शनिवार को खरीदने जा रहे है ये 2 चीज़ तो हो जाए सावधान वरना हो जाओगे बर्बाद

दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कुछ उपाय जो हमें शनिवार को करने चाहिए जिससे हमारे ऊपर शनि महाराज की कृपा बनी रहे और हमें कार्य में सफलता मिलती रहे तथा किसी कार्य में रुकावट ना हो।

1. शनिवार को पीपल के पेड़ के पास आपको देसी घी का दीपक जलाना चाहिए इससे आपकी मनकामना पूर्ण होती है।

2. शनिवार को आप को सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी काले कुत्ते को खिलानी चाहिए इससे शनि, राहु और केतु के दोष दूर होते हैं।

3. शनिवार को आपको सुबह स्नान के बाद एक कटोरी सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर तेल को किसी को दान कर दें ऐसा करने से आपकी सारी बाधाएं दूर होंगी।

4. दोस्तों शनिवार के दिन आपको काली मिर्च और काले तिल को नहीं खरीदना चाहिए इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

5.शनिवार के दिन लोहा और लोहे से बनी चीजों को नहीं लानी चाहिए इससे घर में दरिद्रता तथा नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

इन 2 कपड़ो को पहन भूल से भी न बैठे पूजा में वरना आप पर बरसेगा भगवान का क्रोध

वास्तु के अनुसार घर और ऑफिस में तुलसी का पौधा, गुड़हल, अनार का पेड़, बेल का वृक्ष, केले का पेड़, अशोक वृक्ष, शमी का पेड़, नींबू, आंवला, नीम लगाना चाहिए। पुराणों में इन पेड़-पौधों को शुभ माना गया है। इनमें से कुछ की पूजा की जाती है तो कुछ में देवी-देवताओं का निवास माना गया है। घर और ऑफिस में लगे इन शुभ पेड़-पौधों का सीधा असर आपकी सेहत और पैसों पर पड़ता है। इनके शुभ प्रभाव से बीमारियां दूर होती हैं। झगड़े, टेंशन, डिप्रेशन और पैसों का नुकसान भी नहीं हाेता। जानिए कौन से पेड़-पौधे किस दिशा में लगाने चाहिए।

तुलसी -यह पौधा नकारात्मकता दूर करता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का पौधा घर या ऑफिस की पूर्व दिशा या पूर्व-उत्तर के कोने में रखना चाहिए। इससे धन लाभ और मानसिक शांति मिलती है। इस पौधे कोदक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए।

सफेद मदार -यह पौधा पूर्व-उत्तर के कोने में या इन दिनों दिशाओं में लगाया जा सकता है। इससे धन लाभ और अचानक फायदा होता है। इस पौधे के शुभ फल से हर तरह के काम सिद्ध होते हैं और दुश्मनों पर जीत मिलती है। मनमुटाव नहीं होता और प्रेम बना रहता है।
केले का पेड़ -वास्तु शास्त्र के अनुसार केले का पेड़ ईशान कोण में यानी पूर्व-उत्तर दिशा में होना चाहिए। इस पेड़ के प्रभाव से मन शांत रहता है। आकर्षण बढ़ता है। हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। इसके प्रभाव से घर में शांति और सुख बढ़ता है।
आंवला -यह पेड़ हर तरह का पाप खत्म करता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार आंवला के वृक्ष पर सभी देवताओं का वास है।घर या ऑफिस में आंवले का पेड़ उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए। इससे हर तरह की इच्छाएं पूरी होती हैं और घर का हर तरह का कष्ट निवारण हो जाता है।

अशोक -इस पेड़ को घर या ऑफिस की उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। इससे हर तरह का दोष खत्म होता है। सेविंग बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है।

13 जून तक ना छुए इन 2 कामो को अन्यथा घर की लक्ष्मी हो जाएगी खाली

हिंदू धर्म के अनुसार आज से मलमास का माह शुरु हो रहा है। यह 16 मई से 13 जून तक चलेगा। इसे अधिकमास या फिर पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। इससे जुड़ी हुई कई धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में कोई भी शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने पर व्यक्ति को उनके शुभ फल प्राप्त नहीं होते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इन दिनों में क्या-क्या काम नहीं करने चाहिए।

