प्रेमी युगलो को मिलाते हैं :इश्किया गजानन

 

भारत में सभी मंदिर अपनी कोई न कोई विशेषता के लिए प्रसिद्द हैं. चाहे वो मनोकामना पूरी करने से लेकर संतान प्राप्ति,मुक़दमे में जीत,भूत प्रेत बाधा हराने,तंत्र मंत्र में जीत ,पर आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं ,जहा प्रेमी युगल अपने रिश्ते के लिए मनौती मांगने आते हैं. सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा पर ये बात सच हैं की जोधपुर में जूना मंडी स्थित गुरु गणपति (इश्किया गणेश मंदिर) प्रेमी युगल की जोड़ी बनाने के लिए प्रसिद्द हैं.

कई देश पहले जब फेसबूक,व्हाट्सप्प नहीं था तन जिन युवक युवतियों की सगाई हो चुकी थी, वे बात करने गुरु गणपति के मंदिर आते थे, फिर धीरे धीरे सबको जानकारी होने पर युवक युवतियों की संख्या बढ़ने लगी . और यह मंदिर प्रेमी युगलो की आस्था का प्रतीक बन गया. इस मंदिर में गणपति की मूर्ति का इतिहास बताता हैं की तालाब से खुदाई के दौरान इसे निकाला गया था,और फिर इसे पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित कर दिया था. बाद में वर्तमान पुजारी बद्री प्रसाद सारस्वत जी ने पीपल के पेड़ के नीचे गंदगी देखकर मूर्ति को हटा दिया और मंदिर का निर्माण कर मूर्ति वहाँ स्थापित कर दी. पहले जब यहाँ प्रेमी युगल आते थे तो उन्हें भगा दिया जाता था ,पर उनकी आस्था कम नहीं हुयी ,और प्रेमी युगल का आना जारी रहा. और इस तरह इस मंदिर का नाम इश्किया गणेश मंदिर हो गया.

वैसे तो हर बुद्धवार को(गणेश जी का दिन ) यहाँ प्रेमी युगलो कि भीड़ होती हैं पर इस बार इसके ख़ास होने की एक वजह ये भी हैं कि बुद्धवार का दिन , और आज वैलेंटाइन डे दोनों हैं.

जो भी करता है इस तरह पूजा सीधे भगवान तक पहुँचती है उसकी हर बात

 

देवी-देवताओं की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो भगवान जल्दी प्रसन्न हो सकते हैं। पूजा-पाठ से न केवल भगवान की कृपा मिलती है, बल्कि मन को शांति भी मिलती है। रोज सुबह पूजा करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। आज भी अधिकतर लोग इस परंपरा का पालन कर रहे हैं। यहां जानिए पूजा करते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए…

1. सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव, विष्णु ये पंचदेव कहे गए हैं। इनकी पूजा सभी कार्यों में करनी चाहिए।

2. घर के मंदिर में मूर्ति लकड़ी, पत्थर या धातु की स्थापित की जाना चाहिए।

3. गंगाजी में, शालिग्राम शिला में और शिवलिंग में सभी देवताओं का पूजन बिना आवाहन-विसर्जन किया जा सकता है।

4. मूर्तियों की घर में चल प्रतिष्ठा और मंदिर में अचल प्रतिष्ठा करना चाहिए।

5. तुलसी का एक-एक पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए, उसका अग्रभाग तोड़ें। मंजरी को भी पत्तों के साथ तोड़ना चाहिए।

6. देवताओं पर बासी फूल और जल नहीं चढ़ाएं। चढ़ाते समय फूल का मुख ऊपर रखना चाहिए।

7. पूजा में ये 10 बातें जरूर ध्यान रखें। पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, निवेदन, गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य।

8. अगर मंत्र याद न हो तो भगवान के नामों के जाप से और यदि यह भी न कर सके तो बिना किसी मंत्र के ही जल-चंदन आदि चढ़ाकर पूजा करनी चाहिए।

