इस अंगूठी को पहनने से खुद किस्मत झुकती है कदमो में, शास्त्रों में भी लिखी हे ये बात

पैसो की तंगी हो और आप अपनी इनकम बढ़ाना चाहते है, किसी कार्य में सफलता पाने के लिए आप कई सालो से प्रयास कर रहे, किसी महत्वपूर्ण परीक्षा में आप पास होना चाहते है अथवा कोई परेशानी या बीमार आपको या फिर आपके परिवार को काफी लम्बे समय से घेरे हुए है तो दोस्तों अब आपको चिंता करनी की आवश्यकता नहीं क्योकि हम जिस चीज़ के बारे में आपको बता रहे है वह साक्षात् देवता का आशीर्वाद है तथा आपकी हर परेशानी का हल.
हम बात कर रहे है काले घोड़े के नाल की. शास्त्रों में यह प्रमाणित है की काले घोड़े की नाल में शनि देव का वास होता है. इसमें इतनी शक्ति होती है की न केवल ज्योतिष शास्त्र बल्कि तंत्र शास्त्र में भी इसका उपयोग किया जाता है. ऐसा कहा गया है की यदि काले घोड़े की नाल आपके पास हो तो असंभव कार्य भी संभव हो जाता है।
घोड़े की नाल का प्रयोग उसकी खुर यानि पैर की सुरक्षा करने के लिए किये जाता है जिसके कारण उसके खुर को कोई हानि नहीं पहुँचती ठीक उसी तरह जब इस नाल को हम अपनी सुरक्षा के लिए उपयोग करते हैं तब ये हमें कला जादू, बुरी नजर, किसी के द्वारा डाली गयी कार्य में रूकावट और तमाम दूसरी बुरी शक्तियों से हमारी, हमारे परिवार और व्यपार की रक्षा करता है।
काले घोड़े की नाल घर के मुख्य दरवाजे में लगे होने से कोई भी बुरी ताकत आपके घर में कदम भी नहीं रखा पाती तथा गरीबी उस घर से कोषों दूर रहती है. काले घोड़े की नाल को इतना शक्तिशाली बताया गया है की यह घर के दरवाजे पर हो तो उस घर में किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं आती है.
संत ज्ञानियों का कहना हैं की आप चाहे जितने भी पूजा पाठ , हवन , यज्ञ आदि कर लें लेकिन फिर भी आप शनि देव को खुश करने में नाकाम हो जाते हैं । वही काले घोड़े की नाल में ऐसी शक्तियां होती जो आपको शनि देव की किसी भी दशा से मुक्ति दिला सकती हैं और आपके ऊपर चल रहे ग्रहो के प्रभाव को निष्प्रभावित कर देती है.
साइंस में भी इसकी महत्वपूर्णता का वर्णन किया गया है. अगर साइंटिफिक नजरिये से देखा जाये तो घोड़े की नाल की नाल से बनी अंगूठी धारण करने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है साथ ही ये आपके शरीर में आयरन की अवशोषण को भी बेहतर बनाती है। इतना ही नहीं ये रिंग आपके मन से भय यानि डर को दूर करने में भी लाभदायक होती है और जिन लोगों को मानसिक तनाव (स्ट्रेस) और डिप्रेशन की प्रॉब्लम है उनके लिए भी ये अंगूठी खास तौर पर उपयोगी मानी जाती है। ये आपको अच्छी नींद दिलाने में भी मदद करती है।
कभी कभी सब टोटके और इलाज अपनाने के बाद भी कोई बीमारी ठीक नहीं होती और वो लम्बे समय तक चलती रहती है। साथ ही कई नवयुवक और नवयुवतियों को नौकरी, शादी और प्रतियोगी परीक्षा में दिक्कतें आती रहती हैं । इन दोनों ही स्थितियों में काले घोड़े की नाल से बनी अंगूठी धारण करने से तुरंत लाभ मिलता है।
ये स्टूडेंट्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स का सेल्फ कॉन्फिडेंस और मेन्टल लेवल अच्छा करने भी मदद करती है। कई बार आप मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों के कारण अपने जीवन में असफल हो जाते हैं अतः जिन लोगो के जीवन में ऐसी कोई समस्या है वो लोग काले घोड़े की नाल की बनी अंगूठी धारण करे वे अपनी सभी समस्याओं से निजात पाएंगे। इसे धारण करने वाला मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने लगता है तथा तमाम प्रकार कष्ठ दूर होने लगते हैं। स्टूडेंट्स को सफलता मिलती है और कारोबारी को अच्छा कारोबार। साथ ही उसके जीवन में शांति का संचार होता है।
दुसरे प्रतियोगी चाहे वो पढाई में हों या कारोबार में हर कोई दुसरे को नीचे गिराने की कोशिश में लगा रहता है । कुछ लोग तो इर्ष्या के कारण टोने टोटके,काला जादू आदि बुरी विध्याओं का सहारा लेकर आपको नीचे करने की कोशिश में लगे रहते हैं। आप उनके दुष्ठ इरादों को काले घोड़े की नाल को अपने घर, दूकान, प्रॉपर्टी और शरीर पर ग्रहण करके खत्म कर सकते हैं ।
कई बार हमें ऐसा लगता है की हमारे आस पास कोई है या कोई हमें देख रहा है । इस स्तिथि में काले घोड़े की नाल की बनी अंगूठी धारण करके आप बुरी ऊर्जा को भगा सकते है .इस अंगूठी को धारण करने से चित मजबूत होता है और डर दूर होता है।
ये नाल आपके लक को बढाकर आपके बिज़नस और कारोबार को बढ़ाने में बहुत मददगार होती है । साथ ही जो लोग जॉब करते हैं उन्हें भी जॉब में तरक्की जल्दी मिलती है और उनका दबदबा भी दूसरों पर बढ़ता है ।
दोस्तों यदि आप काला घोड़े की नाल तथा अंगूठी खरीदना चाहते है तो निचे दिए में जाकर आप इसे अपने घर मंगा सकते है.