जानिए क्या न करें

मलमास के दौरान विवाह, मुंडन, नव वधू प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, नया वाहन खरीदना, बच्चे का नामकरण संस्कार जैसे शुभ काम अधिकमास के दौरान नहीं किये जा सकते। हालांकि, जो काम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं, उन्हें किया जा सकता है। मृत व्यक्ति का प्रथम श्राद्ध किया जा सकता है। इसके अलावा रोग आदि की निवृत्ति के लिए महामृत्युंजय, रूद्र जप जैसे अनुष्ठान किए जा सकते हैं।

अधिकमास के दौरान सभी पवित्र कर्म वर्जित माने गए हैं। माना जाता है कि अतिरिक्त होने के कारण यह मास मलिन होता है। मलिन मानने के कारण ही इसे मलमास भी कहा जाता है। इसके अलावा इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। अधिकमास के अधिपति स्वामी भगवान विष्णु माने जाते हैं।

बीमारी तो क्या मौत भी रहेगी कोसो दूर जिस दिन गले में पहनी ये चमत्कारी माला

दोस्तों सनातन हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र एवं पुण्यदायिनी माना गया है। इसका हमारे जीवन में आध्यात्मिक तथा आयुर्वेदिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इसकी पूजा, अर्चना करने से, तथा देव पूजन में भगवान विष्णु को अर्पण करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।

दूसरी ओर इसके उपयोग से रोग, शोक, ताप, पाप की शांति होती है। दोस्तों तुलसी अपने नाम के अनुसार ही श्यामवर्ण की होती हैं तथा रामा तुलसी हरित वर्ण की होती है। तुलसी की माला गले में धारण करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। तुलसी की माला धारण करने से विशेष रूप मानसिक शांति प्राप्त होती है। ईश्वर के प्रति श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है। मन में सकारात्मक भावना का विकास होता है। और साथ ही माँ लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।आध्यात्मिक उन्नति के साथ ही पारिवारिक तथा भौतिक उन्नति होती है।

दोस्तों जिस व्यक्ति के गले में यदि तुलसी की माला हो तो उस व्यक्ति को कोई भी बुरी शक्ति छू भी नहीं शक्ति तथा हमेशा उस व्यक्ति पर भगवान की दिव्य शक्ति रहती है और और आयुर्वेद में भी तुलसी को बहुत ही बड़ी औषद्धि का दर्जा दिया गया है दोस्तों इस माला को गले में डालने से भी कई बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है ।

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इस माला को शुभ वार, सोम, बुध, वृहस्पतिवार को गंगाजल से शुद्ध करके धारण करना चाहिए। रामा तुलसी माला: इस माला को विशेष रूप से देवपूजा, यज्ञकर्म, अध्ययन आदि में सफलता प्राप्ति के लिए धारण करना चाहिए, उसे धारण करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास में वृद्धि, तथा सात्विक भावनाएं जागृत होती हैं। अपने कर्तव्य पालन के पति मदद मिलती है। इस माला को शुभ वार, सोम, गुरु, बुध को गंगाजल से शुद्ध करके धारण करना चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार तुलसी माला, भगवान विष्णु, राम, कृष्ण, शिव देवी, हनुमान आदि देवताओं के भक्त, उपासक सात्विक भोजन करने वाले व्यक्तियों को धारण करने से विशेष शुभ फल की प्राप्ति होती है। प्राप्ति स्थान: फ्यूचर पाॅइंट कार्यालय से आप चांदी से जड़ित शुद्ध तुलसी माला प्राप्त कर सकते हैं।

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अगर शव यात्रा दिखे तो तुरंत बोल दे ये 2 नाम तुरंत होगी इच्छा पूरी

दोस्तों शास्त्रों में भी सबसे बड़े सत्य के बारे में कहा गया है की मृत्यु एक अटल सत्य है, चाहे कुछ भी हो जाए परन्तु मृत्यु को टाला नहीं जा सकता है. मनुष्य जीवन में धरती पर जन्म लिया है तो मरना तय है . मनुष्य ही नहीं बल्कि भगवान ने भी धरती में अवतरित होकर अपने शरीर को त्यागा था. इसलिए लाख कोशिश कर लो परन्तु मृत्यु से बचा नहीं जा सकता.