9. विनम्रता के साथ मंदिर या पूजा गृह में प्रवेश करें। देवताओं का ध्यान कर साष्टांग प्रणाम करें।

10.पवित्र आसन पर बैठकर पूजा करनी चाहिए।

16 फरवरी सूर्य ग्रहण इन 4 राशि वालो पर टूटेगा दुखो का पहाड़

 

नमस्कार दोस्तों आज महा शिवरात्रि है और आज बेहद शुभ संयोग बन रहा है जिसके कारण 4 राशिवाले लोगो का भाग्ये जागने वाला है तो आइये जानते इस आज शिवरात्रि के इस शुभ मुहूर्त में कोनसी है वो 4 रशिया ,,,,,,,

मिथुन

आज आपके अच्छे रिश्तों के चलते आपके सभी काम बनेंगे. कारोबार के लिए भी दिन शुभ रहेगा. लेकिन मानसिक तनाव बढ़ सकता है.

मीन

मीन राशि वालें आज स्वभाव में नरमी एवं भावुकता रहेगी. परिवारवालों का सहयोग मिलेगा. किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी.

मेष

आज आप संवेदनशीलता का अनुभव करेंगे. आज आप मां की बीमारी की चिंता से गुजरेंगे. लेकिन आज आपको मित्रों का सहयोग मिल सकता है.

वृषभ

आज आप का दिन बहुत शुभ रहेगा. चिंता कम रहेगी. मन खुश रहेगा. लेकिन स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें.

इस एक शिवलिंग में समाहित हैं करोड़ो शिवलिंग

देवादिदेव महादेव के शिवरात्रि के पावन अवसर पर जगह जगह शिव महिमा का गुणगान सभी शिवभक्त अपने अपने तरीके से कर रहे हैं. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सभी शिवभक्त पूजन सामग्री भांग ,धतूरा,बेलपत्र,आदि शिव को अर्पित कर रहे हैं.और भोले की कृपा पाने के लिए मंत्रोचार से शिव का अभिषेक कर रहे हैं.

दक्षिण भारत में विशाखापट्टम में भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए वहाँ  एक 1 करोड़ 8 शिवलिंगो से भोले का भव्य शिवलिंग बनाया हैं. यह शिव लिंग अपने आप में एक अनूठा शिवलिंग हैं.इसे देखने के लिए जगह जगह से लोग आ रहे हैं और इस शिवलिंग के साथ सेल्फी ले रहे हैं.

अपने आप यह शिवलिंग विहंगम और मनोरम हैं.जिसे देखकर भक्त लोग आनंदित हैं.भारत में 1 करोड़ 8 शिवलिंग से बना यह शिवलिंग भव्य और अनुपम हैं .

सावधान सूर्य ग्रहण के कारण इन 2 राशियों पर आने वाला है भारी संकट

 

14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं जो रात्रि 8 बजकर 8 मिनट पर होगा. सूर्य इस राशि में 13 फरवरी 3:02 मिनट तक रहने वाले हैं. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से कुछ राशि के जातकों को काफी हद तक फायदा पहुंचने वाला है तो वहीं 2 राशि के जातकों को इससे बचकर रहना होगा. आइये बताते हैं आपको उन दो राशि के बारे में..

कन्या राशि: इस राशि के जातकों को सूर्य के मकर में प्रवेश करने से बचके रहना होगा. इस राशि के लोगों को अपने बच्चों का इस समय ख़ास ख्याल रखना होगा. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में दिक्कतें आ सकती हैं. अपने ऑफिस या जो भी काम करते हो वहां के लोगों से रिश्तों में मधुरता रखें नहीं तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. पैसों से संबंधित किसी भी कार्य के लिए सोच समझकर कदम उठायें वरना बर्बाद हो सकते हैं. कुछ भी ऐसा फैसला नहीं ले जो आपको एक-एक पैसे के लिए मोहताज कर दे. इस लिए इन दिनों में इस बात का खास ध्यान रखें.