काले घोड़े की नाल और अंगूठी

भांग पीने के पीछे क्या था कारण,शिव को क्यों अर्पित की जाती हैं भांग

 

भोले बाबा का त्यौहार महाशिवरात्रि पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा हैं.सभी भक्त शिव को भांग,धतूरा ,बेलपत्र , अर्पित कर भोले बाबा को प्रसन्न करने में व्यस्त हैं,भोले बाबा को चढ़ाई जाने जाने वाली भांग भक्त भी प्रसाद समझकर ग्रहण करते हैं. इस भांग को भोले द्वारा ग्रहण क्यों किया जाता हैं ? क्या सोचा हैं कभी आपने भोले को भांग क्या इतनी पसंद थी. भांग पीने के पीछे भी एक कथा हैं.

समुद्र मंथन के समय जब समुद्र से अनेक प्रकार के रत्न ,अमृत और भी कई चीजे निकली तो साथ में हलाहल भी निकला हलाहल के बहार निकलते ही देवताओ में चिंता व्याप्त हो गयी ,इससे धरा में जनमानस का क्या होगा तब सभी देवगण शिव के पास गए और शिव की उपासना कि और हलाहल से बचने के लिए उपाय पूछा तब शिव ने हलाहल को स्वयं ग्रहण करने का निश्चय कर विष को अपने कंठ में ही रोक लिया ,इस प्रकार शिव का एक और नाम नीलकंठ पड़ा. हलाहल विष का प्रभाव जब उनके शरीर पर होने लगा तब शिव ने विष के प्रभाव को कम करने के लिए भांग का सेवन किया.

शिव और भांग के इस कथा को आधार मानते हुए शिव भक्तो में यह मान्यता हैं कि चाहे महाशिवरात्रि हो या सावन का महीना भांग को शिव का प्रसाद मानते हुए इसे ग्रहण करना चाहिए इससे शिव भक्तो का शरीर भी पवित्र हो जाता हैं.और शिव को चढ़ाये जाने वाली सामग्रियों में बेलपत्र ,धतूरा के साथ भांग का भी उतना ही महत्व हैं.इससे शिव भी प्रसन्न होते हैं.