आज के इस वीडियो में हम आपको मृत्यु से संबंधित बहुत ही ख़ास बताने जा रहे है. दरअसल दोस्तों जब किसी व्यक्ति के मृत्यु के बाद उस व्यक्ति की शव यात्रा निकाली जाती है तो उस समय यदि कोई भी मनुष्य ये शब्द शव यात्रा को देखकर बोल दे तो उस व्यक्ति की मुराद पूरी हो जाती है तथा उसके जो काम बन नहीं रहे है वह बनने लगते है.

यदि आप लोगों के सामने अचानक से शव यात्रा आ जाए तो आप लोगों को हाथ जोड़कर उसकी आत्मा की शांति के लिए दुआ मांग लेनी चाहिए। ऐसा करने से आप लोगों के भी बिगड़े हुए काम जरूर बन जाएंगे और मरने वाले की आत्मा को शांति मिल जाएगी। शव यात्रा के एकदम से सामने आने पर भगवान शिव का स्मरण जरुर कर लेना चाहिए। सभी अधूरे काम जल्दी ही पूरे हो जाएंगे।

सिर्फ इस पंख को आप रखले अपने जेब में दुश्मन नुक्सान तो छोडो आँख मिलाने की भी हिम्मत नहीं करेगा

दोस्तों आज हम बताएंगे कौवे के पंख से किए जाने वाला बहुत ही दुर्लभ प्रयोग इससे बहुत ही ज्यादा आश्चर्यजनक लाभ आपको देखने को मिलेंगे. दोस्तों काफी लोग पूछते हैं कि कोर्ट कचहरी में सफलता पाने के लिए आखिर क्या चीज करें, या कोई परीक्षा है अथवा कोई महत्वपूर्ण कार्य जिस पर आप चाहते हैं कि आपको निश्चित तौर पर सफलता मिले. या फिर आपको कोई दुश्मन परेशान कर रहा है और आप नहीं चाहते कि आप अपने दुश्मन के सामने हारे तो इस प्रयोग को करने से आपको निश्चित ही फायदा मिलेगा.

दोस्तों दरअसल ऐसा होता है कि व्यक्ति बहुत ज्यादा मेहनत करता है परंतु फिर भी वह सफलता हासिल नहीं कर पाता. दरअसल कुछ चीजें व्यक्ति के हाथ पर नहीं होती वह व्यक्ति के भाग्य पर निर्भर करती है उसके कुंडली के ग्रह दशा के ऊपर यह चीज़ निर्भर करती है. तो ऐसे में दोस्तों को व्यक्ति बहुत ज्यादा निराश हो जाता है और इस कारण उसकी जिंदगी पर भी इसका असर पड़ता है. न केवल वह परेशान रहता है बल्कि उसका पूरा परिवार भी उसके साथ परेशान हो जाता है घर में एक नकारात्मक ऊर्जा फैल जाती है. तथा फिर उनके साथ बुरा ही बुरा हो जाता है.

दोस्तों इन सभी बुरे परिणामों से बचने के लिए आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जिसका लाभ आपको अवश्य मिलेगा. दोस्तों इस उपाय के लिए आपको देखना है कि आपके घर के आसपास सबसे ज्यादा कौवे कहां बैठते हैं. अगर आपके खुद के घर के छत पर ही कौवे बहुत ज्यादा आते हैं तो यह अच्छी बात है. दोस्तों कौवे को खाने के लिए कुछ दिनों तक जरूर दें अगर हो सके तो आप उन्हें मीठा खाने को रोज दे. ऐसा आपको लगातार 10 दिन तक करना है.

और १० दिन में आप किसी भी तरह कौवे का एक पंख ले ले. कभी कभी ऐसा होता है की कौवे के सफेद पंख भी निकल जाते है और यदि आपको कौवे का सफेद पंख मिल जाए तो यह बहुत ही अच्छी बात है. क्योकि यह बहुत ही दुर्लभ माना गया है. दोस्तों क्योकि कोवा भगवान शनि देव का वाहन है अतः इस पंख को आप सबसे पहले किसी शनि मंदिर में जाकर शनि देव के चरणों में रखे. अगर आप यह काम शनिवार को करे तो भी अच्छा है. अब आप शनि देव की पूजा कर. ॐ शं शनिचराय नमः मन्त्र का 21 बार जाप करे. और उस सफेद पंख को अपने जेब में डाल ले.