तुला राशि: सूर्य का मकर राशि में जाने से तुला राशि के लोगों पर बुरा असर पड़ने वाला है. बता दें कि इस राशि के जातकों के घर में अशांति बनी रहेगी. अपने प्रोफेशनल में क्रोध बिल्कुल ना लायें वरना ये आपके पर्सनल लाइफ में मतभेद पैदा कर सकते हैं. घर के बड़े लोगों से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. इन दिनों बचके रहें नहीं तो आपके साथ किसी भी तरह की अनहोनी हो सकती है. कोई भी अनहोनी आपको एक एक पैसे के लिए मोहताज बना सकती है.

कुल्लू में स्थित हैं अमरनाथ से ऊंचा शिवलिंग

 

देवादिदेव महादेव के मंदिरो का स्वरूप मनोरम हैं , 12 ज्योतिर्लिंग में ज्योतिर्लिंगों की महिमा न्यारी हैं, हर ज्योतिर्लिंग का अपना एक इतिहास एवं विशेषता हैं . इसी क्रम में भोले बाबा का एक मंदिर जो हिमाचल प्रदेश में कुल्लू घाटी में स्थित हैं वहाँ के अंजनी महादेव मंदिर की विशेषता ही कुछ और हैं, इस स्थान विशेष के बारे में कहा जाता हैं की यहाँ माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति के लिए भगवन शिव की आराधना की थी. और महादेव ने प्रसन्न होकर माता अंजनी को दर्शन दिए.

अंजनी महादेव के मंदिर को कुल्लू का छोटा अमरनाथ कहा जाता हैं. इस मंदिर की ख़ास विशेषता यहाँ का हिमशिवलिंग हैं,बर्फ़बारी के समय यह लिंगम 20 से 30 फ़ीट का हो जाता हैं ,अभी इसका आकर 40 फ़ीट का हो गया हैं,जो अमरनाथ से भी ऊंचा हैं.


यहाँ दिसम्बर से लेकर अप्रैल तक पर्यटकों की भीड़ होती हैं. हर साल दिसम्बर से शिवलिंग आकार लेना शुरू करता हैं ,और बर्फ़बारी के साथ इसका आकार बढ़ता जाता हैं.

भूल से भी शाम को ना दे घर की ये 5 चीज़ पानी की तरह बहा ले जाती है घर का पैसा

समाज में रहते हुए हम पड़ोसी से किसी चीज का आदान-प्रदान कर ही लेते हैं। ज्योतिष शास्त्रों का मानना है कि कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनका सूर्यास्त के बाद लेन-देन करना आपके लिए गलत साबित हो सकता है। शास्त्रों में इसे अपशकुन माना गया है, तो आज हम जानते हैं उन चीजों के बारे में, जिनका सूर्यास्त के बाद लेन-देन अशुभ होता है।

धन

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माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद किसी को धन देने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है और ऐसा करने से लक्ष्मी घर में प्रवेश नहीं करती है।

झाड़ू

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वैसे तो आप लोग भी जानते हैं कि झाड़ू मां लक्ष्मी का प्रतीक होती है। सूर्यास्त के बाद झाड़ू किसी को देने से घर में धन की बरकत नहीं होती।

दूध

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सूर्यास्त के बाद किसी को दूध देने से मानसिक चिंता बढ़ जाती है। दूध को शुक्र ग्रह का कारक माना जाता है।

हल्दी

ज्योतिष शास्त्र में हल्दी का संबंध गुरु ग्रह से माना है और गुरु भाग्य का कारक है अतः सूर्यास्त के बाद हल्दी किसी को देना दुर्भाग्य का कारण बन सकती है।

महाशिवरात्रि की रात पूजा करते समय करे ये छोटा सा काम मिलेगा 1000 पुण्य का फल

 

महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाने का ज्योतिष की दृष्टि से विशेष कारण है। इस दिन क्षीण चंद्रमा के माध्यम से पृथ्वी पर आलौकिक लयात्मक शक्तियां आती हैं, जो जीवनदायिनी होती हैं। कृष्ण चतुर्दशी को चंद्रमा का बल अति क्षीण हो जाता है। अत: मन को अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जप, तप, ध्यान व शिव सुमिरन से मनुष्य अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत व उत्सर्जित करता है।

एक ऐसा खाद्य पदार्थ जो किसी देवता पर नहीं चढ़ाया जाता जिसे हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता पर चढ़ाना या भोजन में उसका इस्तेमाल निषिद्ध माना गया है वो है गाजर। गाजर को शास्त्रों में हड्डी का रूप माना गया है। शास्त्रों के अनुसार गाजर धरती के नीचे उत्पन्न होती है और इस पर सूर्य की किरणें नहीं आ पाती इसी कारण इसे खाने पर ही रोक है परंतु एकमात्र भगवान शंकर ही ऐसे हैं जिन पर गाजर अवश्य रूप से महाशिवरात्रि पर चढ़ाई जाती है।

शिवरात्री के दिन शाम अथवा सारी रात अगले दिन सुबह होने तक के समय गाजर शिवलिंग पर चढ़ाकर शेष गाजर प्रसाद रूप में हलवे, खीर अथवा सलाद के रूप में खाने से रक्त जनित समस्याएं समाप्त होती हैं तथा व्यक्ति के भाग्य और धन में भी वृद्धि होती है। जिनका आज व्रत है वो इस गाजर को कल खा सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गाजर पर मंगल का अधिपत्य होता है। कालपुरूष सिद्धांत के अनुसार मंगल दक्षिण दिशा को संबोधित करता है तथा कुण्डली का दसवां घर इसका पक्का घर माना गया है। कुण्डली का दसवां घर व्यक्ति के करियर और प्रोफैशन को संबोधित करता है। गाजर खाने से व्यक्ति के करियर में निखार आता है इसी कारण से व्यक्ति का धन और आर्थिक क्षेत्र प्रबल होता है।

महा शिवरात्रि की रात सिर्फ 1 चम्मच दही का ये महा उपाय आंधी की तरह आएगा पैसा आपके घर

 

पुरे देशभर में आज महाशिव रात्रि मनाई जाएगी। और शिवरात्रि, हिन्दू परंपरा का एक बहुत बड़ा पर्व है। इसे फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। माना जाता है इस दिन शिव जी का प्राकट्य हुआ था। इसके अलावा शिव जी का विवाह भी इस दिन माना जाता है। इस दिन महादेव की उपासना से व्यक्ति की हर कामना पूर्ण हो सकती है

बेलपत्र के प्रयोग से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं , अतः बेलपत्र का प्रयोग जरूर करें। जल की धारा जीवनदायिनी होती है , अतः जितनी ज्यादा और जितना समय तक जलधारा का प्रयोग करेंगे , उतना ही उत्तम होगा। शिवरात्रि को रात्रि जागरण विशेष फलदायी होती है, अतः रात्रि में शिव पूजा अवश्य करें।

पूजा करने की विधि ……

प्रातः काल स्नान करके शिव पूजा का संकल्प लें. सूर्य को अर्घ्य दें , तथा शिव जी को जल अर्पित करें। इसके बाद पंचोपचार पूजन करके शिव जी के मन्त्रों का जाप करें। रात्रि में शिव मन्त्रों के अलावा रुद्राष्टक अथवा शिव स्तुति का पाठ भी कर सकते हैं। अगर चार पहर पूजन करते हैं तो पहले पहर में दूध , दूसरे में दही , तीसरे में घी और चौथे में शहद से पूजन करें। हर पहर में जल का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