14 फरवरी बड़ी रात घी का दीपक जला दे घर में इस जगह खुल जायेंगे बंद किस्मत के ताले

 

महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस तिथि पर शिवजी और मां पार्वती का विवाह हुआ था। शिवजी की कृपा से सभी देवी-देवताओं की कृपा मिलती है और रुके हुए सभी काम पूरे हो जाते हैं। आइए जानते है शिवरात्रि पर शिवजी को प्रसन्न करने योग्य कुछ ज्योतिष उपाय

महाशिवरात्रि पर छोटा सा पारद (पारा) शिवलिंग लेकर आएं और घर के मंदिर में इसे स्थापित करें। शिवरात्रि से शुरू करके रोज़ इसकी पूजा करें। इस उपाय से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है।

शिवरात्रि पर रात में किसी शिव मंदिर में दीपक जलाएं। शिवपुराण के अनुसार कुबेर देव ने पूर्व जन्म में रात के समय शिवलिंग के पास रोशनी की थी। इसी वजह से अगले जन्म में वे देवताओं के कोषाध्यक्ष बने।

यदि आप चाहें तो शिवरात्रि पर स्फटिक के शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं। घर के मंदिर में जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से इस शिवलिंग को स्नान कराएं। मंत्र – ॐ नमः शिवाय। मंत्र जप कम से कम 108 बार करें।

जो लोग शिवरात्रि पर किसी बिल्व वृक्ष के नीचे खड़े होकर खीर और घी का दान करते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे लोग जीवनभर सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं और कार्यों में सफल होते हैं

ल चढ़ाते समय शिवलिंग को हथेलियों से रगड़ना चाहिए। इस उपाय से किसी की भी किस्मत बदल सकती हैं।

जल में केसर मिलाएं और ये जल शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुडी समस्याएं खत्म होती हैं

आज शिवरात्रि की रात मनोकामना मांगते समय जपे 3 अक्षर का ये मंत्र 1 घंटे बाद देखे चमत्कार

 

महाशिवरात्रि 2018 पर भगवान श‍िव के सभी भक्‍त उनको प्रसन्‍न करने के लिए तमाम उपाय करेंगे। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर अगर ॐ नमः शिवाय यानी श‍िचव मूल मंत्र का जाप किया जाए तो महादेव हर मनोकामना की पूर्ति करते हैं। यूं तो श‍िव भक्‍त सोमवार को उनकी आराधना के समय अक्‍सर इस मंत्र का जाप करते हैं लेकिन महाश‍िवरात्र‍ि के मौके पर पूजा में इस मंत्र का उच्‍चारण भक्‍तों को अपने ईष्‍ट के और करीब लेकर जाता है।

ॐ नमः शिवाय का 108 बार प्रतिदिन उच्चारण और भगवान शंकर की पूजा आपको हर बाधाओं से मुक्ति दिलाता है

धन प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर बेल पत्र अर्पित करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। फिर भोलेनाथ की विधिवत आरती करें। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होगी।

सुबह श्वेत वस्त्र धारण करके शिवलिंग पर महादेवाय नमः मंत्र का जाप करें। इससे भगवान शंकर के साथ देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और ऐसा करने से भगवान भक्तों को धन-धान्य से परिपूर्ण करते हैं।

शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, दुर्वा और बेलपत्र चढ़ाकर शिव मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करने से आयु में वृद्धि होती है।

भगवान शिव की पूजा करते समय ऊं नमो भगवते रुद्राय मंत्र का जाप करने से भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्रेमी युगलो को मिलाते हैं :इश्किया गजानन

 

भारत में सभी मंदिर अपनी कोई न कोई विशेषता के लिए प्रसिद्द हैं. चाहे वो मनोकामना पूरी करने से लेकर संतान प्राप्ति,मुक़दमे में जीत,भूत प्रेत बाधा हराने,तंत्र मंत्र में जीत ,पर आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं ,जहा प्रेमी युगल अपने रिश्ते के लिए मनौती मांगने आते हैं. सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा पर ये बात सच हैं की जोधपुर में जूना मंडी स्थित गुरु गणपति (इश्किया गणेश मंदिर) प्रेमी युगल की जोड़ी बनाने के लिए प्रसिद्द हैं.

कई देश पहले जब फेसबूक,व्हाट्सप्प नहीं था तन जिन युवक युवतियों की सगाई हो चुकी थी, वे बात करने गुरु गणपति के मंदिर आते थे, फिर धीरे धीरे सबको जानकारी होने पर युवक युवतियों की संख्या बढ़ने लगी . और यह मंदिर प्रेमी युगलो की आस्था का प्रतीक बन गया. इस मंदिर में गणपति की मूर्ति का इतिहास बताता हैं की तालाब से खुदाई के दौरान इसे निकाला गया था,और फिर इसे पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित कर दिया था. बाद में वर्तमान पुजारी बद्री प्रसाद सारस्वत जी ने पीपल के पेड़ के नीचे गंदगी देखकर मूर्ति को हटा दिया और मंदिर का निर्माण कर मूर्ति वहाँ स्थापित कर दी. पहले जब यहाँ प्रेमी युगल आते थे तो उन्हें भगा दिया जाता था ,पर उनकी आस्था कम नहीं हुयी ,और प्रेमी युगल का आना जारी रहा. और इस तरह इस मंदिर का नाम इश्किया गणेश मंदिर हो गया.