जब भी आप किसी जरूरी काम से निकले बस उस पंख को जेब में डाले आपका हर काम चाहे वह जॉब इंटरवयू हो या कोई परीक्षा अब को सफलता अवश्य मिलेगी. आपका दुश्मन आपसे आँख मिलाने तक का साहस नहीं कर पायेगा.

यदि आपके घर में भी रखा है प्लास्टिक में गंगाजल तो हो जाए सावधान आपने खुद बुलाई है गरीबी

इसमें कोई शक नहीं कि हर भारतीय घर में गंगाजल पाया जाता है. मगर कुछ लोग ऐसे भी है, जो गंगाजल को घर में रखने के नियम नहीं जानते. गौरतलब है, कि गंगाजल को इस दुनिया में सबसे पवित्र माना जाता है. ऐसे में पूजा पाठ के इलावा भारतीय शास्त्रों के अनुसार किसी भी चीज को शुद्ध करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए यदि आपके घर में गंगाजल है तो इसकी पवित्रता को बनाये रखना आपकी जिम्मेदारी है. बता दे कि इसकी पवित्रता को बनाये रखने के लिए कुछ शास्त्रीय नियमो का पालन करना बेहद जरुरी है.

इसके इलावा गंगाजल को पवित्र रखना इसलिए भी जरुरी है, क्यूकि यदि इसका अपमान किया जाए तो सभी देवी देवता नाराज हो जाते है. इसके साथ ही यदि इसे पवित्र न रखा जाएँ तो इससे घर की पवित्रता भी भंग होती है और जिस काम के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएँ वो कभी सफल नहीं होता. इसलिए आप जब भी अपने घर में गंगाजल रखे तो इन बातो का खास ध्यान रखे जो अभी हम बताने वाले है.

गौरतलब है, कि बहुत से लोग गंगाजल को प्लास्टिक की बोतल में रखते है. जब कि इससे गंगाजल की पवित्रता भंग होती है. इसके इलावा यदि वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो प्लास्टिक को विषैला माना जाता है. ऐसे में जहा तक हो सके गंगाजल को चांदी के बर्तन में ही रखे और अगर चांदी का बर्तन मौजूद न हो तो आप इसे ताम्बे या पीतल के बर्तन में भी रख सकते है. मगर इतना तो तय है, कि प्लास्टिक की बोतल में रखा गया गंगाजल आपके किसी भी कार्य के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता और न ही आपकी कोई मनोकामना पूरी कर सकता है.

इसके इलावा आप जब भी घर के किसी भी स्थान पर गंगाजल रखे तो इस उस स्थान की साफ़ सफाई जरूर करे. ऐसे में गंगाजल को पूजा घर में रखने की सलाह भी दी जाती है. बरहलाल आप घर के जिस भी कोने में गंगाजल रखे, तो वहां मासाहार या शराब का सेवन बिलकुल न करे. इसके साथ ही किसी भी कमरे के विशाल कोण में ही इसे रखे. बता दे कि गंगाजल को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और घर में ये ऊर्जा बनी रहती है. मगर इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखे कि इसे कभी अँधेरे कमरे या अँधेरे कोने में न रखे. इसके इलावा इसे प्रयोग करने से पहले अपने हाथ अच्छे से धो ले और इसे प्रणाम करने के बाद ही प्रयोग में लाएं.

बस बाहर दरवाजे पर लटका दे कदम रखना तो दूर आपका घर देखते ही थर-थर कापेंगी दुश्मन, दरिद्रता, परेशानी

पैसो की समस्या आज की दुनिया में सबसे बड़ी परेशानी है. हर कोई व्यक्ति धन कमाने के लिए मेहनत करता है परंतु धन की समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है. दोस्तों वैसे तो धन की समस्या का मुख्य कारण हमारी मेहनत होती है. परंतु कभी-कभी हम मेहनत करने के बावजूद इतना नहीं कमा पाते जितना हम आशा करते हैं अथवा हम कमाते तो हैं परंतु धन टिकता नहीं. इन सब का मुख्य कारण घर में स्थित नकारात्मक ऊर्जा है. और यदि हमारे घर में थोड़ी सी भी नकारात्मक उर्जा हो तो हम लाख कोशिश कर ले परंतु फिर भी हमें किसी ना किसी तरह पैसे की समस्या बनी रहती है. और वास्तु शास्त्र तथा ज्योतिष शास्त्र में तो यह बताया गया है कि घर में सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा घर के बाथरूम में होती है. जी हां ज्यादातर समस्या का कारण हमारे घर के बाथरूम के अंदर से नकारात्मक उर्जा होती है.