शिवरात्रि का महाउपाय ……

रात्रि में शिवजी के समक्ष घी का दीपक जलाएं। इसके बाद उन्हें “शमी पत्र” अर्पित करें। साथ में उन्हें रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष भी अर्पित करें।”नमः शिवाय” का यथाशक्ति जाप करें। जो भी मनोकामना है, उसके पूर्ण हो जाने की प्रार्थना करें। इसके बाद रुद्राक्ष को गले में धारण कर लें।
दूध,दही,शहद,शक्कर और घी से भगवान शिव का अभिषेक करें। एक एक करके चीज़ें अर्पित करें। एक साथ चीज़ें न मिलाएं। इसके बाद जल धारा अर्पित करें .”ॐ पार्वतीपतये नमः” का यथाशक्ति जप करें. फिर धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।

सिर्फ 2 अक्षर का मन्त्र जपे मंगलवार की रात दुनिया की हर चीज़ होगी कदमो में खुद हनुमान भी जपते थे इसे

मंगलवार का दिन हनुमान जी का होता है इस दिन हनुमान जी से जुड़ा कोई भी उपाय अति शीघ्र फल देता है . ऐसा इसलिए क्योकि कलयुग में भी हनुमान जी श्शरीर मौजूद है. माता सीता के द्वारा दिए एक वरदान के कारण हनुमान आज भी पृथ्वी पर विचरण करते है और अपने भक्तो के दुःख दूर करते है.

दोस्तों हनुमान जी की कृपा जिस व्यक्ति पर हो जाए उस व्यक्ति का कोई भी बाल बांका नहीं कर सकता.शत्रु ही नहीं मृत्यु भी उस व्यक्ति के पास नहीं भटकती है.

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है एक ऐसी ही रक्षा कवच की जिसमे सक्षात हनुमान जी का वास है. इस रक्षा कवच को गले में धारण करने से ही व्यक्ति की सारी परेशानी समाप्त हो जाती है तथा अपने आप ही उसको हर कार्यो में सफलता प्राप्त होने लगती है.हनुमान जी के इस रक्षा कवच की विशेषता इतनी अधिक है की पुराण में भी यह वर्णित है भगवान श्री राम ने रावण को इसी रक्षा कवच की सहायता से पराजित किया था.

हनुमान जी का यह रक्षा अपने आप में भगवान की शक्ति रखता है जिससे हर परेशानी को खत्म किया जा सकता है. हनुमान भक्त इस कवच की अद्भुत शक्ति को जानते है .

इस कवच को पहनने से भुत, प्रेत, चांडाल, व बुरी आत्माओ से भी हमे बचता है. टोना टोटका, काला जादू तो इसके आगे पराजित हो जाते है. दोस्तों इस कवच को आप मंगलवार की रात या किसी भी समय भगवान श्री राम का 3 बार नाम लेकर धारण करे . आप इस को पहनने के साथ ही अपने आप में एक अद्भुत शक्ति का अहसास करने लगेंगे.

आप की सारी चिंता परेशानी हमेसा के लिए छू मन्त्र हो जायेगी. दोस्तों जैसा की आप जानते है भगवान श्री राम का नाम हनुमान जी हमेसा जपते रहते थे. राम नाम ही हनुमान जी की असली शक्ति थी. इसी तरह इस रक्षा कवच को ऊर्जा प्रदान करने के लिए आप भगवान श्री राम का 3 बार नाम लेकर इसे धारण करना है.

तथा इसका प्रभाव आपको इसके पहनने के बाद ही दिखने को मिल जाएगा. जब भी आप किसी भारी मुसीबत में घिरे हो तो भगवान श्री राम का नाम ३ बार लेकर इस रक्षा कवच को अपने माथे में लगा दे या फिर किसी महत्वपूर्ण काम अथवा परीक्षा में जाना हो तो यही क्रिया करे आपको आपके हर कार्य में सफलता मिलेगी.

हनुमान जी के इस रक्षा कवच को हमारे विद्वान पंडितो द्वारा मंत्रो से सिद्ध किया है . जिस कारण इसका फल दोगुना हो जाता है. दोस्तों यदि आप इस रक्षा कवच को खरीदना चाहते है तो आप इस वीडियो के निचे दिए डिस्क्रप्शन में जाकर खरीद सकते है.

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