वैसे तो हर बुद्धवार को(गणेश जी का दिन ) यहाँ प्रेमी युगलो कि भीड़ होती हैं पर इस बार इसके ख़ास होने की एक वजह ये भी हैं कि बुद्धवार का दिन , और आज वैलेंटाइन डे दोनों हैं.

जो भी करता है इस तरह पूजा सीधे भगवान तक पहुँचती है उसकी हर बात

 

देवी-देवताओं की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो भगवान जल्दी प्रसन्न हो सकते हैं। पूजा-पाठ से न केवल भगवान की कृपा मिलती है, बल्कि मन को शांति भी मिलती है। रोज सुबह पूजा करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। आज भी अधिकतर लोग इस परंपरा का पालन कर रहे हैं। यहां जानिए पूजा करते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए…

1. सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव, विष्णु ये पंचदेव कहे गए हैं। इनकी पूजा सभी कार्यों में करनी चाहिए।

2. घर के मंदिर में मूर्ति लकड़ी, पत्थर या धातु की स्थापित की जाना चाहिए।

3. गंगाजी में, शालिग्राम शिला में और शिवलिंग में सभी देवताओं का पूजन बिना आवाहन-विसर्जन किया जा सकता है।

4. मूर्तियों की घर में चल प्रतिष्ठा और मंदिर में अचल प्रतिष्ठा करना चाहिए।

5. तुलसी का एक-एक पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए, उसका अग्रभाग तोड़ें। मंजरी को भी पत्तों के साथ तोड़ना चाहिए।

6. देवताओं पर बासी फूल और जल नहीं चढ़ाएं। चढ़ाते समय फूल का मुख ऊपर रखना चाहिए।

7. पूजा में ये 10 बातें जरूर ध्यान रखें। पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, निवेदन, गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य।

8. अगर मंत्र याद न हो तो भगवान के नामों के जाप से और यदि यह भी न कर सके तो बिना किसी मंत्र के ही जल-चंदन आदि चढ़ाकर पूजा करनी चाहिए।

9. विनम्रता के साथ मंदिर या पूजा गृह में प्रवेश करें। देवताओं का ध्यान कर साष्टांग प्रणाम करें।

10.पवित्र आसन पर बैठकर पूजा करनी चाहिए।

16 फरवरी सूर्य ग्रहण इन 4 राशि वालो पर टूटेगा दुखो का पहाड़

 

नमस्कार दोस्तों आज महा शिवरात्रि है और आज बेहद शुभ संयोग बन रहा है जिसके कारण 4 राशिवाले लोगो का भाग्ये जागने वाला है तो आइये जानते इस आज शिवरात्रि के इस शुभ मुहूर्त में कोनसी है वो 4 रशिया ,,,,,,,

मिथुन

आज आपके अच्छे रिश्तों के चलते आपके सभी काम बनेंगे. कारोबार के लिए भी दिन शुभ रहेगा. लेकिन मानसिक तनाव बढ़ सकता है.

मीन

मीन राशि वालें आज स्वभाव में नरमी एवं भावुकता रहेगी. परिवारवालों का सहयोग मिलेगा. किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी.

मेष

आज आप संवेदनशीलता का अनुभव करेंगे. आज आप मां की बीमारी की चिंता से गुजरेंगे. लेकिन आज आपको मित्रों का सहयोग मिल सकता है.

वृषभ

आज आप का दिन बहुत शुभ रहेगा. चिंता कम रहेगी. मन खुश रहेगा. लेकिन स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें.

इस एक शिवलिंग में समाहित हैं करोड़ो शिवलिंग

देवादिदेव महादेव के शिवरात्रि के पावन अवसर पर जगह जगह शिव महिमा का गुणगान सभी शिवभक्त अपने अपने तरीके से कर रहे हैं. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सभी शिवभक्त पूजन सामग्री भांग ,धतूरा,बेलपत्र,आदि शिव को अर्पित कर रहे हैं.और भोले की कृपा पाने के लिए मंत्रोचार से शिव का अभिषेक कर रहे हैं.