दोस्तों यदि आप अपने घर बाथरूम में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना चाहते हैं तो एक छोटे से उपाय को अवश्य अपनाएं. दोस्तों वास्तु में इस उपाय को बहुत ही खास माना गया है तथा यह बस करने मात्र से कि आपकी सभी नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत दूर कर देगा.
तो आइए दोस्तों जानते हैं कैसे हैं आप अपने नकारात्मक ऊर्जा को दूर करेंगे. दोस्तों यदि आपके बाथरूम में आईना लगा हुआ है इस बात का विशेष ध्यान रखें की कहीं बाथरूम का आइना आपके ठीक दरवाजे के सामने तो नहीं लगा. क्योंकि यदि दरवाजे के ठीक सामने कांच लगा होता है तो इससे नेगेटिव एनर्जी बहुत अधिक घर पर पड़ती है इसलिए यदि घर के बाथरूम के ठीक सामने शीशा लगा है तो उसे वहां से तुरंत हटा दें. घर में बार बार पानी का टपकना भी अशुभता लेकर आता है अतः यदि जब भी आपका पानी का काम खत्म हो जाता है तो तुरंत अपने नल को बंद कर दें. क्योंकि जिस घर में पानी की बर्बादी नहीं होती उस घर में माता लक्ष्मी का वास सदैव रहता है.

घर में ॐ स्वस्तिक त्रिशूल अपने घर के दरवाजे पर लगाने से यह घर की सारी नकरात्मक ऊर्जा को तुरंत निकाल बाहर करता है. इसके साथ ही यदि आपके साथ घर में प्रवेश करने वाली निगेटिव ऊर्जा को भी यह दरवाजे पर ही रोक वापस लोटा देता है. जिस घर के दरवाजे पर यह त्रिशूल टंगा होता है वहा कभी बिमारी, गरीबी , लड़ाई झगड़ा नहीं होता है. ना केवल वास्तु शास्त्र बल्कि ज्योतिष शास्त्र में भी ये कहा गया है की यह घर के दरवाजे पर जरूर टंगा होना चाहिए. दोस्तों यदि आप ॐ स्वस्तिक त्रिशूल खरीदना चाहते है तो आप यहाँ क्लिक कर ॐ स्वस्तिक त्रिशूल

यदि आपको लगता है कि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा अधिक फैली हुई है तो इसे कम करने के लिए यह छोटा सा काम आप अवश्य करें. अब यकीन नहीं मानेंगे परंतु शीघ्र अति शीघ्र आपको इसका असर केवल एक-दो दिन में ही देखने को मिल जाएगा. दोस्तो आपको बस करना यह है कि अपने बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी रख दे. इसका कारण यह है कि ज्योतिष शास्त्र में नीले रंग की बाल्टी को खुशहाली और शुभता का प्रतीक माना गया है इसके अलावा यदि वह बाल्टी पानी से भरी रहे तो आपके घर में कभी पैसों की भी कमी नहीं होगी.

यदि इस महीने आपको सपने में दिखे अपने मृत परिजन तो हो जाए खुश क्योकि आप होने वाले है मालामाल

नमस्कार दोस्तों स्वागत हैं आपका हमारे न्यूज चैनल में। जीवन और मरण जिदंगी का सबसे बड़ा सत्य हैं जो दुनिया में आता हैं उसे एक ना एक दिन जाना ही होता हैं हमलोग में से कई ऐसे लोग होंगे जिन्होंने अपनो को ये दुनिया छोड़कर जाते हुए देखा होगा ऐसे में कुछ वाक्य स्तर हैं की वे जाते हैं जब लोगों को उनके मरे हुए करीबी व्यक्ति सपनें में नजर आ जाते हैं इस दौरान होने वाला एहसास अपने आप में अनोखा और रहस्यमय होता हैं मनौ विज्ञान का मानना हैं की इस तरह के सपनों में खास मेसज छिपे होते हैं हमारे नजदीकी हमें इन सपनों के माध्यम से किसी चीज को लेकर गाइडेंस देने, किसी बात का आसवासन देने या आने वाले जिदंगी में होने वाली किसी बुरी घटना को लेकर सावधान करने को आते हैं इन सपनों में छुपे मेसज को कोई भी व्यक्ति समझकर अपनी लाइफ बदल सकता हैं दोस्तों आज हम आपको उस सपनों का अर्थ बतायंगे जो आपके मृत परिजन आपको देना चाहते हैं।