दक्षिण भारत में विशाखापट्टम में भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए वहाँ  एक 1 करोड़ 8 शिवलिंगो से भोले का भव्य शिवलिंग बनाया हैं. यह शिव लिंग अपने आप में एक अनूठा शिवलिंग हैं.इसे देखने के लिए जगह जगह से लोग आ रहे हैं और इस शिवलिंग के साथ सेल्फी ले रहे हैं.

अपने आप यह शिवलिंग विहंगम और मनोरम हैं.जिसे देखकर भक्त लोग आनंदित हैं.भारत में 1 करोड़ 8 शिवलिंग से बना यह शिवलिंग भव्य और अनुपम हैं .

सावधान सूर्य ग्रहण के कारण इन 2 राशियों पर आने वाला है भारी संकट

 

14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं जो रात्रि 8 बजकर 8 मिनट पर होगा. सूर्य इस राशि में 13 फरवरी 3:02 मिनट तक रहने वाले हैं. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से कुछ राशि के जातकों को काफी हद तक फायदा पहुंचने वाला है तो वहीं 2 राशि के जातकों को इससे बचकर रहना होगा. आइये बताते हैं आपको उन दो राशि के बारे में..

कन्या राशि: इस राशि के जातकों को सूर्य के मकर में प्रवेश करने से बचके रहना होगा. इस राशि के लोगों को अपने बच्चों का इस समय ख़ास ख्याल रखना होगा. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में दिक्कतें आ सकती हैं. अपने ऑफिस या जो भी काम करते हो वहां के लोगों से रिश्तों में मधुरता रखें नहीं तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. पैसों से संबंधित किसी भी कार्य के लिए सोच समझकर कदम उठायें वरना बर्बाद हो सकते हैं. कुछ भी ऐसा फैसला नहीं ले जो आपको एक-एक पैसे के लिए मोहताज कर दे. इस लिए इन दिनों में इस बात का खास ध्यान रखें.

तुला राशि: सूर्य का मकर राशि में जाने से तुला राशि के लोगों पर बुरा असर पड़ने वाला है. बता दें कि इस राशि के जातकों के घर में अशांति बनी रहेगी. अपने प्रोफेशनल में क्रोध बिल्कुल ना लायें वरना ये आपके पर्सनल लाइफ में मतभेद पैदा कर सकते हैं. घर के बड़े लोगों से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. इन दिनों बचके रहें नहीं तो आपके साथ किसी भी तरह की अनहोनी हो सकती है. कोई भी अनहोनी आपको एक एक पैसे के लिए मोहताज बना सकती है.

कुल्लू में स्थित हैं अमरनाथ से ऊंचा शिवलिंग

 

देवादिदेव महादेव के मंदिरो का स्वरूप मनोरम हैं , 12 ज्योतिर्लिंग में ज्योतिर्लिंगों की महिमा न्यारी हैं, हर ज्योतिर्लिंग का अपना एक इतिहास एवं विशेषता हैं . इसी क्रम में भोले बाबा का एक मंदिर जो हिमाचल प्रदेश में कुल्लू घाटी में स्थित हैं वहाँ के अंजनी महादेव मंदिर की विशेषता ही कुछ और हैं, इस स्थान विशेष के बारे में कहा जाता हैं की यहाँ माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति के लिए भगवन शिव की आराधना की थी. और महादेव ने प्रसन्न होकर माता अंजनी को दर्शन दिए.

अंजनी महादेव के मंदिर को कुल्लू का छोटा अमरनाथ कहा जाता हैं. इस मंदिर की ख़ास विशेषता यहाँ का हिमशिवलिंग हैं,बर्फ़बारी के समय यह लिंगम 20 से 30 फ़ीट का हो जाता हैं ,अभी इसका आकर 40 फ़ीट का हो गया हैं,जो अमरनाथ से भी ऊंचा हैं.


यहाँ दिसम्बर से लेकर अप्रैल तक पर्यटकों की भीड़ होती हैं. हर साल दिसम्बर से शिवलिंग आकार लेना शुरू करता हैं ,और बर्फ़बारी के साथ इसका आकार बढ़ता जाता हैं.