इन सपनों के दौरान होता हैं वास्तविकता का एहसास

इस तरह के सपनों के दौरान आने वाली भावनाओं का काफी तीर्व उज्जवलन होती हैं ऐसे में सपना देखने वाले को ये बिल्कुल भी आभास नहीं होता हैं की ये हकीकत नहीं एक सपना हैं कुछ मामलों में तो नींद खुलने के बाद भी इंसान इससे बाहर नहीं निकल पाता हैं ऐसे सपनों के प्रभाव को कुछ पलों से लेकर सालों तक बने रह सकते हैं।

जीवत रहते हुए जो बिमार थे वह भी स्वास्थ्य नजर आते हैं

इन सपनों में ए्क खास बात यह भी होती हैं की जो परिचित अपनी मौत के समय काफी बिमार और अस्वस्थय हैं वे सपनों में काफी स्वस्थ्य नजर आते हैं सपनों के दौरान देखने वाले को उनके चेहरे पर एक अलग ही तेज नजर आता हैं।

देने आती हैं सतुंष्टी भरा आसन

मरे हुए परिचित लोगो को ये आसवासन देते हैं की वे जहाँ भी हैं खुश हैं इसके साथ वे यह भी कहने आते हैं की हमें भी अपनी जिदंगी में खुश रहना चाहिए।

हमारी मदद करने आते हैं

रिश्तेदार या नजदीकी हमारे सपने में हमें बड़ी सकंट से बचाने आते हैं इसके अलावा वे कई बार जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फैसले में हमें गाइडेंस देने भी आते हैं।

इशारों में कह जाती हैं कई बात

सपनों में आने वाला हर करीबी कभी भी अपनी बात को शब्दों में बोलकर बयान नहीं करता हैं वे अपनी इशारों और हाव-भाव से अपनी बात को व्यक्त करता हैं

रसोई घर में छुपकर रख दो ये छोटी सी चीज़ घर के अनाज के बर्तन कभी नहीं होंगे खाली

शस्त्रों में बुधवार को बहुत शुभ दिन माना गया है और कहा जाता है की अक्सर इस दिन किए गए कार्य शुभ होते है, बुधवार को कृष्ण पक्ष की पंचमी भी कहा जाता है । बुधवार के दिन माँ अन्न्लक्ष्मी की पूजा की जाती है । अन्नपूर्णा माता दुनिया के सभी प्राणियों को भोजन देती हैं और सभी पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती है। ऐसा माना जाता है की मार्गशीर्ष महीने में माँ अन्नपूर्णा का व्रत रखने से मनुष्य के संकट दूर होते है, उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और उसकी हर इच्छा पूरी हो जाती है ।

सच्चे मन से इस व्रत को रखने वाले मनुष्य के घर में कभी धन की कमी नहीं होती और उस मनुष्य के शरीर में रोगो से लड़ने की क्षमता बनी रहती है । शस्त्रों के अनुसार माँ अन्नपूर्णा के भोग में रखा गया धनिया यदि आप अपने रसोई घर में छिपा कर रखे तो आपके घर में कभी अन्न और धन की अपार वर्षा होने लगेगी

मनुष्य का स्वास्थ कितना अच्छा होगा यह इस बात पर निर्भर करताहै कि वह कितना पौष्टिक भोजन करते है और अगर रसोई घर में जितनी सकारात्मक ऊर्जा होगी उतने ही शरीर स्वस्थ रहेगा। माँ अन्न्लक्ष्मी की पूजा वाले दिन मंदिर में जाकर गौघृत का दीपक जलाए, मेहंदी तथा सफ़ेद फूल चढ़ाएं तथा माँ अन्न्लक्ष्मी को धनिये की पंजीरी का भोग लगवाए।